JPSC आंदोलन: छात्रों के समर्थन में जयराम महतो का निर्जला अनशन, विधानसभा के बाहर धरने पर बैठे

HIGHLIGHTS
- रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में 16 दिनों से आंदोलन जारी
- जयराम महतो सुबह 6 बजे से निर्जला उपवास पर बैठे
- अनशन 24 घंटे तक चलने की बात कही गई
रांची। JPSC और JSSC समेत कई प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित धांधली के विरोध में छात्र पिछले 16 दिनों से रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में आंदोलन कर रहे हैं। छात्रों का कहना है कि अब तक सरकार की ओर से उनकी मांगों को स्वीकार नहीं किया गया है।
इसी के चलते डुमरी से विधायक और JLKM नेता जयराम महतो विधानसभा परिसर के बाहर एकदिवसीय अनशन पर बैठे हैं। इस दौरान वह पानी भी नहीं पीएंगे। जयराम महतो ने सभी वर्गों के लोगों से इस अनशन में समर्थन देने की अपील की है।
उन्होंने कहा कि झारखंड की प्रतियोगी परीक्षाओं में लगातार अनियमितताओं के मामले सामने आए हैं। इनमें सीटें बेचने, घर पर आंसर शीट लिखने और OMR शीट खाली छोड़कर बाद में भरने जैसी कथित धांधलियां शामिल हैं।
जयराम महतो ने लोगों से अपने स्तर पर आंदोलन को समर्थन देने की अपील की। उन्होंने कहा कि मजदूर, वकील, कारोबारी और किसान समेत अलग-अलग संगठनों को कुछ समय के लिए छात्रों के समर्थन में कार्यक्रम या अनशन करना चाहिए।
अपने समर्थक छात्र संगठनों से बात कर रही सरकार
विधायक जयराम महतो ने कहा कि सरकार उन छात्र संगठनों के साथ बातचीत कर रही है, जो उनके गठबंधन से जुड़े हुए हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि आज होने वाली बैठक से कोई सकारात्मक नतीजा सामने आ सकता है। उन्होंने बताया कि 10 अगस्त को विधानसभा मार्च निकाला जाएगा और इसके लिए सभी छात्र संगठनों से सहयोग करने की अपील की गई है।
जयराम महतो आज सुबह 6 बजे से पुरानी विधानसभा में निर्जला उपवास पर बैठे हैं। उनका यह उपवास 24 घंटे चलेगा। इसके बाद वह वहीं से विधानसभा मार्च के लिए रवाना होंगे।
अब तक पूरी नहीं हुईं मांगें
पार्टी के एक अन्य नेता देवेंद्र नाथ महतो भी पिछले कई दिनों से अनशन पर हैं। शनिवार को हेमंत सोरेन सरकार की ओर से गठित पांच सदस्यीय मंत्री स्तरीय समिति और आंदोलनकारी छात्र संगठनों के बीच बातचीत हुई थी। हालांकि, यह वार्ता पूरी तरह बेनतीजा रही।
सरकार की ओर से कोई ठोस समाधान नहीं मिलने के बाद प्रदर्शनकारी छात्रों ने स्पष्ट कर दिया है कि जब तक उनकी सभी मांगें स्वीकार नहीं की जातीं, तब तक आंदोलन समाप्त नहीं किया जाएगा।
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