संगरूर में बढ़ती गर्मी से किसान चिंतित, गेहूं और सब्ज़ियों की फसल पर खतरा

संगरूर। फरवरी के खत्म होते ही मार्च की शुरुआत हो चुकी है और इस बार बढ़ता तापमान किसानों, सब्ज़ी उत्पादकों और फल काश्तकारों के लिए चिंता का कारण बन गया है। मौसम में अचानक आई गर्मी ने खेतों और बागानों पर असर दिखाना शुरू कर दिया है।
पंजाब में इस समय अधिकतम तापमान 29 डिग्री और न्यूनतम 14 डिग्री के आसपास दर्ज किया गया है, जो सामान्य से लगभग 5 डिग्री अधिक है। संगरूर जिले में इस साल 2.40 हेक्टेयर क्षेत्र में गेहूं की बुवाई हुई है। किसानों का कहना है कि लगातार बढ़ती गर्मी फसल को नुकसान पहुंचा सकती है।
गेहूं की पैदावार पर असर
किसानों का मानना है कि उच्च तापमान के कारण गेहूं का दाना पूरी तरह से विकसित नहीं होगा। दाने का वह ठोस हिस्सा जो आकार लेने वाला था, गर्मी के कारण पहले ही सूख सकता है और अनाज पूरी तरह नहीं बन पाएगा। इससे फसल की पैदावार पिछले कुछ सालों की तरह कम हो सकती है।
इतिहास देखें तो वर्ष 2021-22 में गर्मी की वजह से गेहूं की पैदावार 4142 किलो प्रति हेक्टेयर रह गई थी, जबकि पहले यह 5500 किलो प्रति हेक्टेयर रहती थी। वर्ष 2019-20 में प्रति एकड़ उत्पादन 5800 किलो दर्ज किया गया था।
सब्ज़ियों और फलों की सुरक्षा
भिंडी, कद्दू, तोरई, करेला, प्याज और खीरा जैसी फसलों को बचाने के लिए किसान लगातार हल्की सिंचाई और पोटेशियम नाइट्रेट स्प्रे कर रहे हैं।
कृषि अधिकारी डॉ. इंद्रजीत सिंह भट्टी ने बताया कि संगरूर जिले में पीबीडब्लयु 872, 826, एचडी 3086, डीबीडब्लयु 187 और 222 जैसी गेहूं की किस्में बुवाई गई हैं, जो पंजाब कृषि विश्वविद्यालय लुधियाना द्वारा प्रमाणित हैं।
कृषि विज्ञान केंद्र संगरूर के इंचार्ज डॉ. मनदीप सिंह ने सलाह दी कि गर्मी से फसल को बचाने के लिए हल्की सिंचाई की जाए और आवश्यकता पड़ने पर 2 प्रतिशत पोटेशियम नाइट्रेट की स्प्रे की जा सकती है। उन्होंने चेतावनी दी कि फसल को अधिक सूखा नहीं रखा जाए।
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