सोनम रघुवंशी की जमानत सुप्रीम कोर्ट ने की रद्द, तीन सप्ताह में सरेंडर करने का आदेश

HIGHLIGHTS
- सुप्रीम कोर्ट ने सोनम रघुवंशी की जमानत रद्द कर तीन सप्ताह में सरेंडर करने का आदेश दिया।
- कोर्ट ने कहा कि गिरफ्तारी के कारणों की जानकारी नहीं देने के आधार पर जमानत देना सही नहीं था।
- राजा रघुवंशी हत्याकांड में सोनम पर पति की हत्या की साजिश रचने का आरोप है।
सुप्रीम कोर्ट ने हनीमून के दौरान पति राजा रघुवंशी की हत्या के मामले में आरोपी सोनम रघुवंशी को मिली जमानत रद्द कर दी है। शीर्ष अदालत ने सोनम को तीन सप्ताह के अंदर पुलिस के सामने आत्मसमर्पण करने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने कहा कि हाईकोर्ट और ट्रायल कोर्ट ने गिरफ्तारी के कारणों की जानकारी देने में कथित कमी के आधार पर जमानत देते समय गलती की थी।
हालांकि, जस्टिस एमएम सुंदरेश और जस्टिस पीबी वराले की पीठ ने कहा कि अगर छह महीने के भीतर मुकदमे की सुनवाई पूरी नहीं होती है तो सोनम दोबारा जमानत याचिका दाखिल कर सकती हैं।
मेघालय सरकार की ओर से दाखिल अपील को स्वीकार करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि संविधान के अनुच्छेद 22(1) के तहत गिरफ्तारी के कारणों की जानकारी देना जरूरी है। लेकिन इस मामले में ऐसा नहीं था कि सोनम को गिरफ्तारी के कारणों की जानकारी बिल्कुल नहीं दी गई थी।
कोर्ट ने कहा कि सोनम को 9 जून 2025 को गिरफ्तार किया गया था। इससे पहले पति की मौत के बाद वह कथित रूप से लापता थीं।
अभियोजन पक्ष का आरोप
अभियोजन पक्ष के मुताबिक, शादी के बाद सोनम अपने पति राजा रघुवंशी के साथ मेघालय गई थीं। वहां कथित तौर पर राजा रघुवंशी की हत्या कर दी गई और तीन अन्य लोगों की मदद से शव को एक गहरी खाई में फेंक दिया गया। आरोप है कि इन तीनों लोगों को हत्या के लिए कथित तौर पर सोनम ने ही किराये पर रखा था।
मामले में विवाद उस समय सामने आया जब गिरफ्तारी के कारणों में भारतीय न्याय संहिता की धारा 103(1) की जगह धारा 403(1) का उल्लेख किया गया था।
सोनम ने जमानत के लिए क्या दलील दी थी?
सोनम ने सुप्रीम कोर्ट के पिछले मिहिर राजेश शाह मामले का हवाला देते हुए कहा था कि उन्हें गिरफ्तारी के सही कारणों की जानकारी नहीं दी गई थी, इसलिए वह जमानत की हकदार हैं। ट्रायल कोर्ट ने उनकी इस दलील को स्वीकार करते हुए जमानत दे दी थी। इसके बाद हाईकोर्ट ने भी ट्रायल कोर्ट के आदेश को बरकरार रखा था।
क्या था पूरा मामला?
मध्य प्रदेश के इंदौर की रहने वाली सोनम रघुवंशी को जून 2025 में अपने व्यवसायी पति राजा रघुवंशी की हत्या के मामले में गिरफ्तार किया गया था। यह दंपती पिछले साल 23 मई को मेघालय के सोहरा इलाके में छुट्टियां मनाने के दौरान लापता हो गया था। इसके बाद 2 जून 2025 को राजा रघुवंशी का शव एक गहरी खाई में मिला था।
पुलिस का आरोप
मामले की जांच कर रही पुलिस का आरोप है कि सोनम ने किराये के हत्यारों के साथ मिलकर पति की हत्या की साजिश रची थी।
मेघालय की ट्रायल कोर्ट ने 27 अप्रैल 2026 को सोनम को जमानत दी थी। इसके बाद 29 जून 2026 को मेघालय हाईकोर्ट ने जमानत रद्द करने की राज्य पुलिस की याचिका खारिज कर दी थी। मेघालय सरकार ने जमानत के इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी।
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