मुजफ्फरनगर में CA पर वित्तीय गड़बड़ी के आरोप, हिंदू संगठनों ने SSP से की जांच की मांग

HIGHLIGHTS
- ज्ञापन में एस.एस. पब्लिकेशन और हर्ष एंटरप्राइजेज समेत कुछ फर्मों का नाम लिया गया।
- संगठनों ने शुरुआती तौर पर करीब 5 करोड़ रुपये के लेन-देन का दावा किया।
- मामले में मुजफ्फरनगर, दिल्ली और देहरादून की संपत्तियों का भी जिक्र किया गया।
मुजफ्फरनगर। जिले में एक चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) और उसके सहयोगियों पर कथित वित्तीय अनियमितता, फर्जी लेन-देन और टैक्स चोरी के आरोप लगाए गए हैं। शनिवार सुबह करीब 10 बजे हिंदू रक्षा दल और बजरंगी सेना के पदाधिकारी SSP कार्यालय पहुंचे। उन्होंने मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग करते हुए अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा। वहीं, आरोपित CA ने सभी आरोपों को निराधार बताते हुए इसे ब्लैकमेलिंग की कोशिश बताया है।
फर्जी बिलिंग और बोगस फर्मों के जरिए लेन-देन का आरोप
हिंदू रक्षा दल के जिलाध्यक्ष शंकी शर्मा और बजरंगी सेना के अध्यक्ष सुमित बजरंगी ने आरोप लगाया कि मंडी क्षेत्र के रहने वाले एक CA और उसके सहयोगियों ने कथित तौर पर फर्जी बिलिंग और बोगस फर्मों के माध्यम से बड़े स्तर पर लेन-देन किया।
पदाधिकारियों ने एस.एस. पब्लिकेशन, संगम प्रकाशन और हर्ष एंटरप्राइजेज सहित कुछ फर्मों का नाम लेते हुए आरोप लगाया कि इनके जरिए कथित फर्जी लेन-देन के साथ GST और टैक्स चोरी की गई।
हालांकि, इन आरोपों की अभी पुलिस या किसी सक्षम जांच एजेंसी की ओर से पुष्टि नहीं हुई है। संबंधित फर्मों और व्यक्तियों की भूमिका जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।
5 करोड़ के लेन-देन से कई सौ करोड़ तक का दावा
संगठनों का दावा है कि शुरुआती तौर पर करीब 5 करोड़ रुपये के लेन-देन का मामला सामने आया है। उनका आरोप है कि जांच का दायरा बढ़ने पर कथित वित्तीय गड़बड़ी का आंकड़ा कई सौ करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है।
पदाधिकारियों ने यह भी आरोप लगाया कि कथित नेटवर्क के माध्यम से मुजफ्फरनगर, दिल्ली और देहरादून में संपत्तियां तैयार की गईं। उनका कहना है कि इस मामले में गाजियाबाद में भी शिकायत की जा चुकी है।
विशेष जांच समिति बनाने की मांग
ज्ञापन के जरिए संगठनों ने मामले की निष्पक्ष जांच के लिए विशेष जांच समिति गठित करने की मांग की है। उन्होंने कथित वित्तीय लेन-देन की विस्तृत जांच कराने और आरोप सही पाए जाने पर संबंधित लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की।
CA ने आरोपों को बताया निराधार
दूसरी ओर, आरोपित CA ने फोन पर बातचीत में सभी आरोपों को पूरी तरह खारिज किया। उनका कहना है कि यह दो निजी पक्षों के बीच लेन-देन से जुड़ा मामला था, जिसे आपसी सहमति से सुलझा लिया गया है।
CA ने आरोप लगाया कि कुछ लोग हिंदूवादी संगठनों का नाम लेकर उन्हें ब्लैकमेल करने का प्रयास कर रहे हैं। उनके अनुसार, उनसे 25 लाख रुपये की मांग की गई है। उन्होंने कहा कि वह जल्द ही जिलाधिकारी और SSP से मुलाकात कर पूरे मामले की शिकायत करेंगे और कानूनी कार्रवाई की मांग रखेंगे।
फिलहाल दोनों पक्षों की ओर से एक-दूसरे पर आरोप लगाए गए हैं। कथित वित्तीय लेन-देन, संबंधित फर्मों की भूमिका और लगाए गए आरोपों की वास्तविकता पुलिस या संबंधित जांच एजेंसियों की जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
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