सत्य निकेतन PG हादसा: मालिक और उसकी पत्नी को 14 दिन की न्यायिक हिरासत, बेटे को दो दिन की पुलिस कस्टडी

HIGHLIGHTS
- हादसे में सात लोगों की गई थी जान
- इमारत के निर्माण और मरम्मत की भी जांच जारी
- PG संचालन में परिवार की भूमिका खंगाल रही पुलिस
- बेसमेंट में चल रहे काम की भी जांच
नई दिल्ली। सत्य निकेतन में पांच मंजिला PG इमारत गिरने के मामले में गिरफ्तार किए गए एक ही परिवार के तीन सदस्यों को सोमवार को अदालत के सामने पेश किया गया। सुनवाई के बाद कोर्ट ने इमारत से जुड़े हरिराम गुप्ता और उनकी पत्नी उर्मिला गुप्ता को 14 दिनों के लिए न्यायिक हिरासत में भेज दिया। वहीं, उनके बेटे महेश गुप्ता को दो दिन की पुलिस कस्टडी दी गई है।
दिल्ली पुलिस की जांच में सामने आया है कि हादसे वाली इमारत का बिजली कनेक्शन हरिराम गुप्ता के नाम दर्ज था। संपत्ति के दस्तावेज उर्मिला गुप्ता के नाम पर हैं, जबकि पुलिस के मुताबिक इमारत के संचालन और प्रबंधन का काम महेश गुप्ता देख रहा था।
पुलिस अब इस बात की पड़ताल कर रही है कि इमारत में निर्माण, मरम्मत और बेसमेंट से जुड़े काम किस तरह किए जा रहे थे। जांच एजेंसियां यह भी देख रही हैं कि निर्माण कार्य के दौरान तय नियमों और सुरक्षा मानकों का पालन हुआ था या नहीं। इसके साथ ही PG के संचालन में परिवार के सदस्यों की भूमिका और हादसे से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच की जा रही है।
हादसे में गई 7 लोगों की जान
सत्य निकेतन इलाके में 6 सितंबर को पांच मंजिला इमारत अचानक ढह गई थी। हादसे के बाद मलबे में फंसे लोगों को निकालने के लिए लंबे समय तक रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया। इस दुर्घटना में सात लोगों की मौत हुई, जबकि कई अन्य लोग घायल हुए।
घटना के बाद पुलिस ने मामले में कार्रवाई तेज करते हुए हरिराम गुप्ता को राजस्थान के भिवाड़ी से पकड़ा था। इसके बाद उनकी पत्नी उर्मिला और बेटे महेश को भी गिरफ्तार किया गया। अब पुलिस महेश से पूछताछ और उपलब्ध दस्तावेजों की जांच के जरिए यह पता लगाने में जुटी है कि इमारत के संचालन, मरम्मत और निर्माण कार्यों में किसकी क्या भूमिका थी।
जांच का एक अहम पहलू यह भी है कि हादसे से पहले इमारत में चल रहे निर्माण और मरम्मत कार्यों का उसकी संरचनात्मक मजबूती पर क्या असर पड़ा। पुलिस इस पूरे मामले में जिम्मेदारी तय करने के लिए संबंधित लोगों और दस्तावेजों की जांच कर रही है।
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