मुजफ्फरनगर में जलभराव की समस्या !

HIGHLIGHTS
- हर बरसात में मुजफ्फरनगर जलभराव की गंभीर समस्या से जूझता है।
- गांधी कॉलोनी, शिव चौक सहित कई प्रमुख इलाकों में सड़कों पर भर जाता है पानी।
- स्थायी समाधान के लिए दीर्घकालिक और चरणबद्ध योजना की जरूरत पर जोर।
अति वर्षा या भारी वर्षा से शहरों में जल भराव का संकट हर बरसात में उत्पन्न हो जाता है। मुंबई, चेन्नई, दिल्ली और गुरुग्राम जैसे बड़े तथा विकसित नगर इस समस्या से ग्रसित हो जाते हैं। मुजफ्फरनगर शहर भी इसका अपवाद नहीं है। न केवल निचले इलाकों में वरन गांधी कॉलोनी, शिव चौक जैसे विकसित क्षेत्र में कई-कई फीट पानी सड़कों पर भर जाता है। दशकों पहले तत्कालीन जिला अधिकारी डॉ. प्रभात कुमार ने बरसाती पानी की निकासी की बृहत परियोजना तैयार की थी किन्तु मुजफ्फरनगर से उनका स्थानान्तरण हो जाने के कारण उस पर अमल न हो पाया।
इसी जुलाई मास के प्रारम्भ में जलभराव की स्थिति का जायजा लेने के लिए राज्यमंत्री कपिलदेव अग्रवाल ने अधिकारियों को साथ लेकर मौहल्ला रामपुरी से आबकारी रोड तक पैदल भ्रमण किया था और बाढ़ जैसी स्थिति से पीड़ित नागरिकों से उनकी परेशानियां जानी थीं।
जलभराव की समस्या से निजात पाने के लिए उन्होंने 31 जुलाई को नगर पालिका परिषद की चेयरपर्सन मीनाक्षी स्वरूप के साथ पी.डब्ल्यू विभाग के अधिशासी अभियंता अभिषेक सिंह, जल निगम के अधिशासी अभियंता अबु जैदी, एसडीएम सदर शुभम श्रीवास्तव, तहसीलदार सदर राधेश्याम गौड़ तथा अन्य अधिकारियों के साथ जल निकासी पर विचार विमर्श किया। विशेष रूप से मौहल्ला रामपुरी की स्थिति पर गहन विचार और समस्या समाधान पर चिन्तन किया।
जलभराव के भौगोलिक, प्राकृतिक एवं मनुष्य जनित कारण हैं। एक झटके में इसका समाधान निकलना व्यावहारिक नहीं है। बड़े बजट के साथ चरणबद्ध और दीर्घकालीन परियोजना से इस समस्या का समाधान हो सकता है। आशा है कि राज्यमंत्री कपिलदेव अग्रवाल ने समस्या समाधान के लिए जो पहल की है उसका अच्छा परिणाम निकल सकता है।
गोविंद वर्मा
संपादक 'देहात'
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