भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार की हालत कैसी?: इलाज के लिए दुबई किया गया एयरलिफ्ट

HIGHLIGHTS
- घटना फ्लाईदुबई की उड़ान एफजेड1073 में हुई थी।
- विमान दुबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट से तेल अवीव जा रहा था।
- कॉकपिट में सह-पायलट ने कैप्टन स्मित मच्छार पर हमला किया।
दुबई से इस्राइल जा रही फ्लाईदुबई की उड़ान में हवा के बीच हुए हमले में घायल भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार को अब आगे के इलाज के लिए दुबई ले जाया जा रहा है। कॉकपिट में सह-पायलट के साथ हुई चाकूबाजी की घटना में कैप्टन गंभीर रूप से घायल हुए थे। इसके बावजूद उन्होंने संकट के दौरान विमान और उसमें सवार यात्रियों की सुरक्षा के लिए जरूरी कदम उठाए।
बाद में विमान को सऊदी अरब के तबुक एयरपोर्ट पर सुरक्षित उतारा गया। अब स्मित मच्छार को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए दुबई एयरलिफ्ट किया जा रहा है।
घायल होने के बाद स्मित मच्छार ने क्या किया?
फ्लाईदुबई की उड़ान एफजेड1073 में यात्रा के दौरान कॉकपिट के अंदर सह-पायलट ने स्मित मच्छार पर हमला किया। इस घटना में कैप्टन को कई चोटें आईं और उनका काफी खून बह गया।
गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद स्मित मच्छार ने आपात स्थिति का संकेत भेजा। उन्होंने हाइजैकिंग का संकेत भी सक्रिय किया, जिसके बाद सुरक्षा एजेंसियों ने स्थिति को बेहद गंभीर मानते हुए कार्रवाई शुरू की।
स्मित मच्छार ने कॉकपिट का दरवाजा खोलने में भी भूमिका निभाई। इससे विमान में मौजूद लोगों को कॉकपिट के अंदर पहुंचकर हमलावर को काबू करने में मदद मिली। उनके इस कदम के बाद यात्रियों और चालक दल को स्थिति संभालने का अवसर मिला।
हमले के बाद विमान को कहां उतारा गया?
विमान दुबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट से तेल अवीव के लिए रवाना हुआ था। कॉकपिट में घटना होने के बाद विमान का रुख सऊदी अरब के तबुक एयरपोर्ट की ओर मोड़ दिया गया। वहां विमान को सुरक्षित उतारा गया।
इस घटना के बाद विमान की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता पैदा हुई। इसे इस्राइल में राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा बेहद गंभीर मामला माना गया। हालांकि, हमले की पूरी वजह और सह-पायलट के इरादे को लेकर जांच अभी जारी है।
इस्राइली राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के पूर्व निदेशक हेलिट बारेल ने कहा कि शुरुआती स्तर पर घटना को आतंकी हमले की तरह देखना पड़ा, क्योंकि विमान में बड़ी संख्या में लोग सवार थे और उसकी मंजिल तेल अवीव थी।
कैप्टन को बचाने में किन बातों की रही अहम भूमिका?
घटना के दौरान घायल कैप्टन तक चिकित्सा सहायता पहुंचना भी महत्वपूर्ण रहा। विमान में मौजूद एक डॉक्टर ने उनका इलाज किया। बताया गया कि कैप्टन को गंभीर चोटें आई थीं और काफी खून बह गया था।
हेलिट बारेल के मुताबिक, विमान में अतिरिक्त चालक दल के सदस्यों की मौजूदगी भी महत्वपूर्ण रही। संकट की स्थिति में इन लोगों की मदद से विमान को सुरक्षित तरीके से संभालने और घटना को आगे बढ़ने से रोकने में सहायता मिली।
पूरे घटनाक्रम में कई संयोगों के साथ यात्रियों की बहादुरी को भी महत्वपूर्ण बताया गया।
यूएई ने जांच को लेकर क्या कहा?
यूएई के विदेश मंत्रालय ने कहा है कि वह दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की उड़ान से जुड़ी घटना पर करीबी नजर रख रहा है। मंत्रालय के अनुसार, विमान को सऊदी अरब के तबुक एयरपोर्ट पर सुरक्षित उतारा गया।
यूएई ने यह भी स्पष्ट किया कि विमान यूएई में पंजीकृत है और उसी के झंडे के तहत उड़ान भर रहा था। इसलिए विमान में हुए अपराधों की जांच के लिए यूएई के कानून लागू होते हैं, भले ही घटना यूएई की सीमा से बाहर हुई हो।
मंत्रालय ने कहा कि यूएई की न्यायिक एजेंसियों को लागू कानूनों के तहत इस मामले की जांच करने का अधिकार है।
दुबई-इस्राइल हवाई संपर्क पर क्या असर पड़ सकता है?
हेलिट बारेल ने कहा कि दुबई इस्राइल के लिए मध्य-पूर्व में एक बेहद महत्वपूर्ण विमानन केंद्र है। खास तौर पर थाईलैंड, जापान और भारत जैसे देशों की यात्रा करने वाले इस्राइली यात्रियों के लिए दुबई का हवाई संपर्क महत्वपूर्ण माना जाता है।
उन्होंने कहा कि इस घटना के बाद विमानन सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करना जरूरी होगा। उनके मुताबिक, इस मार्ग पर ऐसे देशों के नागरिक पायलटों के उड़ान भरने का सवाल भी जांच का हिस्सा बन सकता है, जिनके इस्राइल के साथ राजनयिक संबंध नहीं हैं।
हेलिट बारेल ने कहा कि इस मामले को एक ओर सावधानी और दूसरी ओर सख्ती के साथ संभालना होगा। वहीं, इस्राइली सुरक्षा सेवाओं की ओर से पहले भी यूएई में विमानन सुरक्षा को लेकर अतिरिक्त इंतजाम की मांग किए जाने की बात कही गई है।
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