कार दुर्घटना का क्लेम देने से किया इंकार, आयोग ने बीमा कंपनी पर लगाया आर्थिक दंड

शामली जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ने नेशनल इंश्योरेंस कंपनी, करनाल को दोषी ठहराते हुए कार बीमा क्लेम न देने के मामले में परिवादी मुरसलीन को 2,75,008 रुपये ब्याज सहित भुगतान करने का आदेश दिया है। आयोग ने कंपनी पर अनुचित व्यापार व्यवहार के लिए अतिरिक्त आर्थिक दंड भी लगाया।
परिवादी का आरोप: गलत जानकारी से कराया बीमा
गांव बलवा निवासी मुरसलीन ने अक्टूबर 2021 में आयोग में परिवाद दायर किया। उनका कहना था कि उन्होंने अपनी कार का ऑन डैमेज और थर्ड पार्टी बीमा करवाया था। बीमा एजेंट ने उन्हें भरोसा दिलाया था कि दुर्घटना होने पर केवल फाइल चार्ज पर क्लेम मिल जाएगा।
हालांकि, 18 महीने बाद उन्हें जानकारी दी गई कि उनका ऑन डैमेज बीमा समाप्त हो चुका है और केवल थर्ड पार्टी बीमा शेष है। इससे उन्हें नो क्लेम बोनस का लाभ भी नहीं मिल सका।
दुर्घटना के बाद क्लेम से इनकार
10 अगस्त 2021 को मुरसलीन की कार दुर्घटनाग्रस्त हो गई। क्लेम के लिए संपर्क करने पर पहले गाड़ी ठीक कराने से इनकार किया गया, और बाद में एक डीलर के माध्यम से आधा भुगतान का प्रस्ताव रखा गया, जिसे परिवादी ने ठुकरा दिया।
26 अगस्त 2021 को बीमा कंपनी ने वाहन चालक का नाम बदलने और वाहन को टैक्सी के रूप में उपयोग करने का आरोप लगाकर क्लेम पूरी तरह खारिज कर दिया।
आयोग का फैसला
आयोग के अध्यक्ष हेमंत कुमार गुप्ता ने मामले की सुनवाई के बाद नेशनल इंश्योरेंस कंपनी को 2,15,008 रुपये छह प्रतिशत वार्षिक साधारण ब्याज सहित क्लेम की तारीख से भुगतान करने का आदेश दिया। इसके अलावा, परिवादी को 10 हजार रुपये पारिवारिक व्यय के लिए और कंपनी पर अनुचित व्यापार व्यवहार के लिए 50 हजार रुपये का अर्थदंड राजकोष में जमा करने के निर्देश दिए गए।
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