झारखंड में डेविल्स ग्रुप पर पुलिस का शिकंजा, चार जिलों के DSP की विशेष टीम गठित

HIGHLIGHTS
- झारखंड पुलिस डेविल्स ग्रुप से जुड़े अपराधियों के खिलाफ विशेष अभियान चलाएगी, डीजीपी ने बनाई रणनीति।
- गोड्डा, दुमका, जामताड़ा और देवघर के डीएसपी की संयुक्त टीम बनाकर अपराधियों पर कार्रवाई की जाएगी।
- पुलिस संदिग्धों का सत्यापन, वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाने और पुराने लूट-छिनतई मामलों के जल्द निपटारे पर काम करेगी।
रांची। झारखंड में सक्रिय डेविल्स ग्रुप से जुड़े अपराधियों के खिलाफ पुलिस अब बड़े स्तर पर अभियान चलाने की तैयारी कर रही है। इसको लेकर डीजीपी तदाशा मिश्रा ने गुरुवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अधिकारियों के साथ बैठक कर रणनीति तैयार की।
बैठक में चार जिलों के डीएसपी की संयुक्त टीम गठित करने का फैसला लिया गया है। यह टीम डेविल्स ग्रुप से जुड़े अपराधियों की गतिविधियों की समीक्षा करेगी और उनके खिलाफ वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाकर प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करेगी।
गोड्डा-दुमका क्षेत्र में सक्रिय है ग्रुप
पुलिस के अनुसार, डेविल्स ग्रुप के सदस्य मुख्य रूप से गोड्डा और दुमका जिले के आसपास सक्रिय हैं। पुलिस मुख्यालय में हुई बैठक में डीजीपी के अलावा आईजी अभियान नरेंद्र कुमार सिंह, आईजी दुमका प्रक्षेत्र पटेल मयूर कन्हैयालाल और एसपी अभियान दीपक कुमार शर्मा मौजूद रहे।
वहीं वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए डीआईजी दुमका, एसपी दुमका और गोड्डा के अधिकारी भी बैठक में शामिल हुए।
संदिग्धों का होगा सत्यापन, पुराने मामलों की समीक्षा
डीजीपी ने डीआईजी दुमका प्रक्षेत्र को निर्देश दिया है कि डेविल्स ग्रुप से जुड़े संदिग्ध सदस्यों का भौतिक सत्यापन कराया जाए। इसके साथ ही ज्वेलरी लूट और छिनतई जैसी वारदातों की विस्तृत समीक्षा कर लंबित मामलों के जल्द निपटारे के लिए कदम उठाए जाएं।
उन्होंने अवैध हथियारों की तस्करी पर रोक लगाने और दूसरे राज्यों की पुलिस के साथ बेहतर तालमेल बनाकर कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए हैं।
चार जिलों के डीएसपी मिलकर करेंगे जांच
डेविल्स ग्रुप के खिलाफ अभियान को प्रभावी बनाने के लिए गोड्डा, दुमका, जामताड़ा और देवघर जिलों के डीएसपी की संयुक्त टीम बनाई जाएगी। यह टीम डीएसपी स्तर के अधिकारी के नेतृत्व में काम करेगी और इन जिलों में हुई संबंधित घटनाओं की जांच और खुलासे की कार्रवाई को आपस में समन्वय के साथ आगे बढ़ाएगी।
टीम की साप्ताहिक प्रगति रिपोर्ट आईजी दुमका प्रक्षेत्र को भेजी जाएगी।
दोषियों को जल्द सजा दिलाने पर जोर
डीजीपी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि गिरफ्तार अपराधियों के खिलाफ मजबूत वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाए जाएं, गवाहों की समय पर पेशी सुनिश्चित की जाए और जमानतदारों का सत्यापन कराया जाए।
इसके अलावा अभियोजन पक्ष के साथ बेहतर तालमेल बनाकर मामलों में स्पीडी ट्रायल कराने पर भी जोर दिया गया, ताकि दोषियों को जल्द सजा दिलाई जा सके। डीजीपी ने वरिष्ठ अधिकारियों को क्षेत्र में लगातार सक्रिय रहने और पुलिस गश्त बढ़ाने के निर्देश भी दिए हैं।
Comments0
Leave a comment
Join the conversation — your email will not be published.





















Reader comments
No comments yet
Be the first to share your perspective on this story.