साकेत कोर्ट: बांसुरी स्वराज केस में AAP को झटका, कंटेंट पर बैन

दिल्ली के साकेत कोर्ट ने भाजपा सांसद बांसुरी स्वराज की याचिका पर सुनवाई करते हुए आम आदमी पार्टी (AAP) के नेताओं द्वारा उनके खिलाफ वीडियो या किसी भी तरह की कथित मानहानिकारक सामग्री के प्रसारण पर अंतरिम रोक लगा दी है। यह आदेश 23 अप्रैल को प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश गुरविंदर पाल सिंह ने पारित किया।
क्या है पूरा मामला
भाजपा सांसद बांसुरी स्वराज ने आम आदमी पार्टी और उसके नेताओं सौरभ भारद्वाज व अंकुश नारंग के खिलाफ दीवानी मानहानि का मुकदमा दायर किया है। आरोप है कि आक्रोश मार्च के दौरान दिल्ली पुलिस द्वारा उनकी हिरासत के वीडियो को सोशल मीडिया पर इस तरह साझा किया गया, जिससे उनकी छवि को नुकसान पहुंचा।
कोर्ट का अंतरिम आदेश
अदालत ने प्रारंभिक सुनवाई के आधार पर माना कि मामले में मानहानि के तत्व दिखाई देते हैं। इसी के चलते कोर्ट ने आदेश दिया कि तीनों पक्षकार बांसुरी स्वराज के खिलाफ कोई भी आपत्तिजनक, भ्रामक या मानहानिकारक सामग्री प्रकाशित या प्रसारित न करें।
यह आदेश फिलहाल अंतरिम (अस्थायी) है और आगे की सुनवाई में इसे लेकर विस्तृत निर्णय लिया जाएगा।
याचिका में क्या मांग की गई
बांसुरी स्वराज ने अपनी याचिका में आरोप लगाया है कि उनके हिरासत में लिए जाने के वीडियो को गलत तरीके से प्रस्तुत कर उनकी सार्वजनिक छवि को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की गई। उन्होंने अदालत से मांग की है कि संबंधित नेताओं को इस तरह की गतिविधियों से स्थायी रूप से रोका जाए।
इसके अलावा उन्होंने 10 लाख रुपये हर्जाना, सार्वजनिक माफी और भविष्य में ऐसी सामग्री के प्रसारण पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की भी मांग की है।
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