यूपी: राज्य कर विभाग में 376 सहायक आयुक्तों के तबादले, सचल दल पोस्टिंग को लेकर उठे सवाल

HIGHLIGHTS
- राज्य कर विभाग में 376 सहायक आयुक्तों के तबादलों के बाद स्थानांतरण प्रक्रिया पर सवाल उठने लगे हैं।
- कुछ अधिकारियों को तय अवधि पूरी होने से पहले दोबारा सचल दल में तैनाती देने के आरोप लगाए जा रहे हैं।
- संवेदनशील जिलों में पोस्टिंग और कुछ अधिकारियों की जांच को लेकर विभाग में चर्चाएं तेज हैं।
लखनऊ। राज्य कर विभाग में 376 सहायक आयुक्तों के तबादलों की सूची जारी होने के बाद विभागीय स्थानांतरण प्रक्रिया को लेकर सवाल उठने लगे हैं। गुरुवार को जारी हुई सूची के बाद विभाग में चर्चा है कि कई अधिकारियों की तैनाती निर्धारित मानकों के अनुसार नहीं की गई है।
सबसे ज्यादा चर्चा सचल दल में हुई पोस्टिंग को लेकर है। आरोप लगाए जा रहे हैं कि विभागीय नीति का पालन नहीं किया गया और कुछ अधिकारियों को प्रतिबंध अवधि पूरी होने से पहले ही दोबारा सचल दल में तैनाती दे दी गई।
सहायक आयुक्तों की स्थानांतरण सूची को 15 जून तक जारी किया जाना था, लेकिन करीब एक महीने की देरी के बाद गुरुवार को इसे जारी किया गया। चर्चा है कि राजस्व के लिहाज से अहम जिलों में तैनाती के लिए अलग-अलग स्तरों से सिफारिशें और प्रस्ताव भेजे गए थे। हालांकि, शासन स्तर पर कुछ प्रस्तावों पर आपत्ति के बाद उनमें बदलाव भी किया गया।
विभाग की स्थानांतरण नीति के मुताबिक सचल दल में किसी अधिकारी की सामान्य तैनाती एक साल के लिए होती है। इसके बाद अधिकारी को वहां से हटा दिया जाता है और अगले तीन वर्षों तक उसी इकाई में दोबारा तैनाती नहीं दी जाती। यह व्यवस्था प्रवर्तन कार्यों में निष्पक्षता और पारदर्शिता बनाए रखने के उद्देश्य से लागू की गई है।
इसके बावजूद जारी सूची में कुछ ऐसे अधिकारियों के नाम सामने आने की चर्चा है, जिन्हें निर्धारित अवधि पूरी किए बिना ही फिर से सचल दल में भेज दिया गया। इनमें कुछ अधिकारियों को संवेदनशील और अधिक राजस्व वाले जिलों की जिम्मेदारी भी दी गई है।
सूत्रों के अनुसार, कुछ ऐसे अधिकारियों को भी महत्वपूर्ण पदों पर तैनाती मिली है, जिनके खिलाफ आय से अधिक संपत्ति से जुड़े मामलों में गोपनीय जांच चलने की बात कही जा रही है।
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