नेपाल के सुनसरी में सांप्रदायिक हिंसा के बाद तनाव बरकरार, दूसरे दिन भी कर्फ्यू जारी

HIGHLIGHTS
- नेपाल के सुनसरी जिले में सांप्रदायिक हिंसा के बाद दूसरे दिन भी कई इलाकों में कर्फ्यू और निषेधाज्ञा जारी रही।
- हिंसा में एक व्यक्ति की मौत हुई, जबकि सुरक्षाकर्मियों समेत एक दर्जन से अधिक लोग घायल हुए।
- प्रशासन शांति बहाली के लिए बैठकें कर रहा है, वहीं पड़ोसी मोरंग जिले में भी सुरक्षा सख्त कर दी गई है।
नेपाल के भारत-बिहार सीमा से सटे सुनसरी जिले में सांप्रदायिक हिंसा के बाद स्थिति अभी पूरी तरह सामान्य नहीं हुई है। मंगलवार को लगातार दूसरे दिन जिले के कई इलाकों में कर्फ्यू और निषेधाज्ञा लागू रही।
जिला प्रशासन कार्यालय (डीएओ) ने सुबह 7 बजे से शाम 7 बजे तक प्रतिबंध जारी रखने का आदेश दिया है। हिंसा में एक व्यक्ति की मौत हुई है, जबकि सुरक्षाकर्मियों समेत एक दर्जन से अधिक लोग घायल हुए हैं। प्रशासन का कहना है कि क्षेत्र में शांति व्यवस्था बहाल करने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
कई इलाकों में प्रतिबंध, बाजार क्षेत्रों में कर्फ्यू लागू
प्रशासन के अनुसार, हरिनगर और देवांगंज ग्रामीण नगरपालिकाओं के पूरे क्षेत्र में पाबंदियां लागू हैं। इसके अलावा हरिनगर, भुटाहा, कप्तानगंज, घुस्की और देवांगंज के पांच बाजार क्षेत्रों में कर्फ्यू लगाया गया है।
प्रभावित क्षेत्रों में रैली, प्रदर्शन, सार्वजनिक सभा, धरना और चार से अधिक लोगों के एकत्र होने पर रोक लगाई गई है।
हालांकि यात्रियों की सुविधा को देखते हुए सुनसरी से गुजरने वाले ईस्ट-वेस्ट हाईवे पर सुबह 7 बजे से दोपहर 3 बजे तक कर्फ्यू में राहत दी गई थी। इसके बाद दोपहर 3 बजे से फिर से कर्फ्यू लागू कर दिया गया।
धार्मिक कार्यक्रमों के दौरान विवाद के बाद भड़की हिंसा
जिला प्रशासन के मुताबिक, रविवार को कप्तानगंज क्षेत्र में दो अलग-अलग धार्मिक समुदायों की ओर से कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे थे। इसी दौरान लाउडस्पीकर के इस्तेमाल और धार्मिक झंडे लगाने को लेकर दोनों पक्षों में विवाद शुरू हो गया।
पहले दोनों पक्षों में कहासुनी हुई और बाद में मामला हिंसक झड़प में बदल गया। स्थिति बिगड़ने के बाद सुरक्षाबलों ने हस्तक्षेप किया।
पुलिस के अनुसार, भीड़ को नियंत्रित करने के लिए की गई फायरिंग में एक व्यक्ति की मौत हो गई। इस घटना में सुरक्षाकर्मियों सहित एक दर्जन से अधिक लोग घायल हुए हैं। घायलों में दो लोगों की हालत अभी भी गंभीर बताई जा रही है।
शांति बहाली के लिए प्रशासन कर रहा बैठकें
तनाव कम करने के लिए मुख्य जिला अधिकारी ईश्वरी प्रसाद अर्याल ने राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों और स्थानीय हितधारकों के साथ बैठक की। इस दौरान सुरक्षा स्थिति की समीक्षा की गई और शांति बहाल करने के उपायों पर चर्चा हुई।
कार्यवाहक मुख्य जिला अधिकारी पोषण लामिछाने ने बताया कि प्रशासन की पाबंदियों के बावजूद जिले के कुछ हिस्सों में प्रदर्शन जारी हैं।
उन्होंने कहा कि राजनीतिक दलों और नागरिक समाज के प्रतिनिधियों के साथ लगातार बातचीत की जा रही है, ताकि जिले में सामान्य स्थिति वापस लाई जा सके।
मोरंग जिले में भी प्रशासन ने बढ़ाई सतर्कता
सुनसरी में हुई हिंसा के बाद पड़ोसी मोरंग जिले का प्रशासन भी अलर्ट हो गया है। जिला प्रशासन कार्यालय ने पूरे जिले में धार्मिक, सांस्कृतिक और सामाजिक कार्यक्रमों में डीजे बजाने पर रोक लगा दी है।
प्रशासन ने कहा कि संवेदनशील हालात को देखते हुए यह फैसला एहतियात के तौर पर लिया गया है।
सुनसरी जिला भारत के बिहार से सटा नेपाल का एक महत्वपूर्ण व्यापारिक और आवागमन क्षेत्र माना जाता है। ऐसे में प्रशासन किसी भी नई अप्रिय घटना को रोकने के लिए लगातार निगरानी कर रहा है।
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