‘यह पैसा किसी जरूरतमंद को मिले’, मुजफ्फरनगर के किसान ने छोड़ी पीएम किसान निधि, डीएम ने की सराहना

HIGHLIGHTS
- सरकारी योजनाओं का लाभ लेने की होड़ के बीच खतौली तहसील के टिटौड़ा गांव के एक किसान ने ईमानदारी और सामाजिक जिम्मेदारी की अनूठी मिसाल पेश की है।
- किसान विक्रम सिंह ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का लाभ स्वेच्छा से छोड़ने का निर्णय लिया है और इसके लिए उन्होंने जिला प्रशासन को औपचारिक रूप से सूचित किया।
- गुरुवार को विक्रम सिंह जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे, जहां उस समय जिलाधिकारी उमेश मिश्रा जनसुनवाई कर रहे थे।
- बातचीत के दौरान किसान ने बताया कि अब उन्हें इस योजना के तहत मिलने वाली आ…
मुजफ्फरनगर। सरकारी योजनाओं का लाभ लेने की होड़ के बीच खतौली तहसील के टिटौड़ा गांव के एक किसान ने ईमानदारी और सामाजिक जिम्मेदारी की अनूठी मिसाल पेश की है। किसान विक्रम सिंह ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का लाभ स्वेच्छा से छोड़ने का निर्णय लिया है और इसके लिए उन्होंने जिला प्रशासन को औपचारिक रूप से सूचित किया।
गुरुवार को विक्रम सिंह जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे, जहां उस समय जिलाधिकारी उमेश मिश्रा जनसुनवाई कर रहे थे। बातचीत के दौरान किसान ने बताया कि अब उन्हें इस योजना के तहत मिलने वाली आर्थिक सहायता की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने आग्रह किया कि उनका नाम योजना से हटाकर यह लाभ किसी जरूरतमंद किसान को दिया जाए।

किसान की इस पहल को जिलाधिकारी ने सराहते हुए इसे प्रेरणादायक कदम बताया। उन्होंने कहा कि यह केवल एक योजना का लाभ छोड़ने का मामला नहीं है, बल्कि समाज के प्रति जिम्मेदारी और संवेदनशीलता का उदाहरण है। ऐसे कदम यह संदेश देते हैं कि सरकारी योजनाओं का वास्तविक उद्देश्य जरूरतमंद लोगों तक सहायता पहुंचाना है।
जिलाधिकारी उमेश मिश्रा ने यह भी कहा कि यदि सक्षम लोग स्वेच्छा से योजनाओं का लाभ छोड़ते हैं तो इससे वास्तव में पात्र और जरूरतमंद लोगों को अधिक मदद मिल सकती है। उन्होंने अन्य नागरिकों से भी अपील की कि यदि वे किसी योजना के पात्र नहीं हैं या उन्हें उसकी आवश्यकता नहीं है, तो वे भी आगे आकर स्वेच्छा से लाभ त्यागें।

विक्रम सिंह के इस निर्णय की जिलेभर में चर्चा हो रही है और प्रशासन ने इसे ईमानदारी, पारदर्शिता और सामाजिक जागरूकता का उदाहरण बताया है।
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