निरमा यूनिवर्सिटी विवाद में नया मोड़, प्रोफेसर और छात्र ने एक-दूसरे से मांगी माफी

HIGHLIGHTS
- 'टेक्नोफोरा 2026' का आयोजन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी के छात्रों ने किया था।
- स्टैंड-अप कॉमेडी एक्ट के बाद प्रोफेसर मंच से दर्शकों को संबोधित कर रहे थे।
- इसी दौरान एक छात्र ने फिल्म का मशहूर डायलॉग बोला था।
अहमदाबाद। गुजरात की निरमा यूनिवर्सिटी से जुड़े विवाद में नया अपडेट सामने आया है। कुछ दिन पहले यूनिवर्सिटी के एक प्रोफेसर का मंच पर एक छात्र का कॉलर पकड़ने का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ था। अब मामले में प्रोफेसर और छात्र दोनों ने एक-दूसरे से माफी मांग ली है।
हालांकि, आपसी माफी के बाद भी यूनिवर्सिटी प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लिया है। प्रशासन ने इस पूरे प्रकरण की जांच के लिए उच्च स्तरीय कमेटी गठित कर जांच के आदेश दिए हैं।
क्या है पूरा मामला?
यह घटना यूनिवर्सिटी के 'इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी' के छात्रों की ओर से 18 से 20 सितंबर तक आयोजित तीन दिवसीय फेस्ट 'टेक्नोफोरा 2026' के दौरान हुई थी।
स्टैंड-अप कॉमेडी एक्ट खत्म होने के बाद विभाग के प्रमुख प्रोफेसर एच.के. पटेल मंच से दर्शकों को संबोधित कर रहे थे। इसी दौरान भीड़ में मौजूद एक छात्र ने फिल्म का मशहूर डायलॉग, 'जल्दी कर, पनवेल निकलना है' कहा।
प्रोफेसर ने छात्र को मंच पर बुलाया
वायरल वीडियो में दिखाई देता है कि छात्र की टिप्पणी से नाराज होकर प्रोफेसर ने उसे मंच पर बुलाया। इसके बाद प्रोफेसर ने गुस्से में छात्र का कॉलर पकड़ लिया और उसे तमीज में रहने की हिदायत दी।
वीडियो में प्रोफेसर को यह कहते हुए भी सुना जा सकता है कि वह किसी भी हद तक जा सकते हैं। उन्होंने कहा कि जिस दिन छात्र ने निरमा यूनिवर्सिटी कैंपस के किसी शिक्षक का अपमान करने की हिम्मत की, उस दिन समझो वह हमेशा के लिए गया।
विवाद बढ़ने के बाद यूनिवर्सिटी ने बनाई कमेटी
मामला सामने आने और विवाद बढ़ने के बाद यूनिवर्सिटी प्रशासन ने कार्रवाई शुरू की। निरमा यूनिवर्सिटी के महानिदेशक प्रोफेसर आर.एन. पटेल ने बताया कि विवाद के बाद प्रोफेसर और छात्र दोनों ने अपनी-अपनी गलती स्वीकार करते हुए एक-दूसरे से माफी मांग ली है।
इसके बावजूद यूनिवर्सिटी ने इसे अनुशासनहीनता और गंभीर मामला मानते हुए तीन सदस्यीय हाई-पॉवर कमेटी का गठन किया है। इस कमेटी में डीन और डायरेक्टर भी शामिल हैं। कमेटी पूरे मामले की जांच कर सात दिन के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपेगी।
यूनिवर्सिटी प्रशासन के मुताबिक, नियमों के तहत उचित प्रक्रिया का पालन किया जाएगा। कमेटी की सिफारिशों के आधार पर ही आगे की कार्रवाई को लेकर फैसला किया जाएगा।
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