राज्यसभा चुनाव: तीसरे प्रत्याशी के नाम पर अखिलेश यादव ने साधी चुप्पी, पीडीए पर दिया जवाब

HIGHLIGHTS
- समाजवादी पार्टी ने राज्यसभा चुनाव के लिए प्रो. राम गोपाल यादव को प्रत्याशी बनाया है।
- धनराज परिमल नथवानी ने भी सपा उम्मीदवार के तौर पर नामांकन दाखिल किया।
- बुधवार को दोनों प्रत्याशियों ने विधानसभा परिसर में अपना पर्चा भरा।
यूपी: राज्यसभा चुनाव के लिए समाजवादी पार्टी के दो उम्मीदवारों ने बुधवार को अपना नामांकन दाखिल कर दिया। सपा की ओर से प्रो. राम गोपाल यादव और धनराज परिमल नथवानी को प्रत्याशी बनाया गया है। हालांकि, पार्टी ने अभी तीसरे उम्मीदवार के नाम का खुलासा नहीं किया है।
सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कुछ दिन पहले कहा था कि राज्यसभा चुनाव में पार्टी दो नहीं, बल्कि तीन उम्मीदवार मैदान में उतारेगी। विधानसभा में सपा के पास फिलहाल सिर्फ दो प्रत्याशियों को जिताने के लिए पर्याप्त संख्या बल है। ऐसे में दो उम्मीदवारों के नामांकन के बाद तीसरे प्रत्याशी को लेकर चर्चाएं शुरू हो गई हैं।
अपने प्रत्याशियों का नामांकन कराने के बाद विधानसभा परिसर से बाहर आए अखिलेश यादव से जब तीसरे उम्मीदवार के बारे में सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि प्रदेश में पीडीए के साथ सबसे अधिक अन्याय हो रहा है। उन्होंने कहा कि जनता 2027 के चुनाव में इसका जवाब देगी।
सपा के पास 95 सदस्य, एक सीट के लिए 37 वोट जरूरी
राज्यसभा चुनाव में उत्तर प्रदेश विधानसभा के निर्वाचित सदस्य मतदान करेंगे। एक राज्यसभा सीट पर जीत के लिए 37 मतों की जरूरत है। मौजूदा समय में सपा के पास 95 सदस्यों का संख्या बल है।
इन 95 सदस्यों में वे सपा विधायक शामिल नहीं हैं, जिन्होंने पिछले राज्यसभा चुनाव में भाजपा प्रत्याशी संजय सेठ के पक्ष में मतदान किया था। इनमें राकेश पांडेय, पूजा पाल, विनोद चतुर्वेदी और आशुतोष मौर्य के नाम शामिल हैं। पूजा पाल भाजपा की पदाधिकारी हैं, इसलिए उनके सपा के पक्ष में मतदान करने का सवाल नहीं है।
बाकी तीन विधायकों में से सपा को उम्मीद है कि दो विधायक इस राज्यसभा चुनाव में उसके साथ वापस आ जाएंगे।
उत्तर प्रदेश की 10 राज्यसभा सीटों के लिए 16 अक्तूबर को मतदान होगा।
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