दिल्ली-एनसीआर
सत्य निकेतन बिल्डिंग ढहने के मामले में हाई कोर्ट ने एमसीडी और DU को ठहराया जवाबदेह

HIGHLIGHTS
- घटना की सुनवाई के दौरान अदालत ने अधिकारियों की जवाबदेही पर टिप्पणी की।
- कोर्ट ने बचाव अभियान में प्रयास बढ़ाने के निर्देश दिए।
- सॉलिसिटर जनरल ने अदालत को राहत कार्यों को लेकर आश्वस्त किया।
नई दिल्ली। दिल्ली हाई कोर्ट ने सत्य निकेतन में बिल्डिंग ढहने की घटना की सुनवाई के दौरान कहा कि इस त्रासदी के लिए केवल इमारत के मालिक ही जिम्मेदार नहीं हैं। कोर्ट ने एमसीडी और दिल्ली विश्वविद्यालय को भी इसके लिए जवाबदेह माना है। अदालत ने अधिकारियों को बचाव अभियान के प्रयासों को दोगुना करने का निर्देश दिया, ताकि अधिक से अधिक लोगों की जान बचाई जा सके।
सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने अदालत को भरोसा दिलाया कि बचाव कार्य के लिए हर संभव कदम उठाए जा रहे हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, हाई कोर्ट ने प्रशासन से राहत और बचाव अभियान में तेजी लाने का भी अनुरोध किया।
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