शुभेंदु अधिकारी को लेकर हुमायूं कबीर का विवादित बयान, बाद में बोले- लंबी उम्र की दुआ करूंगा

HIGHLIGHTS
- हुमायूं कबीर आम जनता उन्नयन पार्टी के प्रमुख और विधायक हैं।
- उन्होंने अपने बयान में हर शुक्रवार नमाज का जिक्र किया।
- बयान के दौरान इंदिरा गांधी और राजीव गांधी का भी उल्लेख किया गया।
कोलकाता। आम जनता उन्नयन पार्टी (एजेयूपी) के प्रमुख और विधायक हुमायूं कबीर अपने एक और विवादित बयान को लेकर चर्चा में हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी की मृत्यु की कामना करने वाला बयान देकर राजनीतिक विवाद खड़ा कर दिया है।
हुमायूं कबीर ने कहा कि वह हर शुक्रवार की नमाज के दौरान अल्लाह से शुभेंदु को जल्द दुनिया से उठा लेने की दुआ करेंगे। इस दौरान उन्होंने देश के कुछ दिवंगत राजनीतिक नेताओं का भी जिक्र किया और शुभेंदु के साथ कथित तौर पर पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी और राजीव गांधी जैसा हश्र होने की उम्मीद जताई।
हालांकि, बयान पर विवाद बढ़ने के बाद हुमायूं अपने रुख से पीछे हट गए। उन्होंने कहा कि वह मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी की लंबी उम्र के लिए दुआ करेंगे और उन्हें आगे चलकर प्रधानमंत्री बनते देखना चाहते हैं।
हुमायूं का यह बयान ऐसे वक्त आया है जब मुर्शिदाबाद जिले की रेजीनगर विधानसभा सीट पर छह अक्टूबर को होने वाले उपचुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हैं। यह सीट हुमायूं कबीर के इस्तीफा देने के बाद खाली हुई है।
पुलिस पर परेशान करने का आरोप
मीडिया में सामने आए बयानों के मुताबिक, हुमायूं ने मुख्यमंत्री पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि शुभेंदु की पुलिस उन्हें परेशान कर रही है। इसी दौरान उन्होंने हर शुक्रवार नमाज में शुभेंदु की मौत के लिए दुआ करने की बात कही। हालांकि बाद में उन्होंने अपने इस बयान से पलटते हुए सफाई दी।
हुमायूं ने कहा कि उनकी नाराजगी मुख्य रूप से पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर है। उनका आरोप है कि पुलिस निरंकुश तरीके से काम कर रही है और उन्हें तथा उनके समर्थकों को लगातार परेशान किया जा रहा है।
इससे पहले भी हुमायूं ने रेजीनगर उपचुनाव से पहले प्रशासन और पुलिस पर अपने कार्यकर्ताओं को परेशान करने और गिरफ्तार करने का आरोप लगाया था। इन आरोपों के बीच उन्होंने जमीनी स्तर पर चुनाव प्रचार से दूर रहने की घोषणा भी की थी।
रेजीनगर उपचुनाव से पहले बढ़ा राजनीतिक तनाव
हुमायूं कबीर और शुभेंदु अधिकारी के बीच पहले भी तीखी बयानबाजी होती रही है। जून में मुख्यमंत्री ने हुमायूं के सार्वजनिक बयानों पर आपत्ति जताते हुए उन्हें विवादित बयान देने से बचने की चेतावनी दी थी।
रेजीनगर विधानसभा सीट पर छह अक्टूबर को मतदान होना है, जबकि मतगणना नौ अक्टूबर को होगी। मतदान से ठीक पहले हुमायूं कबीर के ताजा बयान ने दोनों पक्षों के बीच पहले से चले आ रहे राजनीतिक टकराव को और बढ़ा दिया है।
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