मुजफ्फरनगर में छात्रों को साइबर ठगी से बचाव की जानकारी, OTP और बैंक डिटेल साझा न करने की सलाह

HIGHLIGHTS
- कार्यक्रम का आयोजन बुधवार दोपहर करीब एक बजे एसडी डिग्री कॉलेज में हुआ।
- साइबर जागरूकता एवं मिशन शक्ति अभियान के तहत गोष्ठी आयोजित की गई।
- एसपी क्राइम इंदु सिद्धार्थ ने कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं को जानकारी दी।
मुजफ्फरनगर के एसडी डिग्री कॉलेज में बुधवार दोपहर करीब एक बजे साइबर अपराध और महिला सुरक्षा को लेकर जागरूकता गोष्ठी का आयोजन किया गया। साइबर जागरूकता एवं मिशन शक्ति अभियान के तहत आयोजित कार्यक्रम में एसपी क्राइम इंदु सिद्धार्थ ने छात्र-छात्राओं और कॉलेज स्टाफ को साइबर ठगी के बदलते तरीकों की जानकारी दी और इससे बचाव के उपाय बताए।
कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की सदस्य सपना कश्यप भी मौजूद रहीं।
कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती और स्वामी विवेकानंद के चित्र के सामने दीप प्रज्वलित कर किया गया। इसके बाद एसपी क्राइम ने बताया कि साइबर अपराधी फर्जी फोन कॉल, व्हाट्सऐप मैसेज, संदिग्ध लिंक, OTP, KYC अपडेट, बैंक अधिकारी बनकर ठगी, ऑनलाइन निवेश, डिजिटल अरेस्ट और सोशल मीडिया के माध्यम से लोगों को निशाना बना रहे हैं।
उन्होंने छात्र-छात्राओं को विशेष रूप से सावधान करते हुए कहा कि किसी अनजान व्यक्ति के साथ OTP, ATM या डेबिट कार्ड की जानकारी, बैंक डिटेल, पासवर्ड अथवा अन्य निजी जानकारी साझा न करें। संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने से भी बचने की सलाह दी गई। ऑनलाइन निवेश और लालच वाले ऑफर के मामलों में बिना सत्यापन के किसी पर भरोसा न करने के लिए भी कहा गया।
एसपी क्राइम ने बताया कि साइबर ठगी होने पर बिना समय गंवाए 1930 पर शिकायत दर्ज करानी चाहिए। इसके साथ ही नजदीकी थाने की साइबर हेल्प डेस्क से भी संपर्क किया जा सकता है। पुलिस के अनुसार, समय रहते शिकायत मिलने पर ठगी की रकम को रोकने या वापस कराने की कार्रवाई जल्द शुरू की जा सकती है।
पुलिस सहायता तंत्र की जानकारी
मिशन शक्ति अभियान के तहत छात्राओं को महिला सुरक्षा से जुड़े अधिकारों और पुलिस की ओर से उपलब्ध सहायता तंत्र के बारे में भी जानकारी दी गई। एसपी क्राइम ने कहा कि किसी तरह की परेशानी, उत्पीड़न या अपराध की स्थिति में छात्राएं बिना डर और संकोच के पुलिस से संपर्क करें।
बताया गया कि जिले के प्रत्येक थाने में मिशन शक्ति केंद्र स्थापित किया गया है। यहां महिलाओं और बालिकाओं से संबंधित शिकायतों पर प्राथमिकता के आधार पर सहायता और कार्रवाई की जाती है।
कार्यक्रम के दौरान छात्र-छात्राओं से स्वयं साइबर अपराध के प्रति जागरूक रहने के साथ परिवार और आसपास के लोगों को भी इसके प्रति जागरूक करने की अपील की गई।































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