मुजफ्फरनगर में अनोखी कार्रवाई, बच्चे की कस्टडी मामले में ढोल बजाकर कराई गई मुनादी

HIGHLIGHTS
- मुजफ्फरनगर फैमिली कोर्ट ने तीन वर्षीय बच्चे की कस्टडी मामले में नोटिस तामील कराया।
- प्रतिवादी महिला के घर ढोल बजाकर मुनादी की गई और नोटिस चस्पा किया गया।
- अदालत ने आपत्ति दर्ज कराने के लिए एक अगस्त 2026 की तारीख तय की है।
मुजफ्फरनगर। पारिवारिक न्यायालय में तीन वर्षीय बच्चे की कस्टडी को लेकर शुक्रवार को एक अलग तरह की कार्रवाई देखने को मिली। फैमिली कोर्ट के आदेश पर अपराह्न करीब 4 बजे प्रतिवादी महिला के घर ढोल बजाकर मुनादी कराई गई और न्यायालय का नोटिस दरवाजे पर चस्पा किया गया। यह कार्रवाई क्षेत्र में चर्चा का विषय बन गई है।
नगर कोतवाली क्षेत्र के प्रेमपुरी निवासी अंश मित्तल ने परिवार न्यायालय कोर्ट संख्या-3 में अपनी पत्नी स्नेह गर्ग के खिलाफ याचिका दाखिल की है। याचिका में उन्होंने अपने तीन वर्षीय बेटे सारांश मित्तल का विधिक संरक्षक घोषित किए जाने और बच्चे की कस्टडी उन्हें सौंपे जाने की मांग की है। फिलहाल बच्चा अपनी मां के साथ उसके मायके मोहल्ला ब्रह्मपुरी में रह रहा है।
मामले की सुनवाई के लिए न्यायालय ने एक अगस्त 2026 की तारीख तय की है और प्रतिवादी को नोटिस जारी किया गया। अदालत के आदेश पर कोर्ट कर्मचारी ब्रह्मपुरी पहुंचे, जहां ढोल बजाकर मुनादी कराई गई और लोगों को न्यायालय के आदेश की जानकारी दी गई। इसके बाद नोटिस प्रतिवादी के मायके स्थित आवास के दरवाजे पर चस्पा कर दिया गया।
नोटिस में बताया गया है कि यदि प्रतिवादी को बच्चे की कस्टडी या संरक्षक बनाए जाने को लेकर कोई आपत्ति है तो वह निर्धारित तारीख पर खुद या अपने अधिवक्ता के माध्यम से न्यायालय में उपस्थित होकर अपना पक्ष रख सकती हैं।
न्यायालय ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित तिथि के बाद प्रस्तुत की जाने वाली आपत्तियों पर विचार नहीं किया जाएगा। इसके बाद उपलब्ध रिकॉर्ड के आधार पर आगे का आदेश पारित किया जाएगा।
परिवार न्यायालय की यह कार्रवाई इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि आमतौर पर ऐसे मामलों में नोटिस की तामील अलग-अलग माध्यमों से कराई जाती है, लेकिन इस मामले में अदालत के आदेश पर ढोल बजाकर मुनादी कराते हुए नोटिस चस्पा किया गया।
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