‘तुरंत भेज दिए थे फाइटर जेट’, फ्लाईदुबई घटना पर इजराइली राजदूत के बड़े खुलासे

HIGHLIGHTS
- विमान से इमरजेंसी सिग्नल मिलने के बाद इजराइल में अलर्ट जारी किया गया।
- सिविल एविएशन अधिकारियों, एयर फोर्स और राजनीतिक नेतृत्व को तुरंत सूचना दी गई।
- इजराइल के छोटे भौगोलिक आकार को देखते हुए स्थिति का तत्काल आकलन किया गया।
भारत में इजराइल के राजदूत रूवेन अजार ने बताया कि दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की एक फ्लाइट के को-पायलट ने कथित तौर पर विमान को क्रैश करने की कोशिश की और इमरजेंसी सिग्नल भेजे। इसके बाद इजराइल ने अपने फाइटर जेट्स को तुरंत रवाना किया। हालांकि, उन्हें किसी कार्रवाई की जरूरत नहीं पड़ी, क्योंकि यात्रियों और क्रू ने विमान पर दोबारा नियंत्रण हासिल कर लिया और उसे सऊदी अरब में सुरक्षित उतार लिया गया।
खतरे की तुरंत हुई जांच
न्यूज एजेंसी PTI से बातचीत में अजार ने बताया कि विमान से इमरजेंसी की सूचना मिलने के बाद इजराइल के सिविल एविएशन अधिकारियों, एयर फोर्स और राजनीतिक नेतृत्व को तत्काल अलर्ट किया गया था।
उन्होंने कहा कि इजराइल के छोटे भौगोलिक आकार को देखते हुए इस स्थिति का संभावित खतरे के रूप में तुरंत आकलन किया गया। अजार ने कहा, ‘फाइटर जेट्स को तुरंत हवा में भेजा गया, लेकिन राहत की बात यह रही कि उन्हें किसी कार्रवाई की जरूरत नहीं पड़ी।’
इजराइली राजदूत ने बताया कि अगर यात्री और क्रू विमान पर दोबारा नियंत्रण हासिल करने में सफल नहीं होते, तो ऐसी स्थिति में प्रधानमंत्री नेतन्याहू को तुरंत निर्णय लेना पड़ता।
उन्होंने कहा, ‘उन्होंने स्थिति का आकलन किया था और अगर पायलट, क्रू मेंबर और यात्री विमान पर नियंत्रण नहीं कर पाते, तब इजराइल के प्रधानमंत्री को तुरंत कोई फैसला लेना पड़ता, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाती।’
क्या है पूरा मामला?
यह घटना फ्लाईदुबई की फ्लाइट FZ1073 से जुड़ी है। विमान में 174 यात्री सवार थे, जिनमें 27 बच्चे भी शामिल थे। फ्लाइट दुबई से तेल अवीव जा रही थी। बताया जाता है कि सऊदी अरब के तबुक स्थित प्रिंस सुल्तान बिन अब्दुल अजीज एयरपोर्ट की ओर मोड़े जाने से पहले विमान तेजी से नीचे आया था।
भारतीय कैप्टन और इजराइली यात्रियों ने टाली बड़ी दुर्घटना
अजार ने भारतीय कैप्टन स्मित मछार की तारीफ की। उन्होंने बताया, ‘को-पायलट के हमले के बाद मछार ने कॉकपिट का दरवाजा खोलने में कामयाबी हासिल की, जिससे यात्रियों को बीच-बचाव करने और विमान को क्रैश होने से बचाने का मौका मिला।’
राजदूत के अनुसार, स्मित मछार के काम की इजराइल के प्रधानमंत्री नेतन्याहू, राष्ट्रपति इसाक हर्जोग, संसद के स्पीकर और पूरे इजराइल के लोगों ने सराहना की है।
हमले का मकसद अभी स्पष्ट नहीं, जांच जारी
राजदूत ने कहा कि जांच अभी शुरुआती चरण में है और अधिकारियों को कथित हमले के पीछे का मकसद अब तक पता नहीं चल पाया है। अजार ने कहा, ‘हम अभी बहुत शुरुआती दौर में हैं। मुझे लगता है कि हमलावर से पूछताछ के बाद हमें और जानकारी मिल पाएगी।’
UAE के अटॉर्नी जनरल हमद सैफ अल-शम्सी ने घटना की परिस्थितियों, विवरण और मकसद का पता लगाने के लिए जांच के आदेश दिए हैं। जांच में यह भी पता लगाया जा रहा है कि क्या घटना का संबंध किसी आतंकवादी गतिविधि से था या इसके पीछे पहले से कोई योजना थी।
इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भी कहा है कि अभी यह तय करना जल्दबाजी होगी कि घटना में ईरान का कोई हाथ था या नहीं। उन्होंने संकेत दिया कि इजराइल जांच में शामिल हो सकता है।
राजदूत ने घटना के समय का भी किया जिक्र
अजार ने घटना पर बात करते हुए इसके समय का भी उल्लेख किया, हालांकि उन्होंने कथित हमले और क्षेत्र की व्यापक सुरक्षा के बीच किसी संबंध की बात नहीं कही।
उन्होंने कहा, ‘इसमें कोई शक नहीं कि यह समय बहुत संवेदनशील है। इजराइल में चुनाव में बस कुछ ही हफ्ते बचे हैं।’
राजदूत ने कहा कि 7 अक्तूबर को हमास के नेतृत्व में हुए हमलों की तीसरी बरसी से पहले इस तरह की घटना का सामने आना इस समय एक बड़ी जांच का विषय बन गया है।
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