मुख्यमंत्री योगी ने स्मार्ट मीटर शिकायतों की गहन जांच के दिए निर्देश

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्मार्ट बिजली मीटर से संबंधित उपभोक्ता शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए, इसका विस्तृत परीक्षण और समीक्षा कराने के निर्देश दिए हैं। गुरुवार को ऊर्जा विभाग की समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि आम उपभोक्ता सत्यनिष्ठ होता है, और यदि उसे सही बिल समय पर प्राप्त होता है तो भुगतान में कोई बाधा नहीं आती।
ओवरबिलिंग की समस्या की जांच
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि विशेषज्ञों की समिति गठित की जाए, जो ओवरबिलिंग की वास्तविक स्थिति का पता लगाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि किसी उपभोक्ता की गलती नहीं है, तो उसका बिजली कनेक्शन काटा नहीं जाना चाहिए।
ऊर्जा आपूर्ति और तकनीकी सुधार
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि निर्बाध, गुणवत्तापूर्ण और पारदर्शी बिजली आपूर्ति सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने स्मार्ट मीटरिंग, लाइन लॉस में कमी, डिजिटल उपभोक्ता सेवाओं और राजस्व संग्रह में सुधार पर जोर दिया।
मुख्यमंत्री ने बिलिंग प्रणाली को सटीक और पारदर्शी बनाने, उपभोक्ता शिकायतों का त्वरित समाधान करने और स्मार्ट मीटर प्रणाली पर भरोसा बनाए रखने के निर्देश दिए। उन्होंने ऊर्जा मंत्री और पावर कॉर्पोरेशन के प्रबंध निदेशक को फील्ड निरीक्षण करने और उपभोक्ताओं की समस्याओं का समय पर निराकरण सुनिश्चित करने को कहा।
वितरण अवसंरचना और तकनीकी मानक
बैठक में यह जानकारी दी गई कि 2017 में 1.65 करोड़ विद्युत उपभोक्ताओं की संख्या 2026 में बढ़कर 3.71 करोड़ हो गई है। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि ट्रांसफार्मर बदलने की प्रक्रिया तेज हो, नए पोल सही गहराई और गुणवत्ता के साथ लगाए जाएं और बिजली लाइनों का चरणबद्ध भूमिगतकरण व्यवस्थित तरीके से हो।
ग्रामीण विद्युतीकरण और उपभोक्ता सेवा
ग्रामीण क्षेत्रों में न्यूनतम पाँच आवास वाले मजरों में भी बिजली कनेक्शन सुनिश्चित किए जाएं। डबल ग्रुप सप्लाई और कृषि फीडर पृथक्करण को समयबद्ध पूरा किया जाए ताकि ओवरलोडिंग की समस्या कम हो। 1912 कॉल सेंटर, ऑनलाइन पोर्टल, सोशल मीडिया और व्हाट्सएप के माध्यम से शिकायत निस्तारण को और प्रभावी बनाया जाए।
उत्पादन क्षमता और नई परियोजनाएं
मुख्यमंत्री ने सभी तापीय इकाइयों को पूर्ण क्षमता पर संचालित रखने और ग्रीष्मकालीन मांग के अनुसार तैयारियों को सुनिश्चित करने पर जोर दिया। प्रदेश में वर्तमान में 12,247 मेगावाट तापीय और 526.4 मेगावाट जल विद्युत क्षमता उपलब्ध है। घाटमपुर 660 मेगावाट इकाई अप्रैल में चालू होगी।
उन्होंने 5,600 मेगावाट नई परियोजनाओं (मेजा, ओबरा-डी, अनपरा-ई) को शीघ्र स्वीकृति देने और 500 मेगावाट सौर तथा 50 मेगावाट फ्लोटिंग सोलर परियोजनाओं को तेजी से आगे बढ़ाने के निर्देश दिए।
नवीकरणीय ऊर्जा और सौर योजनाएं
‘पीएम सूर्य घर योजना’ के तहत 4.60 लाख से अधिक रूफटॉप (1,560 मेगावाट) स्थापित किए जा चुके हैं। मुख्यमंत्री ने इस योजना का लाभ अधिकतम उपभोक्ताओं तक पहुंचाने, ‘पीएम कुसुम योजना’ के तहत सोलराइजेशन कार्य समयबद्ध पूरा करने और जैव ऊर्जा, ग्रीन हाइड्रोजन, ईवी चार्जिंग स्टेशनों के विकास को तेज करने पर जोर दिया।
मुख्यमंत्री ने बिजली विजिलेंस की कार्रवाई में संवेदनशीलता बनाए रखने की आवश्यकता भी जताई, ताकि आम उपभोक्ता को किसी प्रकार की परेशानी न हो।
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