यूपी: CMO से वापस लिया गया डॉक्टर भर्ती का अधिकार, अब NHM करेगा पूरी नियुक्ति प्रक्रिया

HIGHLIGHTS
- NHM में डॉक्टर भर्ती की प्रक्रिया बदली
- भर्ती में गड़बड़ी के आरोपों के बाद डॉक्टरों की नियुक्ति का अधिकार सीएमओ से वापस लेकर राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) को सौंप दिया गया है।
- नर्सिंग कर्मियों का वर्दी भत्ता बढ़ा
- प्रदेश के करीब 15 हजार नर्सिंग कर्मियों को अब 2500 रुपये की जगह 4500 रुपये वर्दी भत्ता मिलेगा। वर्दी धुलाई भत्ता भी 100 से बढ़ाकर 150 रुपये प्रतिमाह किया गया है।
- नर्सेज संघ ने उठाई समान भत्ते की मांग
- राजकीय नर्सेज संघ ने कहा कि महंगाई को देखते हुए धुलाई भत्ता बढ़ोतरी कम है और सभी चिकित्सा संस्थानों में समान कार्य के लिए समान भत्ता लागू किया जाना चाहिए।
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के अंतर्गत डॉक्टरों की भर्ती प्रक्रिया में बदलाव किया गया है। भर्ती में अनियमितताओं की शिकायतों के सही पाए जाने के बाद शासन ने मुख्य चिकित्सा अधिकारियों (सीएमओ) से डॉक्टर भर्ती का अधिकार वापस ले लिया है। अब यह जिम्मेदारी राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) को सौंप दी गई है। एनएचएम की जीएम मानव संसाधन ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से इस संबंध में जरूरी निर्देश जारी किए हैं।
एनएचएम की जीएम मानव संसाधन ने बताया कि डॉक्टरों के साक्षात्कार से लेकर भर्ती की पूरी प्रक्रिया अब एनएचएम के माध्यम से पूरी की जाएगी। ऑनलाइन बैठक के दौरान सभी संबंधित अधिकारियों को इस व्यवस्था की जानकारी दी गई। राज्य स्तर से जिलों में खाली पदों की संख्या और भर्ती पूरी करने की समय-सीमा के बारे में सूचना उपलब्ध कराई जाएगी।
नर्सिंग कर्मियों का वर्दी भत्ता बढ़ा, अब मिलेंगे 4500 रुपये
प्रदेश के अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों में कार्यरत नर्सिंग कर्मियों के लिए भी राहत की खबर है। सरकार ने नर्सिंग कर्मियों का वर्दी भत्ता 2500 रुपये से बढ़ाकर 4500 रुपये कर दिया है। अब यह भत्ता तीन साल के अंतराल पर दिया जाएगा, जबकि पहले यह पांच साल में मिलता था।
इस फैसले का लाभ विभिन्न मेडिकल कॉलेजों में अध्ययनरत नर्सिंग छात्रों को भी मिलेगा। वेतन समिति 2016 के सातवें प्रतिवेदन के आधार पर वर्दी भत्ते में वृद्धि की गई है। इससे प्रदेश के करीब 15 हजार नर्सिंग कर्मियों को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है।
चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग और चिकित्सा शिक्षा विभाग के तहत काम करने वाले नर्सिंग कर्मी लंबे समय से वर्दी भत्ता बढ़ाने की मांग कर रहे थे। हालांकि केजीएमयू और संजय गांधी पीजीआई जैसे चिकित्सा संस्थानों में पहले से यह भत्ता दिया जा रहा है।
वित्त विभाग के अपर मुख्य सचिव दीपक कुमार ने वर्दी भत्ता स्वीकृत करते हुए चिकित्सा एवं स्वास्थ्य तथा चिकित्सा शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिवों को पत्र भेजा है। इसके साथ ही वर्दी धुलाई भत्ता भी 100 रुपये से बढ़ाकर 150 रुपये प्रतिमाह कर दिया गया है।
वर्दी भत्ता बढ़ाए जाने के फैसले पर स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय नर्सिंग अधिकारी एवं कर्मचारी महासंघ के अध्यक्ष शुभम त्रिपाठी और महामंत्री अशोक मीणा ने आभार जताया है।
समान कार्य के आधार पर समान भत्ता देने की मांग
राजकीय नर्सेज संघ के प्रदेश महामंत्री अशोक कुमार ने कहा कि वर्दी भत्ते को लेकर 10 साल बाद आदेश जारी होना दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि महंगाई के समय में धुलाई भत्ता 100 रुपये से बढ़ाकर 150 रुपये प्रतिमाह किया जाना पर्याप्त नहीं है।
उन्होंने मांग की कि संजय गांधी पीजीआई, केजीएमयू और लोहिया संस्थान की तर्ज पर अन्य मेडिकल कॉलेजों और सरकारी अस्पतालों में कार्यरत कर्मचारियों को भी समान भत्ता दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि समान कार्य और समान भत्ते की व्यवस्था लागू करने के लिए विभाग को सभी भत्तों की नए सिरे से समीक्षा करनी चाहिए।
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