नोएडा हिंसा मामले में नया खुलासा: पाकिस्तान से संचालित एक्स हैंडल और बाहरी राज्यों का कनेक्शन

शहर में हाल ही में हुए श्रमिकों के उग्र प्रदर्शन और आगजनी की घटनाओं की जांच में एक नया पहलू सामने आया है। पुलिस के अनुसार, इस पूरे मामले में पाकिस्तान से संचालित कुछ एक्स (पूर्व में ट्विटर) हैंडल की भूमिका भी सामने आई है। इन हैंडल के जरिए भड़काऊ सामग्री साझा किए जाने के आरोप में पुलिस ने दो एक्स हैंडल संचालकों के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
पुलिस आयुक्त लक्ष्मी सिंह ने बताया कि अब तक इस घटना से जुड़े कुल 13 मुकदमे दर्ज किए जा चुके हैं और 62 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। जांच एजेंसियां सोशल मीडिया और डिजिटल माध्यमों के जरिए फैलाई गई सामग्री की भी गहन पड़ताल कर रही हैं।
दूसरे राज्यों से जुड़े डिजिटल लिंक
प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि वेतन वृद्धि की मांग को लेकर भड़की इस हिंसा की पृष्ठभूमि में तेलंगाना और कर्नाटक से जुड़े कुछ डिजिटल कनेक्शन भी मिले हैं। बताया जा रहा है कि कई व्हाट्सऐप ग्रुप दूर-दराज के राज्यों से संचालित किए जा रहे थे, जिनके माध्यम से श्रमिकों को भड़काने की कोशिश की गई।
एसटीएफ हिंसा के दौरान बनाए गए 500 से अधिक वीडियो की जांच कर रही है। इसके अलावा कुछ टेलीग्राम ग्रुप भी जांच के दायरे में हैं, जिनका इस्तेमाल कथित तौर पर मजदूरों को उकसाने के लिए किया गया। जांच के दौरान तेलंगाना और कर्नाटक से जुड़े कुछ व्यक्तियों की डिजिटल ट्रेल भी सामने आई है।
बड़ी संख्या में गिरफ्तारियां
सोमवार को हुई हिंसक घटनाओं के बाद पुलिस ने व्यापक कार्रवाई की। बुधवार रात तक लगभग 600 लोगों को हिरासत में लिया गया। इनमें से अधिकांश गिरफ्तारियां कोतवाली फेज-वन, फेज-टू, सेक्टर-58, सेक्टर-63 और फेज-थ्री थाना क्षेत्रों से की गईं।
प्रशासन की सख्ती और शांति की अपील
घटनाओं के बाद प्रशासनिक अमला पूरी तरह सक्रिय रहा। जिलाधिकारी से लेकर तहसीलदार तक औद्योगिक क्षेत्रों में लगातार निगरानी करते रहे। वहीं श्रमिकों के रहने वाले गांवों में शांति मार्च भी निकाले गए।
जिलाधिकारी मेधा रूपम ने श्रमिकों से मुलाकात कर उन्हें वेतन वृद्धि से जुड़ी जानकारी दी और सभी से शांति और सौहार्द बनाए रखने की अपील की।
मजदूर बिगुल दस्ता संगठन पर कार्रवाई
पुलिस ने इस मामले में मजदूर बिगुल दस्ता संगठन के प्रमुख रूपेश राय सहित 18 अन्य लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस का दावा है कि यह संगठन पूरे घटनाक्रम में प्रमुख भूमिका निभा रहा था। जांच में सामने आया कि संगठन के कुछ सदस्य फैक्ट्री क्षेत्रों में जाकर मजदूरों को उकसा रहे थे।
पुलिस का यह भी कहना है कि इससे पहले मानेसर में हुई फैक्ट्री हिंसा में भी इसी संगठन की भूमिका सामने आई थी।
उद्योगों में धीरे-धीरे काम शुरू
स्थिति सामान्य होने के साथ ही औद्योगिक क्षेत्रों में कामकाज फिर से पटरी पर लौटने लगा है। अधिकारियों के अनुसार, अब करीब 70 प्रतिशत उद्योगों में उत्पादन गतिविधियां दोबारा शुरू हो चुकी हैं।
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