सूरजकुंड हस्तशिल्प मेला 2026: देश-विदेश के कलाकार करेंगे प्रदर्शनी

कल से 39वां अंतरराष्ट्रीय सूरजकुंड हस्तशिल्प मेला अपने भव्य स्वरूप में आमंत्रित करने जा रहा है। मेले का मैदान फूलों और रंग-बिरंगी लाइटों से सजा हुआ है, और इस बार देश-विदेश से आए कलाकार और शिल्पकार अपनी कलाकृतियों, परिधान और सांस्कृतिक प्रदर्शनी के साथ दर्शकों का ध्यान आकर्षित करेंगे।
हर राज्य के व्यंजन चखने का मौका
जोन टू में 20 फूड स्टॉल और फूड कोट में करीब 39 स्टॉल लगाई गई हैं। इसमें सभी राज्यों के स्वादिष्ट व्यंजन पेश किए जाएंगे। थीम स्टेट उत्तर प्रदेश और मेघालय को विशेष स्थान दिया गया है, जहां प्रत्येक राज्य के 40 स्टॉल होंगे। मेघालय पहली बार थीम स्टेट है, जबकि उत्तर प्रदेश 2018 में भी थीम स्टेट रह चुका है। इन स्टॉल में स्थानीय संस्कृति, जीवनशैली और खानपान को आकर्षक ढंग से पेश किया जाएगा।
पार्किंग और शुल्क व्यवस्था
सूरजकुंड मेले में पार्किंग की सुविधा को निजी कंपनी द्वारा संचालित किया जाएगा। दुपहिया वाहन के लिए 50 रुपये, कार के लिए 200 रुपये, मिनी बस के लिए 300 रुपये और बड़ी बस के लिए 500 रुपये शुल्क तय किया गया है। मेले के पास कुल 11 पार्किंग स्थल बनाए गए हैं, ताकि किसी भी मार्ग से आने वाले लोग आसानी से पार्किंग कर सकें।
बस और शटल सेवा
पर्यटकों की सुविधा के लिए रोडवेज 20 बसों का संचालन करेगा। बसें सुबह 7 बजे से रात 9 बजे तक चलेंगी। इसके अलावा सप्ताहांत और छुट्टियों में अतिरिक्त बसें उपलब्ध रहेंगी। प्रमुख रूट्स में बल्लभगढ़ बस अड्डा, तुगलकाबाद और बड़खल मेट्रो स्टेशन शामिल हैं। शटल बसें प्रति 25 रुपये किराए पर चलेंगी, जबकि हैप्पी कार्ड धारक मुफ्त सफर कर सकते हैं।
रेल और निजी वाहन से पहुंचने की सुविधा
पलवल और फरीदाबाद रेलवे स्टेशनों से ईएमयू ट्रेन या अन्य ट्रेनों के माध्यम से पर्यटक मेले तक पहुंच सकते हैं। दिल्ली से आने वाले पर्यटक प्रह्लादपुर बॉर्डर, शूटिंग रेंज रोड और अन्य निर्धारित मार्गों से मेला परिसर में प्रवेश कर सकते हैं।
सुरक्षा और सार्वजनिक परिवहन का महत्व
ट्रैफिक पुलिस ने चेतावनी दी है कि सड़क किनारे या अवैध पार्किंग करने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी। पर्यटकों से अपील की गई है कि वे निजी वाहन के बजाय सार्वजनिक परिवहन का अधिक इस्तेमाल करें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना 112 पर दें।
इस वर्ष का सूरजकुंड मेला अपने भव्य आयोजनों, सांस्कृतिक झलकियों और स्वादिष्ट व्यंजनों के साथ हर उम्र के पर्यटक को आकर्षित करेगा।
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