रेहान वाड्रा के समर्थन में प्रियंका गांधी का भावुक संदेश, बोलीं- मुझे तुम पर गर्व है

HIGHLIGHTS
- उन्होंने राष्ट्रीय ध्वज वाली दो तस्वीरें हटाने से इनकार कर दिया।
- रेहान अब विरोध-प्रदर्शनों की तस्वीरों का पूरा संग्रह दिखाने के लिए दूसरी जगह तलाशेंगे।
- पवन खेड़ा ने आरोप लगाया कि राजनीतिक सामग्री के कारण प्रदर्शनी की 74 कलाकृतियां हटाई गईं।
नई दिल्ली। कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने गुरुवार को अपने बेटे रेहान वाड्रा के लिए एक भावुक संदेश साझा किया। यह संदेश दिल्ली के बीकानेर हाउस में आयोजित रेहान की फोटोग्राफी प्रदर्शनी से कथित तौर पर 70 से अधिक कलाकृतियां हटाए जाने के विवाद के बीच आया है। बताया गया कि इन कलाकृतियों में राजनीतिक सामग्री होने के कारण उन्हें हटाया गया।
प्रियंका गांधी ने अपने संदेश में कहा, "जब सत्ता में बैठा कोई व्यक्ति किसी दूसरे की अभिव्यक्ति से डरने लगता है तो उसे शायद इस बात का एहसास नहीं होता, लेकिन वह असल में उसी सत्ता को खो देता है जिसे वह बचाने की कोशिश कर रहा होता है।"
'तुम सच के साथ खड़े रहो'
प्रियंका गांधी ने आगे लिखा, "तुम सच के साथ खड़े रहो और हर खूबसूरत चीज खुद-ब-खुद तुम्हारे पास आ जाएगी। मुझे तुम पर गर्व है और हमेशा रहेगा।"
उन्होंने अपने संदेश के अंत में खुद को "मम्मा" कहकर संबोधित किया।
रेहान वाड्रा ने क्या आरोप लगाए?
रेहान वाड्रा ने आरोप लगाया कि बीकानेर हाउस के प्रबंधन ने उन्हें अपनी प्रदर्शनी 'नो आइडिया इज फाइनल' से वे तस्वीरें हटाने के लिए कहा, जिनमें दिल्ली में युवाओं के विरोध-प्रदर्शनों को दिखाया गया था।
रेहान ने यह दावा भी किया कि उनसे तिरंगे वाली दो तस्वीरें हटाने के लिए कहा गया था। बुधवार को जारी बयान में उन्होंने बताया कि उन्होंने राष्ट्रीय ध्वज वाली तस्वीरों को हटाने से इनकार कर दिया है। उन्होंने कहा कि अब प्रदर्शनी सीमित दायरे में ही जारी रहेगी।
रेहान ने यह भी कहा कि वह विरोध-प्रदर्शनों की तस्वीरों का पूरा संग्रह प्रदर्शित करने के लिए किसी अन्य जगह की तलाश करेंगे।
कांग्रेस नेताओं ने जताई नाराजगी
प्रदर्शनी से कलाकृतियां हटाए जाने की घटना की कई कांग्रेस नेताओं ने आलोचना की है। इनमें प्रियंका गांधी के पति रॉबर्ट वाड्रा, राज्यसभा सांसद पवन खेड़ा और सांसद कार्ति चिदंबरम शामिल हैं।
पवन खेड़ा ने आरोप लगाया कि प्रदर्शनी की करीब आधी यानी 74 कलाकृतियों को राजनीतिक सामग्री होने के कारण हटा दिया गया। उन्होंने सवाल उठाया कि विरोध-प्रदर्शनों को दिखाने वाली तस्वीरों और राष्ट्रीय ध्वज वाली तस्वीर पर आपत्ति क्यों जताई गई।
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