'सच सामने आ गया', वोटर लिस्ट में बदलाव पर कोई मतभेद नहीं; EC की सफाई पर BJP का बयान

HIGHLIGHTS
- चुनाव आयोग ने SIR से जुड़े फैसलों पर अपना पक्ष रखा।
- बिहार से शुरू हुई SIR प्रक्रिया के बाद अन्य राज्यों में भी इसे लागू किया गया।
- आयोग के अनुसार संबंधित आदेश सर्वसम्मत मंजूरी के बाद जारी किए गए।
नई दिल्ली। SIR विवाद को लेकर चुनाव आयोग के बयान के बाद भारतीय जनता पार्टी ने कहा है कि ECI के बयान से स्पष्ट हो गया है कि वोटर लिस्ट के स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (SIR) का निर्णय मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और दोनों चुनाव आयुक्तों की पूरी सहमति से लिया गया था।
चुनाव आयोग ने अपने बयान में कहा कि पिछले कुछ महीनों के दौरान आयोग ने देशभर में SIR समेत कई फैसले लिए हैं। बिहार से शुरू हुए SIR के बाद पश्चिम बंगाल और 30 अन्य राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों के लिए इसका आदेश आयोग की सर्वसम्मत मंजूरी के बाद जारी किया गया था।
भारत के सुप्रीम कोर्ट ने भी 27 मई 2026 के अपने आदेश में इसे सही ठहराया है। 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लिए SIR का शेड्यूल 27 अक्टूबर 2025 को, जबकि 19 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लिए 14 मई 2026 को आयोग की सर्वसम्मत मंजूरी के बाद जारी किया गया था। तीसरे चरण के बाकी 12 राज्यों में अंतिम प्रकाशन के बाद ही मतदाताओं की संख्या का अंतिम आंकड़ा सामने आएगा।
ECI का यह जवाब और संबित पात्रा की टिप्पणी SIR प्रक्रिया को लेकर चल रहे राजनीतिक विवाद के बीच सामने आई है। यह विवाद 'इंडियन एक्सप्रेस' की एक रिपोर्ट के बाद शुरू हुआ था। रिपोर्ट में कहा गया था कि चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने 10 महीनों के दौरान वोटर लिस्ट में बदलाव की प्रक्रिया से जुड़े फैसलों और आदेशों पर कम से कम 14 बार आपत्ति जताई थी।
SIR तीनों आयुक्तों की सहमति और हस्ताक्षर से हुआ: संबित पात्रा
BJP सांसद संबित पात्रा ने समाचार एजेंसी ANI से कहा कि ECI के पत्र से अब यह स्पष्ट हो गया है कि SIR तीनों चुनाव आयुक्तों के हस्ताक्षर और पूरी सहमति से किया गया था। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने भी SIR के पक्ष में फैसला सुनाया है।
पात्रा ने कहा कि चुनाव आयोग की ओर से शनिवार को जारी सार्वजनिक बयान के अंतिम पन्ने पर एक तस्वीर है, जिसमें तीनों चुनाव आयुक्त एक साथ बैठे हुए दिखाई दे रहे हैं।
उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग पर किए जा रहे हमलों के संबंध में आज सच्चाई स्पष्ट रूप से सामने आ गई है। पात्रा ने BJP और ECI के बीच मिलीभगत का आरोप लगाने को लेकर कांग्रेस के नेतृत्व वाले विपक्ष की भी आलोचना की।
भाजपा का दावा- ECI के बयान से कांग्रेस और राहुल गांधी के आरोपों की पोल खुली
भाजपा ने शनिवार को कहा कि चुनाव आयोग के ताजा बयान से SIR मुद्दे पर कांग्रेस और राहुल गांधी के झूठ और दुष्प्रचार की पोल खुल गई है। भाजपा नेता रविशंकर प्रसाद ने कहा कि राहुल गांधी झूठ बोल रहे थे और दुष्प्रचार कर रहे थे। उन्होंने कहा कि वह एक गंभीर राजनेता नहीं हैं।
निर्वाचन आयोग ने शनिवार को कहा कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) से जुड़े सभी आदेश तीनों चुनाव आयुक्तों की मंजूरी के बाद जारी किए गए थे। आयोग ने यह भी कहा कि फॉर्म छह में किए गए बदलाव को सुप्रीम कोर्ट ने बरकरार रखा है। फॉर्म छह के जरिए मतदाता सूची में नाम शामिल किए जाते हैं।
इस पर प्रतिक्रिया देते हुए भाजपा के वरिष्ठ नेता रविशंकर प्रसाद ने कहा कि मीडिया में आई तथ्यात्मक रूप से गलत खबर के आधार पर विपक्ष, खासकर राहुल गांधी, निराधार और बेशर्मी भरे आरोप लगा रहे थे। प्रसाद ने अन्य विपक्षी दलों पर भी निशाना साधते हुए कहा कि उन्हें आयोग पर निराधार आरोप लगाने के बजाय चुनाव जीतने के लिए कड़ी मेहनत करनी चाहिए।
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