गोवा में वकीलों पर हमला पड़ेगा महंगा, सात साल तक की जेल और 1 लाख जुर्माने का प्रावधान

HIGHLIGHTS
- गोवा विधानसभा ने वकीलों की सुरक्षा से जुड़ा विधेयक पारित किया है।
- वकील पर हमला करने पर दो साल तक की जेल का प्रावधान है।
- जानबूझकर गंभीर चोट पहुंचाने पर सात साल तक की सजा हो सकती है।
गोवा। गोवा विधानसभा ने ड्यूटी पर मौजूद वकीलों पर हमला करने वाले लोगों के लिए कड़ी सजा का प्रावधान करने वाला विधेयक पारित किया है। इसके तहत दोषी पाए जाने पर सात साल तक की जेल और 1 लाख रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान है। मंगलवार को सदन में पेश किए गए 'गोवा एडवोकेट्स प्रोटेक्शन बिल, 2026' में धमकी का सामना कर रहे वकीलों को पुलिस सुरक्षा देने की व्यवस्था भी की गई है। साथ ही, विधेयक के दुरुपयोग को रोकने के लिए सुरक्षा उपाय भी शामिल किए गए हैं।
वकीलों को मिलेगी सुरक्षा
वकीलों के पेशेवर काम के दौरान हिंसा, धमकी, उत्पीड़न, झूठे मामलों में फंसाने और संपत्ति को नुकसान पहुंचाने की घटनाएं बढ़ रही थीं। विधेयक के अनुसार, इस तरह की हरकतें कानूनी पेशे की स्वतंत्रता और निडर होकर काम करने की क्षमता को प्रभावित कर सकती हैं। इससे मुकदमा लड़ने वालों के कानूनी प्रतिनिधित्व और न्याय पाने के अधिकार पर भी असर पड़ सकता है।
इस विधेयक के तहत अपराध को संज्ञेय बनाया गया है, जिसके तहत पुलिस आरोपी को बिना वारंट के भी गिरफ्तार कर सकती है।
प्रस्तावित कानून के अनुसार, वकील पर हमला करने या आपराधिक बल का इस्तेमाल करने पर दो साल तक की जेल और 55,000 रुपये तक का जुर्माना हो सकता है। वहीं, जानबूझकर गंभीर चोट पहुंचाने पर सात साल तक की जेल और 1 लाख रुपये तक का जुर्माना हो सकता है। वकील को आपराधिक धमकी देने या परेशान करने पर दो साल तक की जेल और 25,000 रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान है। अगर धमकी में मौत, गंभीर चोट या संपत्ति को नुकसान पहुंचाने की बात शामिल हो, तो जेल की सजा सात साल तक बढ़ सकती है।
विधेयक में ये प्रावधान भी
- शिकायत केवल डिप्टी सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस से नीचे के पद के अधिकारी द्वारा जांच के बाद ही दर्ज की जा सकती है। विधेयक के मुताबिक, यह जांच सात दिनों के भीतर पूरी करनी होगी।
- अगर मामला दर्ज किया जाता है तो बार काउंसिल और उस वकील के एसोसिएशन को सूचना देनी होगी, जिसका वह वकील सदस्य है। विधेयक में वकील की संपत्ति को हुए नुकसान या क्षति के लिए मुआवजे और कोर्ट द्वारा निर्धारित मेडिकल खर्च की भरपाई का भी प्रावधान है।
- कानून के दुरुपयोग को रोकने के लिए भी सुरक्षा उपाय किए गए हैं। अगर कोई वकील इसके प्रावधानों का गलत इस्तेमाल करता है या झूठी अथवा दुर्भावनापूर्ण शिकायत करता है तो उसे एक साल तक की जेल, जुर्माना या दोनों हो सकते हैं।
- धमकी का सामना कर रहे वकील को पुलिस सुरक्षा देने का भी प्रावधान है। सुरक्षा सेशन कोर्ट से मांगी जा सकती है और डीएसपी से नीचे के रैंक का कोई अधिकारी अदालत की पूर्व अनुमति के बिना सुरक्षा वापस नहीं ले सकता, कम नहीं कर सकता या बंद नहीं कर सकता।
- यह कानून उस तारीख से लागू होगा, जिसकी घोषणा सरकार आधिकारिक गजट में करेगी।
जेल के नियम कड़े किए, फोन रखने पर 3 साल की जेल
गोवा विधानसभा ने एक अन्य विधेयक भी पारित किया है, जिसके तहत जेल के अंदर मोबाइल फोन और अन्य प्रतिबंधित इलेक्ट्रॉनिक गैजेट रखना गैर-जमानती अपराध होगा। इसके लिए तीन साल तक की जेल और 25,000 रुपये के जुर्माने का प्रावधान है। मंगलवार को विधानसभा में पेश किए गए 'गोवा प्रिजन्स एंड करेक्शनल सर्विसेज बिल, 2026' के अनुसार, इस अपराध की सजा कैदी द्वारा पहले से काटी जा रही सजा पूरी होने के बाद शुरू होगी।
प्रस्तावित कानून के मुताबिक, संवेदनशील बैरक और सेल में तैनात कर्मचारियों का भी समय-समय पर तबादला किया जाएगा, ताकि कैदी-कर्मचारी गठजोड़ और लापरवाही को रोका जा सके।
नए कानून के तहत जेल के अंदर मोबाइल फोन और अन्य प्रतिबंधित इलेक्ट्रॉनिक कम्युनिकेशन डिवाइस रखना या उनका इस्तेमाल करना संज्ञेय और गैर-जमानती अपराध होगा।
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