ज्ञानेश कुमार पर राहुल गांधी का हमला, जिजी थॉमसन के दावे के बाद उठाए सवाल

HIGHLIGHTS
- जिजी थॉमसन के मुताबिक बातचीत 2016 में दिल्ली जाने वाली फ्लाइट में हुई थी।
- उस समय थॉमसन केरल के मुख्य सचिव पद पर थे।
- थॉमसन ने प्रस्ताव मिलने के बाद चुनाव लड़ने से इनकार कर दिया था।
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर जारी राजनीतिक विवाद के बीच केरल के पूर्व मुख्य सचिव जिजी थॉमसन के एक दावे से नया मुद्दा सामने आया है। थॉमसन ने आरोप लगाया है कि 2016 में, जब ज्ञानेश कुमार सेवा में थे, तब उन्होंने उन्हें भाजपा के टिकट पर लोकसभा चुनाव लड़ने का प्रस्ताव दिया था। थॉमसन के अनुसार, चुनाव जीतने की स्थिति में उन्हें केंद्रीय मंत्री बनाए जाने की बात भी कही गई थी।
जिजी थॉमसन के इस दावे पर कांग्रेस और राहुल गांधी ने सवाल उठाए हैं। राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कांग्रेस केरल की ओर से किए गए पोस्ट को साझा किया। इस पोस्ट में थॉमसन के दावे का हवाला देते हुए सवाल किया गया कि एक सेवारत अधिकारी ने किसी राजनीतिक दल के टिकट पर चुनाव लड़ने का प्रस्ताव किस अधिकार के तहत दिया था।
राहुल गांधी ने क्या लिखा?
राहुल गांधी ने कांग्रेस केरल के पोस्ट को साझा करते हुए लिखा कि पहले ज्ञानेश कुमार, जो उस समय सेवारत आईएएस अधिकारी थे, को भाजपा के लिए भर्ती करने का काम सौंपा गया। इसके बाद मोदी और शाह ने उन्हें अंपायर बना दिया और भारत के चुनावों में मैच फिक्सिंग की जिम्मेदारी सौंप दी।
जिजी थॉमसन ने क्या दावा किया?
पूर्व केरल मुख्य सचिव जिजी थॉमसन के मुताबिक, यह बातचीत 2016 में दिल्ली जाने वाली एक फ्लाइट के दौरान हुई थी। उस समय वह केरल के मुख्य सचिव के पद पर कार्यरत थे। थॉमसन ने बताया कि ज्ञानेश कुमार ने उनसे भविष्य की योजनाओं के बारे में पूछा था और 2019 के लोकसभा चुनाव में भाजपा उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ने का सुझाव दिया था।
थॉमसन के अनुसार, ज्ञानेश कुमार ने कहा था कि चुनाव जीतने के बाद वह केंद्रीय मंत्री बन सकते हैं। उन्होंने बताया कि इस प्रस्ताव को उन्होंने तत्काल ठुकरा दिया था, क्योंकि उनकी चुनाव लड़ने में कोई रुचि नहीं थी। थॉमसन ने यह भी कहा कि उन्हें इस बात पर हैरानी हुई थी, क्योंकि इस तरह का प्रस्ताव ज्ञानेश कुमार की ओर से नहीं आना चाहिए था।
किस सीट से चुनाव लड़ने का दावा?
रिपोर्टों के मुताबिक, जिजी थॉमसन ने दावा किया कि उन्हें केरल की पथनमथिट्टा लोकसभा सीट से भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ने का प्रस्ताव दिया गया था। यह चुनाव 2019 में होना था।
मामले पर कांग्रेस ने उठाए सवाल
जिजी थॉमसन के दावे के बाद कांग्रेस ने ज्ञानेश कुमार की भूमिका और चुनाव आयोग की निष्पक्षता को लेकर सवाल उठाए हैं। राहुल गांधी ने भी कांग्रेस के पोस्ट को साझा करते हुए इस मामले में कई सवाल किए।
कांग्रेस के पोस्ट में यह सवाल भी उठाया गया कि यदि 2016 में ऐसा प्रस्ताव दिया गया था, तो उस समय ज्ञानेश कुमार किस अधिकार के तहत राजनीतिक भर्ती से जुड़ी भूमिका निभा रहे थे।
ज्ञानेश कुमार को लेकर पहले से जारी है विवाद
ज्ञानेश कुमार से जुड़ा यह मामला ऐसे समय सामने आया है, जब विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर विपक्ष चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठा रहा है।
हाल में एक रिपोर्ट में दावा किया गया था कि चुनाव आयुक्तों सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने पिछले 10 महीनों में आयोग के कुछ फैसलों और आदेशों पर कम से कम 14 बार आपत्ति दर्ज की थी।
वहीं, चुनाव आयोग ने कहा है कि उसके आधिकारिक आदेशों और फैसलों को पूरा कानूनी आधार प्राप्त है। आयोग के मुताबिक, किसी संस्था की आंतरिक विचार-विमर्श प्रक्रिया में अलग-अलग विचार सामने आना सामान्य बात है।
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