सीएम हेमंत सोरेन को जान से मारने की धमकी का वायरल वीडियो, रांची में FIR दर्ज

HIGHLIGHTS
- पुलिस से मामले की जांच कर आरोपित के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की गई।
- शिकायतकर्ता ने वीडियो की कॉपी पेन ड्राइव में भी सुरक्षित रखने की बात कही।
- शिकायत में मुख्यमंत्री के खिलाफ कथित उकसावे और आपत्तिजनक भाषा के इस्तेमाल का आरोप लगाया गया।
रांची। रांची के कोतवाली थाना में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को कथित तौर पर जान से मारने और घर उजाड़ने की धमकी देने वाले वायरल वीडियो को लेकर प्राथमिकी दर्ज की गई है। अरगोड़ा थाना क्षेत्र के बुद्ध विहार निवासी सुजीत कुमार कुजूर के बयान पर यह केस दर्ज हुआ है।
शिकायतकर्ता ने खुद को आदिवासी समुदाय से बताते हुए मामले में आरोपित के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है। आवेदन के अनुसार, जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में चल रहे छात्र आंदोलन से संबंधित एक वीडियो सोशल मीडिया पर ‘खबर अड्डा’ नामक फेसबुक पेज पर तेजी से वायरल हो रहा है।
शिकायतकर्ता का आरोप है कि वीडियो में एक व्यक्ति मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के घर में घुसकर उन्हें जान से मारने और घर उजाड़ने की बात कह रहा है। आरोप है कि वीडियो में मुख्यमंत्री के खिलाफ लोगों को कथित तौर पर उकसाया गया और आपत्तिजनक तथा आक्रामक भाषा का इस्तेमाल किया गया।
वायरल वीडियो को लेकर जताई गई आशंका
सुजीत कुमार कुजूर के अनुसार, वीडियो को लेकर लोगों के बीच चर्चा हो रही है। उन्होंने अपने आवेदन में कहा है कि इस तरह के वीडियो से भविष्य में मुख्यमंत्री के साथ कोई बड़ी अप्रिय घटना होने की आशंका पैदा हो सकती है। साथ ही संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति के खिलाफ लोगों में आक्रोश और हिंसा के लिए उकसावे की स्थिति बन सकती है।
शिकायतकर्ता के मुताबिक, वायरल वीडियो के संबंध में जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में आंदोलन कर रहे छात्रों से जानकारी ली गई। वीडियो में दिखाई दे रहे व्यक्ति की तस्वीर दिखाने पर छात्रों ने उसकी पहचान विश्वजीत समंदर के रूप में की।
आरोपी की पहचान का दावा
आवेदन में विश्वजीत समंदर को विश्व हिंदू परिषद का सदस्य बताया गया है। उसका पता 10/6 सिक्स यूनिट, बोकारो थर्मल, पोस्ट गोविंदपुर, बोकारो थर्मल, नवाडीह, बोकारो बताया गया है। शिकायतकर्ता ने उसका मोबाइल नंबर भी पुलिस को उपलब्ध कराया है।
सुजीत कुमार कुजूर ने बताया कि उन्होंने वायरल वीडियो को अपने मोबाइल फोन में डाउनलोड कर सुरक्षित रखा है। इसके अलावा वीडियो को पेन ड्राइव में भी सुरक्षित रखा गया है, ताकि जांच के दौरान पुलिस को साक्ष्य उपलब्ध कराया जा सके। आवेदन में फेसबुक पर वायरल वीडियो का लिंक भी पुलिस को दिया गया है।
मुख्यमंत्री को धमकी को बताया गंभीर मामला
शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि लोक सेवक और संवैधानिक पद पर बैठे मुख्यमंत्री के खिलाफ क्षति पहुंचाने की धमकी देना, लोगों को उकसाना और आपराधिक घटना के लिए प्रेरित करना गंभीर अपराध है।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री आदिवासी समुदाय से आते हैं और एक विशेष वर्ग के संगठन से जुड़े व्यक्ति द्वारा उनके खिलाफ इस तरह की कथित टिप्पणी से उनकी छवि धूमिल करने तथा समुदायों के बीच शत्रुता की भावना पैदा करने का प्रयास किया गया है।
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