युवाओं को ‘तेलचट्टा’ कहने पर भड़के चिराग पासवान, बोले- ऐसी भाषा ठीक नहीं

HIGHLIGHTS
- चिराग पासवान ने युवाओं को ‘तेलचट्टा’ कहे जाने संबंधी जीतन राम मांझी के बयान पर नाराजगी जताई।
- उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में आंदोलन का अधिकार है, लेकिन प्रदर्शन शांतिपूर्ण होना चाहिए।
- एसआईआर और चुनाव प्रक्रिया पर आपत्ति होने पर विपक्ष से जनता के सामने अपना पक्ष रखने को कहा।
केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने युवाओं को ‘तेलचट्टा’ कहे जाने संबंधी केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी के बयान पर नाराजगी जताई है। उन्होंने कहा कि राजनीति के लिए कुछ लोग कुछ भी बोल देते हैं, लेकिन युवाओं के लिए इस तरह की भाषा का इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए। चिराग ने कहा कि युवाओं को ऐसे शब्दों से संबोधित करना बिल्कुल उचित नहीं है।
युवाओं के वोट चोरी के आरोपों को लेकर हो रहे प्रदर्शन और विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के मुद्दे पर भी चिराग पासवान ने अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में आंदोलन करना लोगों का अधिकार है, लेकिन विरोध प्रदर्शन शांतिपूर्ण तरीके से होना चाहिए। आंदोलन के नाम पर अराजकता का माहौल बनाना सही नहीं है।
शांतिपूर्ण आंदोलन देश को दिशा दिखाते हैं: चिराग
चिराग पासवान ने कहा कि छात्र और युवा आंदोलन समय-समय पर देश की दशा और दिशा बदलने में अहम भूमिका निभाते रहे हैं। ऐसे आंदोलनों ने दशकों तक देश को रास्ता दिखाया है। उन्होंने कहा कि युवाओं के आंदोलनों को गलत तरीके से पेश करने या उन्हें अराजकता से जोड़ने की कोशिश नहीं होनी चाहिए।
विपक्ष पर निशाना साधते हुए चिराग ने कहा कि यदि उसे एसआईआर या चुनाव प्रक्रिया को लेकर कोई आपत्ति है, तो उसे अपनी बात जनता के सामने रखनी चाहिए। जिन राज्यों में विपक्ष की सरकारें हैं, वहां भी उसे इस मुद्दे पर अपनी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि लोकसभा में विपक्षी सांसदों को इस्तीफा देकर सामने आने की बात कहने के बजाय लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखनी चाहिए।
ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग पर क्या बोले चिराग?
मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग पर चिराग पासवान ने कहा कि हर समस्या का समाधान इस्तीफा देने से नहीं होता। उन्होंने कहा, "अगर हर चीज का हल इस्तीफा देने से निकलता, तो चिराग पासवान कब का इस्तीफा दे दिया होता।"
चिराग ने कहा कि वह लगातार विभिन्न मुद्दों पर अपनी बात रखते रहे हैं और केंद्र सरकार के सामने भी कई विषयों पर सवाल उठा चुके हैं। उन्होंने अपनी भूमिका की तुलना सरकार में चौकीदार से करते हुए कहा कि जरूरत पड़ने पर वह सरकार के सामने भी सवाल खड़े करते हैं।
युवाओं के आंदोलन को राजनीति से जोड़ने पर विपक्ष पर निशाना
युवाओं के वोट चोरी के आरोपों को लेकर जारी प्रदर्शनों पर चिराग पासवान ने कहा कि कुछ लोग राजनीतिक फायदा उठाने के लिए देश के युवाओं और चुनाव प्रक्रिया को लेकर गलत संदेश देने की कोशिश करते हैं।
उन्होंने कहा कि यह नहीं भूलना चाहिए कि युवाओं ने समय-समय पर देश की दिशा बदलने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। चिराग ने दोहराया कि लोकतंत्र में विरोध और आंदोलन करना लोगों का अधिकार है, लेकिन इसकी मर्यादा बनाए रखना जरूरी है।
उन्होंने कहा कि शांतिपूर्ण आंदोलन लोकतंत्र को मजबूत करते हैं, जबकि किसी भी स्थिति में अराजकता का माहौल बनाना उचित नहीं है।
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