पूर्व IAS दिव्या मित्तल की राजा भैया के साथ तस्वीर वायरल, सियासी चर्चाएं तेज

HIGHLIGHTS
- राजा भैया के साथ उनकी एक तस्वीर सोशल मीडिया पर साझा की गई है।
- तस्वीर जनसत्ता दल लोकतांत्रिक के वरिष्ठ नेता डॉ. बृजेश सिंह राजावत ने पोस्ट की।
- राजावत ने दिव्या मित्तल की नई राजनीतिक पारी का स्वागत किया।
उत्तर प्रदेश की राजनीति में पूर्व भारतीय प्रशासनिक सेवा अधिकारी दिव्या मित्तल के अगले राजनीतिक कदम को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। प्रशासनिक सेवा से इस्तीफा देकर राजनीति में आने की घोषणा कर चुकीं पूर्व आईएएस दिव्या मित्तल की कुंडा विधायक रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया के साथ एक तस्वीर सामने आई है।
यह तस्वीर जनसत्ता दल लोकतांत्रिक के वरिष्ठ नेता डॉ. बृजेश सिंह राजावत ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा की है। तस्वीर सामने आने के बाद दिव्या मित्तल के राजनीतिक भविष्य को लेकर सियासी गलियारों में अटकलें लगाई जा रही हैं। हालांकि, दिव्या मित्तल पहले ही स्पष्ट कर चुकी हैं कि वह किसी राजनीतिक दल में शामिल नहीं होंगी।
जनसत्ता लोकतांत्रिक पार्टी के प्रदेश प्रधान महासचिव डॉ. बृजेश सिंह राजावत ने अपने एक्स अकाउंट से दिव्या मित्तल की तस्वीर साझा की थी।
राजावत ने पोस्ट में क्या लिखा?
डॉ. बृजेश सिंह राजावत ने अपनी पोस्ट में सवाल उठाया कि क्या उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक नया अध्याय शुरू होने जा रहा है। उन्होंने दिव्या मित्तल की नई राजनीतिक पारी का जिक्र करते हुए उनका स्वागत किया।
अपने संदेश में राजावत ने भारतीय प्रशासनिक सेवा के अनुभव और राजा भैया की जमीनी पकड़ को एक साथ जोड़ते हुए उत्तर प्रदेश की राजनीति में नई संभावना की ओर इशारा किया। उन्होंने सवाल किया कि क्या आईएएस का अनुभव और राजा भैया की जमीनी पकड़ प्रदेश की राजनीति को नई दिशा देने की शुरुआत कर सकती है।
राजावत की इस पोस्ट के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर भी दिव्या मित्तल के राजनीतिक भविष्य को लेकर चर्चाएं तेज हो गईं और राजनीतिक हलकों में नई बहस शुरू हो गई।
दिव्या मित्तल के राजनीतिक भविष्य को लेकर अटकलें
पूर्व आईएएस अधिकारी दिव्या मित्तल ने प्रशासनिक सेवा से इस्तीफा देकर सक्रिय राजनीति में आने की घोषणा की है। इसी बीच राजा भैया के साथ उनकी तस्वीर सामने आने से उनके अगले राजनीतिक कदम को लेकर चर्चाओं ने जोर पकड़ लिया है।
हालांकि, दिव्या मित्तल साफ कर चुकी हैं कि वह किसी राजनीतिक दल का हिस्सा नहीं बनेंगी। उनके इस बयान से उनके स्वतंत्र राजनीतिक रास्ते की बात सामने आई है।
राजनीति में आने का ऐलान कर चुकी हैं दिव्या मित्तल
हाल ही में स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति लेने वाली आईएएस दिव्या मित्तल ने मंगलवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपने वैरिफाइड हैंडल से वीडियो जारी कर सक्रिय राजनीति में आने की बात कही थी। उन्होंने कहा था कि वह स्वतंत्र रूप से राजनीति में आएंगी और किसी राजनीतिक दल में शामिल नहीं होंगी।
इस दौरान उन्होंने सरकारी व्यवस्था और नौकरशाही को लेकर भी सवाल उठाए। दिव्या मित्तल ने कहा कि उन्हें उन लोगों की आवाज बनना है, जिनकी आवाज किसी सरकारी दफ्तर तक नहीं पहुंचती और अगर पहुंचती भी है तो सुनी नहीं जाती।
