कोलकाता भगदड़ हादसे की जांच करेगी एसआइटी, तीन महीने में सौंपनी होगी रिपोर्ट

HIGHLIGHTS
- भगदड़ की जांच के लिए छह सदस्यीय एसआइटी का गठन।
- सेवानिवृत्त न्यायाधीश अनिंदिता राय सरस्वती करेंगी जांच दल की अध्यक्षता।
- हादसे में 19 लोगों की मौत और 25 लोग हुए थे घायल।
कोलकाता। उत्तर कोलकाता के चोराबागान सार्वजनिन दुर्गापूजा पंडाल में 17 अक्टूबर को हुई भगदड़ की जांच के लिए बंगाल सरकार ने छह सदस्यीय विशेष जांच दल (एसआइटी) का गठन किया है।
इस हादसे में 19 लोगों की जान चली गई थी, जबकि 25 अन्य लोग घायल हुए थे। सेवानिवृत्त न्यायाधीश अनिंदिता राय सरस्वती की अध्यक्षता में गठित एसआइटी को तीन महीने के भीतर जांच पूरी कर अपनी रिपोर्ट, निष्कर्ष और सिफारिशें राज्य सरकार को सौंपनी होंगी।
इस संबंध में राज्य के मुख्य सचिव मनोज कुमार अग्रवाल ने 21 अक्टूबर को आदेश जारी किया। आदेश में बताया गया है कि कलकत्ता हाई कोर्ट से परामर्श के बाद जांच दल का गठन किया गया है।
सरकार ने संबंधित विभागों, अधिकारियों, एजेंसियों और व्यक्तियों को जांच में पूरा सहयोग देने का निर्देश दिया है। साथ ही, जरूरी दस्तावेज, सूचनाएं और अन्य आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने को भी कहा गया है।
भगदड़ से पहले की परिस्थितियों की भी होगी जांच
राज्य सरकार ने एसआइटी को घटना की व्यापक, निष्पक्ष और गहन जांच करने की जिम्मेदारी सौंपी है। जांच दल भगदड़ से पहले हुई घटनाओं के क्रम और भीड़ के अचानक बढ़ने के समय, स्थान व परिस्थितियों का पता लगाएगा।
इसके साथ ही घटनास्थल पर मौजूद लोगों की संख्या, प्रवेश और निकास मार्गों पर भीड़ की आवाजाही तथा परिसर की सुरक्षित क्षमता से अधिक लोगों के जमा होने की स्थिति की भी जांच की जाएगी।
एसआइटी भीड़भाड़, खराब मौसम, प्रवेश द्वारों के प्रबंधन, अफवाहों, बिजली की गड़बड़ी, प्रवेश और निकास की अपर्याप्त व्यवस्था, संरचनात्मक खामियों और भीड़ को नियंत्रित करने में हुई संभावित लापरवाही जैसे पहलुओं की पड़ताल करेगी।
जांच के दायरे में मौसम संबंधी रिपोर्ट और बारिश या आंधी-तूफान के पूर्वानुमान भी शामिल होंगे। इनके आधार पर यह समझने का प्रयास किया जाएगा कि मौसम का लोगों की आवाजाही, दृश्यता और दहशत की स्थिति पर कितना प्रभाव पड़ा।
इसके अलावा, सार्वजनिक घोषणाओं, सीटी बजने, अफवाह फैलने, अचानक लोगों के आगे बढ़ने या किसी अन्य घटना के कारण भगदड़ शुरू होने अथवा उसके और गंभीर होने की संभावनाओं की भी जांच की जाएगी।
सीसीटीवी फुटेज और भौतिक साक्ष्यों की होगी जांच
जांच दल पूजा पंडाल के प्रवेश और निकास मार्गों, बैरिकेड, सीढ़ियों, प्रवेश द्वारों, आपातकालीन निकास तथा वहां की अन्य व्यवस्थाओं का निरीक्षण करेगा। इसका उद्देश्य इन व्यवस्थाओं की स्थिति और पर्याप्तता का आकलन करना है।
एसआइटी सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल फोन से बनाए गए वीडियो, फोरेंसिक रिपोर्ट, कॉल रिकॉर्ड, पुलिस थानों और नियंत्रण कक्ष के लॉग, चिकित्सा रिकॉर्ड तथा घटनास्थल से जुड़े अन्य भौतिक साक्ष्यों की भी जांच करेगी।
छह सदस्यीय जांच दल में अध्यक्ष न्यायमूर्ति अनिंदिता राय सरस्वती के अलावा आपदा प्रबंधन एवं नागरिक सुरक्षा विभाग के प्रधान सचिव, विशेष कार्य बल (एसटीएफ) के महानिदेशक एवं पुलिस महानिरीक्षक और राज्य पुलिस प्रमुख की ओर से नामित अतिरिक्त महानिदेशक स्तर से नीचे का अधिकारी शामिल होगा।
इसके अलावा, गृह एवं पहाड़ी मामलों के विभाग के संयुक्त सचिव स्तर या उससे ऊपर के प्रतिनिधि और कोलकाता में तैनात राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) के एक प्रतिनिधि को भी एसआइटी में जगह दी गई है।
जांच की आवश्यकता को देखते हुए एसआइटी राज्य सरकार से अतिरिक्त अधिकारियों को भी अपने साथ शामिल करने का अनुरोध कर सकती है।
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