पटना में पेपर लीक के विरोध में उग्र प्रदर्शन, छात्रों ने किया पथराव
By Hitesh — July 22, 2026

HIGHLIGHTS
- पटना में पेपर लीक, शिक्षा में भ्रष्टाचार और निजीकरण के विरोध में आइसा ने राजभवन मार्च निकाला।
- जेपी गोलंबर और डाकबंगला चौराहे पर प्रदर्शनकारियों को रोकने के दौरान पुलिस से झड़प हुई।
- छात्रों ने धर्मेंद्र प्रधान और मिथलेश तिवारी के इस्तीफे समेत कई मांगें उठाईं।
Author: — Dainik Dehat
पटना। पेपर लीक, शिक्षा में भ्रष्टाचार और निजीकरण के विरोध में बुधवार को वाम दल के छात्र संगठन आइसा के बैनर तले हजारों छात्र-युवा और कार्यकर्ताओं ने पटना में राजभवन मार्च निकाला। प्रदर्शनकारियों ने गांधी मैदान गेट नंबर-10 से मार्च शुरू किया, लेकिन पुलिस ने जेपी गोलंबर के पास बैरिकेडिंग कर उन्हें रोक दिया।
बैरिकेडिंग के बाद प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच तीखी बहस शुरू हो गई, जो कुछ ही देर में झड़प में बदल गई।
छात्रों ने उठाईं कई मांगें
प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और बिहार के शिक्षा मंत्री मिथलेश तिवारी के इस्तीफे की मांग की। इसके अलावा पेपर लीक मामलों में सख्त कार्रवाई, शिक्षा में भ्रष्टाचार और निजीकरण पर रोक लगाने की मांग भी की गई।
छात्रों ने जंतर-मंतर पर चल रहे छात्र आंदोलन का समर्थन किया और 7.5 CGPA की अनिवार्यता खत्म करने, फीस वृद्धि वापस लेने, नॉन-नेट फेलोशिप लागू करने तथा पटना विश्वविद्यालय की स्वायत्तता बनाए रखने जैसी मांगें भी रखीं।
पुलिस ने आंसू गैस और वाटर कैनन का किया इस्तेमाल
प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोकने के दौरान पुलिस और छात्रों के बीच झड़प हुई। इस दौरान कुछ प्रदर्शनकारियों की ओर से पुलिस पर पथराव किए जाने की बात सामने आई।
स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े और वाटर कैनन से पानी की बौछार कर प्रदर्शनकारियों को हटाने का प्रयास किया। मौके पर बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है।
आइसा ने गिनाईं अपनी मांगें
आइसा की ओर से कहा गया कि संगठन इन मुद्दों को लेकर मार्च कर रहा है। संगठन ने मांगों में धर्मेंद्र प्रधान और मिथलेश तिवारी के इस्तीफे, सभी पेपर लीक मामलों की फास्ट ट्रैक जांच, बिहार के छात्रों पर लाठीचार्ज बंद करने, 7.5 CGPA की अनिवार्यता समाप्त करने और सभी को समान डिग्री देने की मांग शामिल की है।
इसके अलावा यूजी, पीजी और पीएचडी तक फीस वृद्धि वापस लेने, बिहार के विश्वविद्यालयों में पीएचडी शोधार्थियों को नॉन-नेट फेलोशिप देने, शिक्षा के निजीकरण पर रोक लगाने और परीक्षा व्यवस्था में भ्रष्टाचार खत्म करने की मांग भी रखी गई है।
आइसा ने सरकार की ओर से सार्वजनिक शिक्षा व्यवस्था को कमजोर करने और महाविद्यालयों व विश्वविद्यालयों की स्वायत्तता खत्म करने के प्रयासों का विरोध किया है। संगठन ने पटना विश्वविद्यालय अधिनियम, 1974 को समाप्त करने की कोशिशों का भी विरोध जताया है।
डाकबंगला चौराहे पर फिर जुटे प्रदर्शनकारी
जेपी गोलंबर पर प्रदर्शन खत्म होने के कुछ घंटे बाद आइसा के बैनर तले छात्र डाकबंगला चौराहे पर पहुंच गए और राजभवन की ओर बढ़ने की कोशिश करने लगे।
इस दौरान पटना पुलिस ने डाकबंगला चौराहे पर बैरिकेडिंग कर प्रदर्शनकारियों को रोक दिया। पटना एसएसपी के निर्देश पर वहां पर्याप्त संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है। वाटर कैनन के साथ पुलिस जवान भी मौके पर मौजूद हैं।
प्रदर्शनकारी पुलिस के साथ नोकझोंक करते हुए सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर रहे हैं। प्रदर्शनकारियों ने पटना आईजी की एस्कॉर्ट गाड़ी पर हमला भी किया। वहीं, पटना आईजी ने शांति व्यवस्था भंग करने वाले प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेने का आदेश दिया है।
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