रांची में छात्रों और सरकार की बैठक खत्म, 14वीं JPSC परीक्षा रद्द करने पर बनी सहमति!

HIGHLIGHTS
- रांची में छात्रों और सरकार के बीच बैठक खत्म हो गई है।
- 14वीं JPSC परीक्षा रद्द करने पर सरकार के तैयार होने की बात सामने आई है।
- बैकलॉग परीक्षाओं की जांच और परीक्षा प्रक्रिया में सुधार पर सहमति की जानकारी है।
- परीक्षा से जुड़े पैसों के लेन-देन की जांच ED से कराने पर चर्चा हुई।
रांची में छात्रों और सरकार के बीच चल रही बैठक समाप्त हो गई है। बैठक में कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर सहमति बनने की बात सामने आई है। हालांकि, बैठक में आखिरकार क्या निर्णय लिया गया, इसको लेकर सरकार या छात्र पक्ष की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।
14वीं JPSC परीक्षा रद्द करने पर सरकार तैयार!
बैठक में 14वीं JPSC परीक्षा को रद्द करने पर सरकार के तैयार होने की बात सामने आई है। इसके अलावा बैकलॉग परीक्षाओं की जांच कराने और परीक्षा प्रक्रिया में सुधार करने पर भी सहमति बनने की जानकारी मिली है।
पैसों के लेन-देन की ED से जांच पर चर्चा
पूरे मामले में परीक्षा से जुड़े पैसों के लेन-देन की जांच प्रवर्तन निदेशालय (ED) से कराने की बात भी बैठक में सामने आई है। इसके साथ ही TDPL एजेंसी की ओर से अब तक आयोजित कराई गई परीक्षाओं की जांच किए जाने की जानकारी भी सामने आ रही है।
तीन परीक्षाएं रद्द होने की चर्चा
सूत्रों के अनुसार, TDPL एजेंसी की ओर से आयोजित परीक्षाओं में से तीन परीक्षाओं को रद्द करने की बात भी सामने आ रही है। हालांकि, इस संबंध में अभी आधिकारिक पुष्टि का इंतजार है।
90 दिन में CID देगी जांच रिपोर्ट
बैठक में CID की जांच रिपोर्ट 90 दिनों के भीतर सौंपे जाने की बात कही गई है। इसके साथ ही पूरे मामले की जांच के लिए एक उच्चस्तरीय जांच कमेटी गठित करने पर भी चर्चा हुई है।
अब छात्रों के फैसले पर टिकी निगाहें
सरकार ने छात्रों को बैठक में सामने रखे गए प्रस्तावों पर विचार करने के लिए समय दिया है। अब छात्र इन प्रस्तावों पर क्या फैसला लेते हैं, यह आने वाले समय में स्पष्ट होगा। फिलहाल बैठक में हुए निर्णयों को लेकर दोनों पक्षों की आधिकारिक घोषणा का इंतजार है।
क्या बोले सीएम सोरेन?
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा, 'युवा अपने अधिकारों के लिए विरोध और आंदोलन कर रहे हैं। हमारी सरकार की कार्रवाई की वजह से ही उनमें आगे आने, विरोध करने और अपना हक मांगने की हिम्मत आई है, क्योंकि हमने गड़बड़ियों को उजागर किया है। युवाओं को न्याय मिलेगा और अनियमितताओं के लिए जिम्मेदार लोगों को कड़ी से कड़ी सजा दी जाएगी। इस मामले को राजनीतिक नजरिए से देखने या राजनीतिक संरक्षण की तलाश करने की कोई जरूरत नहीं है।'
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