PAC बैठक में बारां जीत, UPI और दिल्ली चुनाव पर मंथन, सिसोदिया ने दी जानकारी

HIGHLIGHTS
- PAC के पुनर्गठन के बाद हुई पहली बैठक।
- बैठक में राजस्थान के बारां में मिली जीत पर चर्चा हुई।
- UPI से जुड़े फैसले को लेकर सिसोदिया ने सरकार पर आरोप लगाए।
आम आदमी पार्टी की पॉलिटिकल अफेयर्स कमिटी (PAC) के पुनर्गठन के बाद अरविंद केजरीवाल को कमिटी का संयोजक बनाया गया है। पुनर्गठित PAC की पहली बैठक में राजस्थान के बारां में मिली जीत, पंजाब विधानसभा चुनाव, यूपीआई से जुड़े फैसले और दिल्ली विधानसभा चुनाव के दौरान कथित फर्जी वोटों के मुद्दे पर चर्चा हुई। आप नेता मनीष सिसोदिया ने बैठक के बाद यह जानकारी दी।
सिसोदिया ने बताया कि बैठक में राजस्थान के बारां में मिली अप्रत्याशित जीत और वहां के लोगों द्वारा भाजपा की नीतियों को नकारने के मुद्दे पर चर्चा हुई। उन्होंने कहा कि इससे यह उम्मीद बनी है कि भाजपा के सामने एक मजबूत विकल्प उभर रहा है, जिसकी लोग सक्रिय रूप से तलाश कर रहे हैं। सिसोदिया ने दावा किया कि पंजाब के लोग आप सरकार को दोबारा सत्ता में लाना चाहते हैं, जबकि गोवा और गुजरात में लोग बदलाव की इच्छा रखते हैं।
यूपीआई के फैसले पर सरकार पर निशाना
PAC की बैठक में यूपीआई से जुड़े मुद्दे पर भी चर्चा हुई। सिसोदिया ने कहा कि देशभर के लोग यूपीआई को लेकर सरकार के फैसले से खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दबाव में यह फैसला लिया है।
सिसोदिया ने दावा किया कि इस फैसले के बाद लोगों को अपना ही पैसा खर्च करने के लिए अतिरिक्त शुल्क देना पड़ेगा।
दिल्ली चुनाव में 'फर्जी वोटों' के आरोपों पर चर्चा
सिसोदिया के मुताबिक, बैठक में एक मीडिया रिपोर्ट में किए गए उस खुलासे पर भी चर्चा हुई, जिसमें पिछले दिल्ली विधानसभा चुनाव के दौरान भाजपा पर एसआईआर और फर्जी वोटों के जरिए कथित तौर पर खेल करने के आरोप लगाए गए हैं। उन्होंने कहा कि अब यह देखना होगा कि चुनाव आयोग इस मामले का किस तरह संज्ञान लेता है।
'पंजाब चुनाव के लिए पूरी तरह तैयार'
पंजाब विधानसभा चुनाव को लेकर मनीष सिसोदिया ने कहा कि आम आदमी पार्टी पूरी तरह तैयार है। उन्होंने दावा किया कि लोग भगवंत मान सरकार के काम से खुश हैं और उसे फिर से सत्ता में लाना चाहते हैं। सिसोदिया ने कहा कि पंजाब के लोग भगवंत मान को एक बार फिर मुख्यमंत्री के रूप में देखना चाहते हैं।
सिसोदिया ने आरोप लगाया कि अगर किसी कारण से भगवंत मान मुख्यमंत्री नहीं रहते हैं तो पुरानी पार्टियां फिर से सत्ता में लौट सकती हैं। उन्होंने इन दलों पर पंजाब में नशीली दवाओं की समस्या बढ़ाने, जनता के पैसे की लूट, रोजगार के मामले में बेईमानी और व्यापारियों को लूटने के आरोप लगाए।





















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