स्वरा भास्कर के बयान पर भड़के अनिरुद्धाचार्य, बोले- चरित्रवान ही चरित्रवान का सम्मान करेगा

HIGHLIGHTS
- स्वरा भास्कर के बयान के बाद विवाद पर अनिरुद्धाचार्य ने प्रतिक्रिया दी।
- उन्होंने जौहर और नारी सम्मान को चरित्र से जोड़कर अपनी बात रखी।
- राहुल गांधी की मनुस्मृति संबंधी टिप्पणी पर भी प्रतिक्रिया दी।
अभिनेत्री स्वरा भास्कर की फिल्म ‘पद्मावत’ में जौहर के दृश्य को लेकर दिए गए बयान के बाद शुरू हुआ विवाद अब और बढ़ गया है। इस मामले पर कथावाचक अनिरुद्धाचार्य ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि जौहर और नारी के सम्मान से जुड़ी बात इतनी गहरी है, जिसे केवल चरित्रवान व्यक्ति ही समझ सकता है। उन्होंने कहा कि जो व्यक्ति चरित्रवान नहीं है, वह इन बातों की गहराई को समझ नहीं पाएगा। इसी दौरान उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी की मनुस्मृति और महिलाओं के पिता, भाई और पति पर निर्भर होने को लेकर की गई टिप्पणी पर भी प्रतिक्रिया दी।
‘पद्मावती जैसी महिलाएं पवित्र नारी थीं’
कथावाचक अनिरुद्धाचार्य ने कहा कि पद्मावती जैसी महिलाएं पवित्र नारी थीं और उन्हें सती कहा जाता है। उनके अनुसार, ऐसी महिलाओं ने अपने सम्मान की रक्षा के लिए अपने प्राणों का बलिदान किया।
उन्होंने कहा कि इन कहानियों से यह समझना चाहिए कि अगर जीवन से ज्यादा मूल्यवान कोई चीज है तो वह व्यक्ति का चरित्र है। उन्होंने कहा, “इसलिए जीवन चला जाए लेकिन चरित्र नहीं जाना चाहिए। यह इतनी गहरी बात है कि इसे कोई चरित्रवान व्यक्ति ही समझ सकता है। जो चरित्रवान नहीं है, वह इन बातों को समझेगा भी कैसे? चरित्रवान ही चरित्रवान का सम्मान करेगा।”
राहुल गांधी के बयान पर भी प्रतिक्रिया
राहुल गांधी द्वारा मनुस्मृति का उल्लेख करते हुए महिलाओं के पिता, भाई और पति पर निर्भर होने को लेकर की गई टिप्पणी पर अनिरुद्धाचार्य ने कहा कि राहुल गांधी को अन्य मुद्दों पर भी बोलना चाहिए।
उन्होंने सवाल किया, “राहुल गांधी कभी तीन तलाक के बारे में बोलें? राहुल गांधी कभी बुर्के के बारे में बोलें? राहुल गांधी कभी हलाला के बारे में बोलें? क्या हलाला नारी का सम्मान है? क्या तीन तलाक नारी का सम्मान है?”
उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी इन मुद्दों पर कुछ नहीं बोलते और केवल सनातन को निशाना बनाते हैं। अनिरुद्धाचार्य ने कहा, “सनातन का अपमान और अनादर करते रहते हैं।”
‘राहुल गांधी को मनुस्मृति थोड़ी पढ़ लेनी चाहिए’
अनिरुद्धाचार्य ने राहुल गांधी को मनुस्मृति पढ़ने की सलाह देते हुए कहा कि इसी ग्रंथ में “यत्र नार्यस्तु पूज्यन्ते” लिखा है। उन्होंने कहा कि यदि किसी को केवल बुराई ही देखनी है तो वह बुराई ही देखेगा।
उन्होंने कहा, “समाज ने तो माता सीता में भी बुराई ढूंढ ली। यदि आप मनुस्मृति में बुराई ढूंढना चाहें, जब अर्थ का अनर्थ ही करना है आपको, तो फिर अनर्थ करके बुराई ढूंढ लीजिए।”
उनके मुताबिक मनुस्मृति को समझने के लिए उसके संदर्भ और अर्थ को भी समझना जरूरी है। उन्होंने कहा कि किसी ग्रंथ में केवल बुराइयां तलाशने के बजाय उसके विचारों और संदेश को समझने की कोशिश करनी चाहिए।
‘अपने गिरेबान में झांककर देखना चाहिए’
अनिरुद्धाचार्य ने कहा कि दुनिया में हर तरह के लोग मौजूद हैं और हर जगह अच्छे और बुरे दोनों प्रकार के लोग मिलते हैं। उन्होंने संत कबीर की पंक्तियों का उल्लेख करते हुए कहा, “बुरा जो देखन मैं चला, बुरा न मिलिया कोय, जो दिल खोजा आपना, मुझसे बुरा न कोय।”
उन्होंने कहा कि किसी दूसरे में बुराई खोजने से पहले व्यक्ति को अपने भीतर झांकना चाहिए। अनिरुद्धाचार्य ने कहा, “अपने गिरेबान में झांककर देखना चाहिए।”
उन्होंने आगे कहा कि यदि किसी का सनातन से कोई संबंध नहीं है तो उसे केवल सनातन को निशाना बनाने, उसका अपमान करने और उसे बदनाम करने का प्रयास नहीं करना चाहिए।
‘सनातन में नारी को भगवान का दर्जा दिया गया’
नारी के सम्मान का उदाहरण देते हुए अनिरुद्धाचार्य ने कहा कि सनातन धर्म में नारी को भगवान का दर्जा दिया गया है। उन्होंने कहा कि दुर्गा मां देवी के रूप में विराजमान हैं, सीता मां भगवान राम के साथ और राधा जी भगवान कृष्ण के साथ हैं। उन्होंने कहा कि मंदिरों में भगवान के साथ भगवती की भी मौजूदगी होती है।
उन्होंने सवाल किया, “लेकिन मुसलमानों में अल्लाह को ईश्वर की उपाधि दी गई है पर क्या उनके यहां नारी को ईश्वर की उपाधि है? क्या ईसाइयों में नारी को भगवान की उपमा या उपाधि दी गई है? नहीं।”
अनिरुद्धाचार्य ने दावा किया कि नारी को इतना सम्मान केवल सनातन में मिलता है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी को कोई यह समझाए कि नारी का सम्मान सनातन धर्म में है।
‘मनुस्मृति पढ़ोगे तो धर्म का ज्ञान होगा’
मनुस्मृति का जिक्र करते हुए अनिरुद्धाचार्य ने कहा कि जहां नारी का सम्मान होता है, वहां देवी-देवताओं का वास होता है और सुख-समृद्धि आती है। उन्होंने राहुल गांधी से मनुस्मृति को थोड़ा पढ़ने की अपील की।
उन्होंने कहा कि यदि राहुल गांधी को मनुस्मृति समझ में नहीं आती तो उन्हें इसमें क्यों पड़ना चाहिए। अनिरुद्धाचार्य ने कहा, “मनुस्मृति पढ़ोगे तो धर्म का ज्ञान होगा कि हमें कैसे चलना चाहिए, धर्म के अनुसार कैसे जीवन जीना चाहिए।”
उन्होंने यह भी कहा कि किसी के ऊपर जबरदस्ती कोई बात थोपने की जरूरत नहीं है। उनके शब्दों में, “कोई जबरदस्ती थोड़ी कह रहा है कि नहीं, आप यह बात मान ही लीजिए। जो अच्छी लगे, मान लो। नहीं लगे तो छोड़ दो। इसमें बुराई ही क्या है।”
स्वरा भास्कर के ‘पद्मावत’ के जौहर सीन पर दिए गए बयान से शुरू हुए विवाद के बीच अनिरुद्धाचार्य की प्रतिक्रिया में उन्होंने नारी के सम्मान और चरित्र पर अपनी बात रखी। साथ ही मनुस्मृति और सनातन धर्म को लेकर राहुल गांधी की टिप्पणी पर भी सवाल उठाए।
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