सोनू कश्यप हत्याकांड: मंत्री ने लिखा पत्र, हरेंद्र मलिक बोले- ये अघोषित आपातकाल

मुजफ्फरनगर। मेरठ के ज्वालागढ़ क्षेत्र में सोनू कश्यप की हत्या के बाद राजनीतिक और सामाजिक हलचल तेज हो गई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं ने पीड़ित परिवार से मिलने की कोशिश की, लेकिन इस दौरान पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच तनाव की स्थिति भी देखने को मिली।
कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय राय को पुलिस ने भंगेला चेकपोस्ट पर रोक लिया। सीओ खतौली राम आशीष यादव के नेतृत्व में पुलिस ने हाईवे पर बैरिकेडिंग कर आगे बढ़ने से रोक दिया। इसे लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच तीखी नोकझोंक हुई, जिसके बाद मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। हालांकि पुलिस ने प्रदेश अध्यक्ष समेत सभी कार्यकर्ताओं को चेकपोस्ट पर ही बैठा दिया और आगे जाने की अनुमति नहीं दी।
इस बीच पूर्व मंत्री सईदुज्जमा और राकेश पुंडीर ने वीडियो कॉल के माध्यम से अजय राय की बातचीत मृतक सोनू कश्यप की बहन आरती से कराई। बातचीत में पीड़ित परिवार के लिए 50 लाख रुपये मुआवजा, एक सदस्य को सरकारी नौकरी, मामले की उच्चस्तरीय जांच और परिवार की सुरक्षा जैसी मांगें रखी गईं। प्रदेश अध्यक्ष ने सरकार से इस संबंध में पत्र लिखकर हरसंभव मदद का भरोसा दिलाया। मौके पर कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता और पदाधिकारी मौजूद रहे।
सपा नेताओं ने की आर्थिक सहायता
सरधना से सपा विधायक अतुल प्रधान गुरुवार को सांसद हरेंद्र मलिक के प्रेमपुरी स्थित आवास पहुंचे। यहां उन्होंने सोनू कश्यप की बहन आरती को एक लाख रुपये नकद सौंपे और जल्द ही दो लाख रुपये और देने का आश्वासन दिया। विधायक ने बताया कि वह राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव का संदेश लेकर आए हैं। उन्होंने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि विपक्ष के नेताओं को पीड़ित परिवार से मिलने से रोकना लोकतांत्रिक व्यवस्था के खिलाफ है।
अघोषित आपातकाल जैसे हालात- हरेंद्र मलिक
सपा सांसद हरेंद्र मलिक ने पुलिस कार्रवाई पर नाराजगी जताते हुए कहा कि प्रदेश में हालात अघोषित आपातकाल जैसे हो गए हैं। उन्होंने कहा कि पीड़ित परिवार से मिलने पर रोक लगाने से आक्रोश बढ़ेगा और इससे सामाजिक तनाव पैदा हो सकता है। उन्होंने सरकार से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए कार्रवाई की मांग की।
अर्धनग्न प्रदर्शन, पुलिस से झड़प
कृष्णापुरी निवासी पुलकित कश्यप ने अपने साथियों के साथ हनुमान चौक पर अनोखा प्रदर्शन किया। उन्होंने सोनू कश्यप का फोटो शरीर पर चिपकाकर अर्धनग्न अवस्था में विरोध जताया। इस दौरान पुलिस से झड़प भी हुई। बाद में पुलिस ने एक-एक कर युवकों को पीड़ित परिवार से मिलने की अनुमति दी। प्रदर्शनकारियों ने परिवार को 50 लाख रुपये मुआवजा देने की मांग की।
प्रशासनिक हस्तक्षेप से टला विरोध मार्च
भारतीय अति पिछड़ा वर्ग संघर्ष मोर्चा द्वारा प्रस्तावित विरोध मार्च को प्रशासन के अनुरोध पर स्थगित कर दिया गया। इसके स्थान पर संगठन कार्यालय में बैठक हुई, जिसमें सिटी मजिस्ट्रेट पहुंचे। मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष मोहन प्रजापति ने मांगपत्र सौंपते हुए कहा कि प्रदेश में अति पिछड़ा वर्ग के खिलाफ अत्याचार बढ़ रहे हैं।
मोरना में निकला कैंडल मार्च
सोनू कश्यप को न्याय दिलाने और दोषियों को कड़ी सजा दिलाने की मांग को लेकर मोरना क्षेत्र में कैंडल मार्च निकाला गया। यह मार्च ब्लॉक कार्यालय से शुरू होकर शुक्रताल मार्ग होते हुए चौधरी चरण सिंह चौक तक पहुंचा। वहां दो मिनट का मौन रखकर मृतक की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की गई। कार्यक्रम में भाजपा नेता और स्थानीय जनप्रतिनिधि भी शामिल हुए।
राज्यमंत्री ने डीएम-एसएसपी को लिखा पत्र
कौशल विकास राज्यमंत्री कपिल देव अग्रवाल ने जिलाधिकारी उमेश मिश्रा और एसएसपी संजय वर्मा को पत्र लिखकर निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने कहा कि पीड़ित परिवार को न्याय दिलाया जाएगा और दोषियों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा।
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