पटना सिटी में गंगा का बढ़ा जलस्तर, भद्र घाट से कंगन घाट तक आवागमन बंद

HIGHLIGHTS
- एसडीआरएफ की 10 बोट और 28 जवानों को तैनात किया गया है।
- गंगा में छह गोताखोर भी राहत और सुरक्षा के लिए लगाए गए हैं।
- सीमा सुरक्षा बल के जवान चार बोट पर तैनात हैं।
पटना सिटी। राजधानी पटना में गंगा का जलस्तर बढ़ा हुआ है। पटना सिटी अनुमंडल के भद्र घाट और महावीर घाट मार्ग के गंगा के पानी में डूब जाने से वाहनों का आवागमन पूरी तरह बंद हो गया है।
अनुमंडल प्रशासन ने बैरिकेडिंग कर इन घाटों पर वाहनों और लोगों के प्रवेश पर रोक लगा दी है। यह कदम सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है।
एसडीओ कशिश बक्शी और एएसपी राज किशोर सिंह ने बुधवार को अधिकारियों के साथ भद्र घाट से कंगन घाट तक गंगा मार्ग का निरीक्षण किया।
भद्रघाट से कंगनघाट मार्ग पर रोका गया आवागमन
एसडीओ ने बताया कि गंगा के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए भद्र घाट, महावीर घाट होते हुए कंगन घाट मार्ग पर वाहनों का परिचालन बंद कर दिया गया है।
अशोक राजपथ और गायघाट की ओर से इन घाटों के रास्ते में वाहनों और लोगों की आवाजाही रोकने के लिए बैरिकेडिंग की गई है।
फतुहा क्षेत्र के कच्ची दरगाह से राघोपुर आने-जाने वाले वाहनों के परिचालन पर भी पूरी तरह रोक लगा दी गई है। सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए वहां दंडाधिकारियों की तैनाती की गई है।
गंगा के जलस्तर पर प्रशासन की नजर
एसडीओ ने बताया कि गंगा के जलस्तर पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। किसी भी स्थिति से निपटने के लिए एसडीआरएफ की 10 बोट के साथ 28 जवानों और छह गोताखोरों को तैनात किया गया है।
सीमा सुरक्षा बल के जवान चार बोट पर 30 लाइफ जैकेट के साथ तैनात हैं। आवश्यकता पड़ने पर इन क्षेत्रों में धारा 163 लागू की जाएगी।
उन्होंने बताया कि बच्चों और महिलाओं को विशेष रूप से गंगा की ओर जाने तथा गंगा में स्नान करने से रोका गया है। जलजमाव वाले क्षेत्रों से पानी निकालने के लिए मोटर लगाने और जल निकासी की व्यवस्था करने के निर्देश नगर निगम के पदाधिकारी को दिए गए हैं।
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