कांग्रेस के दिग्गज नेता कौल सिंह ठाकुर ने लिया राजनीति से संन्यास, रामपाल से की मुलाकात

HIGHLIGHTS
- हिमाचल प्रदेश कांग्रेस के पूर्व मंत्री कौल सिंह ठाकुर रामपाल से मिलने पहुंचे, मुलाकात का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
- कौल सिंह ठाकुर ने खुद को आठ बार विधायक, चार बार मंत्री और पूर्व विधानसभा अध्यक्ष बताते हुए राजनीति से संन्यास लेने की बात कही।
- रामपाल ने कौल सिंह ठाकुर को दीक्षा लेने और भक्ति मार्ग अपनाने की सलाह दी, जबकि उनकी मुलाकात चर्चा का विषय बन गई है।
हिमाचल प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री कौल सिंह ठाकुर राजनीति से संन्यास लेने के बाद रामपाल की शरण में पहुंच गए हैं। रामपाल के आधिकारिक फेसबुक अकाउंट पर कौल सिंह ठाकुर की मुलाकात और बातचीत का वीडियो साझा किया गया है, जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
कौल सिंह ठाकुर अपनी पत्नी और कुछ रिश्तेदारों के साथ रामपाल से मिलने पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने रामपाल की चप्पलों के सामने नतमस्तक होकर माथा टेका और उनके चरणों में दंडवत प्रणाम किया।
मुलाकात के दौरान कौल सिंह ठाकुर ने बताया कि वह हिमाचल प्रदेश में आठ बार विधायक, चार बार मंत्री, एक बार विधानसभा अध्यक्ष और दो बार पार्टी अध्यक्ष रह चुके हैं। उन्होंने कहा कि अब वह राजनीति से संन्यास लेकर रामपाल की शरण में आए हैं।
उन्होंने हरियाणा के वरिष्ठ नेताओं चौधरी वीरेंद्र सिंह और भूपेंद्र सिंह हुड्डा से अपने संबंधों का भी जिक्र किया। इसके अलावा उन्होंने रामपाल को हर साल मई और जून के दो महीने हिमाचल आने का निमंत्रण दिया।
इस दौरान कौल सिंह ठाकुर ने रामपाल को हिमाचली टोपी पहनाई, जबकि उनकी पत्नी ने हिमाचल के ऑर्गेनिक फल भेंट किए। कौल सिंह ठाकुर ने अपनी पत्नी के स्वास्थ्य को लेकर भी रामपाल से मदद की गुहार लगाई।
रामपाल ने कौल सिंह को दीक्षा लेने की सलाह दी
रामपाल ने कौल सिंह ठाकुर को दीक्षा लेने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि इस जीवन में जो करना था वह कर लिया, अब अगले जन्म की तैयारी करनी चाहिए और भक्ति में लीन होना चाहिए।
रामपाल ने मंत्र देने की बात भी कही और दावा किया कि उसमें शक्ति होती है। उन्होंने आध्यात्मिकता की तुलना बैटरी से करते हुए कहा कि उसे चार्ज करने के लिए जरूरी असली चार्जर पूरे विश्व में केवल उनके पास है। उन्होंने अपने अनुयायियों को कौल सिंह ठाकुर की सेवा और सम्मान करने के निर्देश भी दिए।
देवी-देवताओं पर टिप्पणी को लेकर विवादों में रहे हैं रामपाल
रामपाल पहले भी विवादों में रहे हैं। कुछ समय पहले उन्होंने देवी-देवताओं को लेकर टिप्पणी की थी और कबीर को सर्वोच्च बताया था। उन्होंने अन्य देवी-देवताओं की पूजा को व्यर्थ बताया था, जिसके बाद हिमाचल के हिंदू संगठनों ने इसका विरोध किया था।
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