पूर्वी दिल्ली में अवैध निर्माणों पर एमसीडी की कार्रवाई जारी, न्यू अशोक नगर में पीजी सील

HIGHLIGHTS
- कार्रवाई में ध्वस्तीकरण और सीलिंग दोनों शामिल हैं
- एमसीडी की टीमें अनधिकृत संपत्तियों को भी सील कर रही हैं
- स्थानीय निवासियों की शिकायत के बाद न्यू अशोक नगर में पीजी सील किया गया
सत्य निकेतन इमारत हादसे के बाद पूर्वी दिल्ली में अवैध निर्माणों के खिलाफ नगर निगम का अभियान लगातार जारी है। गुरुवार को भी मधु विहार, जगतपुरी, न्यू अशोक नगर और लक्ष्मी नगर में निगम की कार्रवाई चल रही है। इससे पहले बुधवार को निगम ने चार अलग-अलग स्थानों पर ध्वस्तीकरण और सीलिंग की कार्रवाई की थी।
चार इलाकों में निगम की कार्रवाई
एमसीडी की टीमें इन क्षेत्रों में अवैध रूप से बनाए गए ढांचों को गिराने के साथ-साथ अनधिकृत संपत्तियों को सील कर रही हैं। शहर में बढ़ रहे अवैध निर्माणों पर रोक लगाने के उद्देश्य से यह अभियान चलाया जा रहा है। मधु विहार, जगतपुरी, न्यू अशोक नगर और लक्ष्मी नगर में अवैध निर्माणों के खिलाफ तोड़फोड़ की कार्रवाई की जा रही है।
न्यू अशोक नगर में पीजी सील
न्यू अशोक नगर में अवैध रूप से संचालित एक पीजी को भी सील कर दिया गया है। स्थानीय निवासियों की शिकायतों और नियमों के उल्लंघन के बाद निगम ने यह कार्रवाई की है।
वहीं, मधु विहार में तोड़फोड़ की कार्रवाई पुलिस बल मिलने के बाद शुरू की जाएगी। निगम प्रशासन ने साफ किया है कि अवैध निर्माणों को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और ऐसे निर्माणों के खिलाफ सख्त कानूनी कदम उठाए जाएंगे।
अवैध निर्माणों के खिलाफ अभियान जारी
नगर निगम पूर्वी दिल्ली में अनधिकृत निर्माणों के खिलाफ लगातार कार्रवाई कर रहा है। बुधवार को चार अलग-अलग जगहों पर बड़ी कार्रवाई की गई थी। इस दौरान कई अवैध ढांचों को ध्वस्त करने के साथ कुछ संपत्तियों को सील किया गया था।
यह अभियान शहर में नियमों का पालन सुनिश्चित करने और अनियोजित विकास पर रोक लगाने के लिए चलाया जा रहा है। निगम ने सभी नागरिकों से नियमों का पालन करने की अपील की है।
न्यू अशोक नगर और मधु विहार में कार्रवाई
न्यू अशोक नगर में अवैध तरीके से संचालित एक पेइंग गेस्ट हाउस को सील किया गया है। यह कदम इलाके में अनधिकृत व्यावसायिक गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए उठाया गया है।
मधु विहार में भी अवैध निर्माणों के खिलाफ तोड़फोड़ की तैयारी है। इसके लिए स्थानीय पुलिस बल की उपलब्धता का इंतजार किया जा रहा है। निगम के अनुसार सभी अवैध निर्माणों के खिलाफ नियमानुसार और बिना किसी भेदभाव के कार्रवाई की जाएगी।
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