कनाडा में लुधियाना की दमनप्रीत कौर की हत्या, लिव-इन पार्टनर पर आरोप

HIGHLIGHTS
- कनाडा के एडमिंटन में लुधियाना की 23 वर्षीय दमनप्रीत कौर की हत्या, लिव-इन पार्टनर गिरफ्तार।
- पुलिस ने आरोपी रितिश कुमार पर द्वितीय श्रेणी हत्या का मामला दर्ज किया, जांच जारी।
- परिवार दमनप्रीत के शव को भारत लाने के लिए आर्थिक और भावनात्मक मुश्किलों का सामना कर रहा है।
लुधियाना के समराला की रहने वाली 23 वर्षीय दमनप्रीत कौर की कनाडा के एडमिंटन शहर में हत्या कर दी गई। आरोप है कि उसकी हत्या उसके लिव-इन पार्टनर ने गला घोंटकर की।
एडमिंटन पुलिस ने इस मामले को अंतरंग साथी (इंटिमेट पार्टनर) द्वारा की गई हत्या के रूप में दर्ज किया है। पुलिस ने 22 वर्षीय आरोपी रितिश कुमार को गिरफ्तार किया है, जो मूल रूप से दिल्ली का रहने वाला है। उसके खिलाफ द्वितीय श्रेणी हत्या का मामला दर्ज किया गया है। मामले की सुनवाई अभी अदालत में होनी बाकी है।
पुलिस के मुताबिक, सिल्वरबेरी इलाके के एक घर से एक युवती के गंभीर रूप से घायल होने की सूचना मिली थी। मौके पर पहुंची पुलिस ने दमनप्रीत को बेहोशी की हालत में अस्पताल पहुंचाया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में उसकी मौत गला घोंटने से होने की पुष्टि हुई। जांच पूरी होने तक पुलिस ने मौत के कारण को सार्वजनिक नहीं किया था, जिसके बाद इसे हत्या बताया गया।
पांच साल पहले गई थी कनाडा
दमनप्रीत करीब पांच साल पहले कनाडा गई थी। परिवार के अनुसार, उसकी पढ़ाई और अच्छे भविष्य के लिए उन्होंने कर्ज लेकर उसे विदेश भेजा था। परिवार को उम्मीद थी कि बेटी शिक्षा पूरी कर अपने पैरों पर खड़ी होगी और घर की आर्थिक परेशानियों को दूर करने में मदद करेगी। लेकिन अब परिवार के सामने बेटी की सफलता के सपनों की जगह उसकी अंतिम विदाई का दुख है।
समराला में दमनप्रीत की मौत की खबर पहुंचते ही इलाके में शोक फैल गया। रिश्तेदारों और स्थानीय लोगों का कहना है कि कई भारतीय परिवार अपने बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए जमीन बेचते हैं, कर्ज लेते हैं और वर्षों की मेहनत लगाते हैं। विदेश उनके लिए सिर्फ पढ़ाई या नौकरी का मौका नहीं, बल्कि पूरे परिवार की उम्मीदों से जुड़ा सपना होता है। ऐसे में किसी युवा की इस तरह मौत से परिवार की उम्मीदें भी टूट जाती हैं।
दमनप्रीत के पार्थिव शरीर को भारत लाने के लिए परिवार आर्थिक और भावनात्मक मुश्किलों से गुजर रहा है। उसकी अंतिम विदाई भारत में हो सके, इसके लिए परिवार की मदद के लिए एक ऑनलाइन सहायता अभियान भी शुरू किया गया है।
यह घटना विदेशों में रह रहे भारतीय विद्यार्थियों और युवाओं की सुरक्षा, उन्हें मिलने वाले सामाजिक और मानसिक सहयोग तथा निजी संबंधों में बढ़ती हिंसा को लेकर फिर से सवाल खड़े करती है। बेहतर भविष्य की तलाश में विदेश गए भारतीय परिवारों के लिए यह सिर्फ एक अपराध की घटना नहीं, बल्कि एक परिवार के सपनों के टूटने की दर्दनाक कहानी है।
Comments0
Leave a comment
Join the conversation — your email will not be published.






















Reader comments
No comments yet
Be the first to share your perspective on this story.