यूपी MLC चुनाव 2026: BJP ने सभी 11 सीटों पर उम्मीदवारों का किया ऐलान, देखें पूरी लिस्ट

HIGHLIGHTS
- भाजपा ने मंगलवार को छह नए उम्मीदवारों के नाम घोषित किए
- तीन स्नातक और तीन शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों के लिए प्रत्याशी तय
- वाराणसी स्नातक सीट से केदार नाथ सिंह को टिकट
- मेरठ स्नातक से दिनेश गोयल फिर मैदान में
- इलाहाबाद-झांसी स्नातक सीट से अशोक कुमार राठौर उम्मीदवार
उत्तर प्रदेश में विधान परिषद की स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों की 11 सीटों पर होने वाले चुनाव के लिए भाजपा ने अपने सभी प्रत्याशियों के नाम घोषित कर दिए हैं। पार्टी ने मंगलवार को छह और उम्मीदवारों के नाम जारी किए। इनमें तीन स्नातक और तीन शिक्षक सीटों के प्रत्याशी शामिल हैं। इससे पहले मई में पांच सीटों के लिए उम्मीदवारों का ऐलान किया गया था। इस तरह भाजपा ने इन चुनावों को लेकर अपने सभी प्रत्याशियों की तस्वीर साफ कर दी है।
भाजपा केंद्रीय कार्यालय के प्रभारी तरुण चुघ की ओर से जारी सूची के अनुसार, वाराणसी स्नातक सीट से केदार नाथ सिंह, मेरठ स्नातक सीट से दिनेश गोयल और इलाहाबाद-झांसी स्नातक सीट से अशोक कुमार राठौर को उम्मीदवार बनाया गया है। वहीं, वाराणसी शिक्षक सीट से डॉ. प्रमोद मिश्रा, आगरा शिक्षक सीट से इंजीनियर हरिकिशोर तिवारी और गोरखपुर-फैजाबाद शिक्षक सीट से ध्रुव त्रिपाठी को प्रत्याशी बनाया गया है।
मेरठ स्नातक सीट से दिनेश गोयल मौजूदा एमएलसी हैं और भाजपा ने उन्हें एक बार फिर चुनाव मैदान में उतारा है। ध्रुव कुमार त्रिपाठी और प्रमोद मिश्रा शिक्षक संघ शर्मा गुट के नेता रह चुके हैं। प्रमोद मिश्रा वर्तमान में इस संगठन के कार्यकारी अध्यक्ष भी रहे हैं।
दूसरी सूची में शामिल केदारनाथ सिंह पूर्व एमएलसी हैं। पिछले चुनाव में उन्हें सपा के हाथों हार का सामना करना पड़ा था। इसके बावजूद भाजपा ने इस बार फिर उन्हें चुनाव लड़ने का मौका दिया है। वहीं, कर्मचारी नेता रहे हरिकिशोर तिवारी को पहली बार प्रत्याशी बनाया गया है। शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में भी पार्टी ने अपने पुराने संगठनात्मक आधार और सक्रिय चेहरों को चुनाव मैदान में उतारा है।
पहले घोषित हो चुके हैं ये पांच प्रत्याशी
भाजपा ने इससे पहले लखनऊ स्नातक सीट से इंजीनियर अवनीश कुमार सिंह, आगरा स्नातक सीट से डॉ. मानवेंद्र प्रताप सिंह, बरेली-मुरादाबाद शिक्षक सीट से डॉ. हरि सिंह ढिल्लो, लखनऊ शिक्षक सीट से उमेश द्विवेदी और मेरठ शिक्षक सीट से श्रीचंद्र शर्मा को प्रत्याशी घोषित किया था। पार्टी ने इन पांचों को दोबारा चुनाव मैदान में उतारा है।
इस तरह भाजपा ने पांच स्नातक और छह शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों के लिए अपने उम्मीदवार तय कर लिए हैं।
सामाजिक समीकरण पर भी फोकस
प्रदेश संगठन के गठन के बाद भाजपा ने शिक्षक और स्नातक सीटों के एमएलसी चुनाव में सामाजिक समीकरण पर भी विशेष ध्यान दिया है। पार्टी ने 11 सीटों में सबसे ज्यादा पांच सीटों पर ब्राम्हण चेहरों को मौका दिया है। इसके अलावा ओबीसी के तीन, राजपूत के दो और वैश्य जाति से एक प्रत्याशी को मैदान में उतारा गया है। इस तरह पार्टी ने जातीय और क्षेत्रीय समीकरण को साधने का प्रयास किया है।
2027 से पहले अहम सियासी कवायद
विधान परिषद का यह चुनाव सामान्य विधानसभा चुनाव से अलग मतदाता समूह के बीच होता है। इसके बावजूद 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले इसे भाजपा के लिए संगठनात्मक संपर्क और शिक्षक-स्नातक वर्ग के बीच अपनी पहुंच परखने के अवसर के तौर पर देखा जा रहा है। इन सीटों पर लंबे समय से अलग-अलग राजनीतिक दलों और शिक्षक संगठनों का प्रभाव रहा है। ऐसे में भाजपा के सामने चुनौती सिर्फ अपने प्रत्याशियों को जिताने की नहीं, बल्कि इन निर्वाचन क्षेत्रों में संगठन और मतदाता नेटवर्क को प्रभावी बनाने की भी होगी।
23 अक्तूबर को मतदान, 27 को नतीजे
11 सीटों के लिए 23 अक्तूबर को मतदान होगा, जबकि 27 अक्तूबर को मतगणना की जाएगी। नामांकन दाखिल करने की अंतिम तारीख छह अक्तूबर और नाम वापसी की अंतिम तारीख नौ अक्तूबर है। मौजूदा सदस्यों का कार्यकाल छह दिसंबर को समाप्त हो रहा है।
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