उन्होंने कहा कि देश की आजादी के 80 साल का हिसाब उन लोगों की ओर से चाहिए, जिनके हजारों गांवों में आज भी सड़क और पुल नहीं हैं और जो पीढ़ियों से इनका इंतजार कर रहे हैं।
दिव्या मित्तल ने अपने निजी अनुभव का जिक्र करते हुए कहा कि वह एक साधारण परिवार की लड़की थीं। उन्होंने कहा कि देश ने उनसे वादा किया था कि पढ़ोगी तो बढ़ोगी और उन्होंने पढ़ाई की, जिसके बाद आज वह लोगों के सामने हैं।
उन्होंने उन बच्चों के भविष्य को लेकर भी सवाल उठाया जो रातभर पढ़ाई करते हैं और बाद में पेपर लीक हो जाता है। उन्होंने कहा कि पांच साल तक तैयारी करने के बाद फैसला किसी अदालत में चला जाता है।
किसानों और बच्चों के भविष्य को लेकर उठाए सवाल
दिव्या मित्तल ने किसानों और अभिभावकों का जिक्र करते हुए सवाल किया कि जो किसान अपनी जमीन गिरवी रखकर बेटे को इंजीनियर बना रहा है या जो मां अपने जेवर बेचकर बेटी को कोचिंग करा रही है, क्या उनका भविष्य सुरक्षित है।
उन्होंने कहा कि कोई ऐसा सदन नहीं है जहां इन मुद्दों पर बात हो रही हो और बच्चों के भविष्य की चिंता नहीं की जा रही है। उनके मुताबिक राजनीति में सत्ता, शिलान्यास और शोर तो है, लेकिन सोच नहीं है।
दिव्या मित्तल ने कहा कि उद्देश्य केवल एक राजनेता को बदलना नहीं है, बल्कि राजनीति को बदलना है।
'राजनीति शरीफ लोगों के लिए नहीं है'
दिव्या मित्तल ने कहा कि राजनीति शरीफ लोगों के लिए नहीं है और इसका जवाब उन्हें अपने इस्तीफे के कुछ घंटों के भीतर ही मिल गया।
उन्होंने दावा किया कि एक बड़ी पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता ने उनके बारे में लिखा कि वह रात के अंधेरे में दूसरी बड़ी पार्टी के एक बड़े नेता से मिली थीं। दिव्या मित्तल ने कहा कि ऐसी कोई मुलाकात हुई ही नहीं थी।
उन्होंने आरोप लगाया कि इसका उद्देश्य एक ऐसी महिला को पहले ही दिन डराना था, जो सवाल पूछने के लिए सामने आई है।
'FIR और ट्रोल कराकर डराने की कोशिश'
दिव्या मित्तल ने कहा कि लोगों को एफआईआर कराकर या ट्रोल कराकर डराने की कोशिश की जाती है, ताकि आम आदमी और अच्छे लोग राजनीति में न आएं और मौजूदा राजनीति चलती रहे।
उन्होंने कहा कि इस व्यवस्था को बदलने की जरूरत है।
'मैं डरूंगी नहीं, सवाल पूछूंगी'
दिव्या मित्तल ने कहा कि वह डरेंगी नहीं और सवाल पूछती रहेंगी। उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने उनका समर्थन किया है, उन्हीं के साथ एक ऐसा मंच बनाया जाएगा।
उन्होंने कहा कि उनके पास पैसा, बाहुबल या जाति-धर्म का समीकरण नहीं है। उनके मुताबिक चुनाव में खर्च होने वाला पैसा सड़क, पुल और स्कूल से आता है।
दिव्या मित्तल ने कहा कि जब वह अधिकारी थीं, तब न्याय करने से पहले उन्होंने कभी किसी का नाम नहीं पूछा और राजनीति में भी वह ऐसा नहीं करेंगी।
उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश की मिट्टी उनकी कर्मभूमि है, इसलिए राजनीतिक शुरुआत यहीं से होगी। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश ने हमेशा राह दिखाई है।
दिव्या मित्तल ने देवरिया में 'ऑपरेशन कब्जा मुक्ति' का जिक्र करते हुए कहा कि उस दौरान लोगों ने खुद सरकारी जमीनों से कब्जे छोड़े थे। उन्होंने लोगों से उन पर भरोसा करने के बजाय खुद पर भरोसा करने की बात कही।
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