मुजफ्फरनगर में नाबालिग की बरामदगी पर सवाल, BKU नेता ने की निष्पक्ष जांच की मांग

HIGHLIGHTS
- एसएसपी के निर्देश पर बालिका को माता-पिता के सुपुर्द किया गया।
- थाने में इंस्पेक्टर के सामने बालिका की वीडियो रिकॉर्डिंग की गई।
- बालिका का बयान दर्ज किए जाने की बात कही गई है।
मुजफ्फरनगर। खालापार थाना क्षेत्र में 14 वर्षीय नाबालिग बालिका के लापता होने और बरामदगी के मामले में पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए गए हैं। भारतीय किसान यूनियन अराजनीतिक के युवा महानगर अध्यक्ष वसीम खान शुक्रवार सुबह करीब 10 बजे एसएसपी कार्यालय पहुंचे। उन्होंने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की।
वसीम खान के मुताबिक, थाना क्षेत्र के एक गांव की रहने वाली 14 वर्षीय बालिका को पड़ोस का एक युवक बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया था। उनका आरोप है कि बालिका और युवक के बरामद होने के बाद पुलिस ने बालिका को कई दिनों तक अपने पास रखा और उसे उसके माता-पिता से मिलने नहीं दिया।
एसएसपी के निर्देश पर माता-पिता को सौंपा
वसीम खान ने बताया कि वह बालिका के परिजनों के साथ एसएसपी से मिले थे। उनके अनुसार, एसएसपी के निर्देश के बाद बालिका को उसके माता-पिता के सुपुर्द किया गया। इसके बाद उसे खालापार थाने लाया गया, जहां इंस्पेक्टर के सामने उसकी वीडियो रिकॉर्डिंग की गई और बयान दर्ज किए गए।
वसीम खान का दावा है कि बालिका ने पुलिस को घटना से जुड़ी जानकारी भी दी।
चौकी प्रभारी पर लगाए आरोप
वसीम खान ने आरोप लगाया कि संबंधित चौकी प्रभारी ने युवक और बालिका को पहले ही बरामद कर लिया था, लेकिन युवक के खिलाफ अपेक्षित कार्रवाई नहीं की गई। उनका आरोप है कि चौकी प्रभारी ने बालिका पर दबाव बनाया और ऐसे बयान दिलवाने का प्रयास किया, जिससे आरोपी युवक को लाभ मिल सके।
मेडिकल परीक्षण को लेकर भी सवाल
वसीम खान ने बालिका के चिकित्सकीय परीक्षण को लेकर भी सवाल उठाए। उनका आरोप है कि बालिका को मेडिकल जांच के लिए बुढ़ाना भेजा गया था, लेकिन वहां पहुंचने के बाद चौकी प्रभारी ने चिकित्सक से फोन पर कथित तौर पर कहा कि बालिका मेडिकल परीक्षण नहीं कराना चाहती।
उन्होंने पूरे घटनाक्रम की जांच कराने की मांग की है।
लेन-देन की आशंका जताई
वसीम खान ने पुलिस और आरोपी पक्ष के बीच कथित लेन-देन की आशंका भी जताई। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि वह इसे लेकर सीधे तौर पर कोई आरोप नहीं लगा रहे हैं।
उन्होंने चौकी प्रभारी की भूमिका की जांच कराने और आरोप सही पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की मांग की।
वसीम खान के अनुसार, घटना के करीब सात दिन बीतने के बाद भी अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने से परिजनों में नाराजगी है। उन्होंने कहा कि स्थानीय स्तर पर कार्रवाई नहीं हुई तो वह मामले को डीआईजी सहारनपुर और इसके बाद मुख्यमंत्री के सामने उठाएंगे।
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