यूपी के 762 नगरीय निकायों में OTS योजना लागू, पुराने संपत्ति कर बकाये से मिलेगी राहत

HIGHLIGHTS
- योजना के तहत 17 नगर निगम, 200 नगर पालिका और 545 नगर पंचायतें शामिल होंगी।
- करदाताओं को कुल बकाये की एक-तिहाई राशि 30 दिनों में जमा करनी होगी।
- योजना से मिलने वाले राजस्व का उपयोग सड़क, पेयजल, स्वच्छता और प्रकाश व्यवस्था में किया जाएगा।
लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार ने नगरीय निकायों को आर्थिक तौर पर मजबूत और आत्मनिर्भर बनाने के लिए बड़ा फैसला लिया है। प्रदेश के सभी 762 नगरीय निकायों में लंबे समय से बकाया संपत्ति कर यानी गृहकर, जलकर और सीवरकर की वसूली के लिए एकमुश्त समाधान योजना (ओटीएस) लागू करने का निर्णय लिया गया है। सरकार की इस पहल से पुराने संपत्ति कर बकाये में फंसे लाखों करदाताओं को राहत मिलेगी और नगरीय निकायों की आर्थिक स्थिति भी मजबूत होगी।
इस योजना के दायरे में प्रदेश के 17 नगर निगम, 200 नगर पालिका परिषद और 545 नगर पंचायतों के लंबित संपत्ति कर के बकायेदार आएंगे। सरकार का उद्देश्य पुराने कर बकायों का आसान और व्यावहारिक तरीके से निस्तारण करना, करदाताओं पर आर्थिक दबाव कम करना और कर से जुड़े न्यायालयीय विवादों में कमी लाना है।
15 अगस्त से 15 दिसंबर तक चलेगी योजना
एकमुश्त समाधान योजना की अवधि चार महीने तय की गई है। इसे 15 अगस्त 2026 से लागू कर 15 दिसंबर 2026 तक चलाया जाएगा।
नगरीय निकायों की ओर से 15 अगस्त से 14 सितंबर 2026 के बीच सभी संबंधित करदाताओं और हितधारकों को योजना की जानकारी दी जाएगी। इसके साथ ही व्यापक प्रचार-प्रसार भी किया जाएगा, ताकि अधिक से अधिक पात्र करदाता इसका लाभ उठा सकें।
तीन किस्तों में जमा किया जा सकेगा बकाया
करदाताओं को सुविधा देने के लिए सरकार ने ओटीएस के तहत लंबित संपत्ति कर का भुगतान अधिकतम तीन किस्तों में करने का प्रावधान किया है।
योजना लागू होने की तारीख से 30 दिनों के भीतर करदाता को कुल बकाये की एक-तिहाई राशि जमा करनी होगी। बाकी दो-तिहाई रकम अगले दो महीनों में दो मासिक किस्तों के जरिए जमा की जा सकेगी। इस तरह योजना के तहत देय पूरी राशि का भुगतान अधिकतम तीन महीने की अवधि में पूरा करना अनिवार्य होगा।
निकायों की आय बढ़ेगी, शहरों में विकास कार्यों को मिलेगा लाभ
नगर विकास मंत्री अरविंद कुमार शर्मा ने कहा कि प्रदेश सरकार नगरीय निकायों को आर्थिक रूप से मजबूत और आत्मनिर्भर बनाने के साथ नागरिकों को बेहतर शहरी सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए लगातार काम कर रही है। उन्होंने ओटीएस योजना को इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल बताया।
उन्होंने कहा कि योजना के जरिए लंबे समय से लंबित कर बकाये का निपटारा होगा और करदाताओं को पुराने बकाये को खत्म करने का आसान अवसर मिलेगा। साथ ही, नगरीय निकायों को लंबित राजस्व की प्रभावी और समयबद्ध वसूली करने में मदद मिलेगी।
मंत्री एके शर्मा ने बताया कि इससे प्राप्त राजस्व का इस्तेमाल शहरों में सड़क, जल निकासी, पेयजल, स्वच्छता, प्रकाश व्यवस्था और अन्य जरूरी जनसुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए किया जा सकेगा।
उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य नगरीय निकायों की आय के स्रोतों को मजबूत करना है, ताकि वे विकास कार्यों के लिए अधिक सक्षम बन सकें। ओटीएस योजना के जरिए सरकार ने करदाताओं की सुविधा के साथ नगरीय निकायों की वित्तीय मजबूती, दोनों को प्राथमिकता दी है।
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