फॉर्म-6 और बिहार SIR पर राहुल गांधी को संबित पात्रा का जवाब, बोले- जनता को किया गुमराह

HIGHLIGHTS
- संबित पात्रा ने फॉर्म-6 को लेकर राहुल गांधी के दावे पर सवाल उठाए।
- भाजपा ने फॉर्म-6 में बदलाव की सहमति से इनकार किया।
- पात्रा ने 26 सितंबर 2018 के चुनाव आयोग के बयान का हवाला दिया।
नई दिल्ली। भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता और सांसद संबित पात्रा ने राहुल गांधी के फॉर्म-6 और एसआईआर से जुड़े बयानों पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी ने दोनों मुद्दों को लेकर जनता को गुमराह किया है। पात्रा ने कहा कि पहला मामला फॉर्म-6 से संबंधित है, जबकि दूसरा चुनाव आयोग के फैसले से जुड़ा है।
पात्रा ने कहा कि राहुल गांधी ने दावा किया कि फॉर्म-6 गैरकानूनी था, जबकि अदालत ने आज फॉर्म-6 को गैरकानूनी घोषित नहीं किया है। उनके मुताबिक, अदालत ने याचिका में फॉर्म-6 में बदलाव का उल्लेख होने की स्थिति में मामले को देखने की बात कही है।
फॉर्म-6 को लेकर संबित पात्रा ने क्या कहा?
संबित पात्रा ने कहा कि भाजपा ने फॉर्म-6 में किसी भी बदलाव के लिए सहमति नहीं दी थी। उन्होंने कहा कि अगर इसमें कोई बदलाव हुआ है तो नोटिस जारी होने और मामले की जांच के बाद ही इसकी स्थिति स्पष्ट होगी।
पात्रा ने 26 सितंबर 2018 के चुनाव आयोग के प्रेस बयान का हवाला देते हुए कहा कि आयोग ने स्पष्ट किया था कि फॉर्म-6 में कोई बदलाव नहीं किया गया था और इसके साथ जुड़े घोषणा-पत्र को सुप्रीम कोर्ट ने मान्यता दी थी। उन्होंने राहुल गांधी के आरोप को गलत बताते हुए इसकी तुलना राफेल मामले से की।
पात्रा ने कहा कि राफेल मामले में भी राहुल गांधी के बयान के बाद उन्हें सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा देकर बिना शर्त माफी मांगनी पड़ी थी।
क्या बिहार एसआईआर का फैसला सर्वसम्मति से हुआ था?
संबित पात्रा ने राहुल गांधी के दूसरे दावे पर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि यह कहना सही नहीं है कि चुनाव आयोग के तीनों आयुक्तों ने मिलकर फैसला नहीं लिया था।
पात्रा ने चुनाव आयोग के फैक्ट चेक का हवाला देते हुए कहा कि बिहार में एसआईआर को लेकर 24 जून 2025 को जारी आदेश आयोग की सर्वसम्मत मंजूरी से जारी हुआ था। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने भी 27 मई 2026 के अपने फैसले में इस आदेश को बरकरार रखा था।
उन्होंने कहा कि ऐसे में इस फैसले को सर्वसम्मति से लिए जाने को लेकर कोई अस्पष्टता नहीं है।
संबित पात्रा ने तीनों चुनाव आयुक्तों की तस्वीर का जिक्र क्यों किया?
पात्रा ने कहा कि उन्हें उस दिन की घटना अच्छी तरह याद है, क्योंकि उनकी पार्टी ने उस समय प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी। उनके मुताबिक, जब चुनाव आयोग का प्रेस बयान जारी हुआ था, तब तीनों चुनाव आयुक्तों ने एक साथ तस्वीर खिंचवाई थी और वही तस्वीर सार्वजनिक की गई थी।
पात्रा ने इसी आधार पर कहा कि एसआईआर से संबंधित फैसला सामूहिक रूप से लिया गया था। उन्होंने दोनों मुद्दों को लेकर राहुल गांधी पर जनता को गुमराह करने का आरोप लगाया।
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