इंडिया गठबंधन की बैठक में खरगे ने उठाए SIR, EVM और चुनाव आयोग से जुड़े मुद्दे

HIGHLIGHTS
- इंडिया अलायंस की बैठक बुधवार को दिल्ली में शुरू हुई।
- बैठक में देशभर से कई विपक्षी दलों के नेताओं के पहुंचने की संभावना है।
- गठबंधन के करीब 23 सहयोगी दलों के प्रतिनिधियों के शामिल होने की बात कही गई है।
नई दिल्ली। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने बुधवार को दिल्ली में इंडिया गठबंधन के नेताओं के साथ हुई बैठक में चुनाव आयोग, मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR), EVM और नए मतदाताओं के पंजीकरण से जुड़े मुद्दे उठाए। खरगे ने अपने शुरुआती संबोधन को सोशल मीडिया पर साझा करते हुए कहा कि लोकतंत्र में हर नागरिक के वोट का समान महत्व होना चाहिए।
'एक व्यक्ति, एक वोट, एक मूल्य' का जिक्र
खरगे ने कहा कि भारत की लोकतांत्रिक व्यवस्था की नींव इस सिद्धांत पर टिकी है कि प्रत्येक नागरिक को सरकार चुनने का समान अधिकार मिले। संविधान सभा का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि लोकतंत्र तभी सार्थक हो सकता है, जब हर पात्र नागरिक के वोट का समान मूल्य हो।
उन्होंने दावा किया कि वर्तमान समय में इस सिद्धांत के सामने गंभीर चुनौतियां हैं। खरगे के अनुसार, देशभर में नागरिकों और राजनीतिक दलों की ओर से चुनाव आयोग के कामकाज को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं।
SIR को लेकर खरगे ने जताई चिंता
कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि विपक्ष लंबे समय से EVM और मतदाता सूची में बदलाव को लेकर सवाल उठाता रहा है। उन्होंने राहुल गांधी की ओर से महादेवपुरा, अलंद, हरियाणा और महाराष्ट्र का हवाला देते हुए लगाए गए आरोपों का भी जिक्र किया।
खरगे ने कहा कि शिकायतों को स्वीकार करने के बजाय चुनाव आयोग ने SIR की प्रक्रिया शुरू की। उनके मुताबिक, चुनाव आयोग SIR को मतदाता सूची को अपडेट और व्यवस्थित करने की प्रक्रिया बताता है। हालांकि, यदि इस प्रक्रिया से बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम प्रभावित होते हैं तो यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि वास्तविक मतदाता अपने मतदान के अधिकार से वंचित न हों।
खरगे ने दावा किया कि SIR के दौरान 13.3 करोड़ मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं। हालांकि, यह आंकड़ा कांग्रेस की ओर से किया गया दावा है। चुनाव आयोग की आधिकारिक वेबसाइट पर SIR-2026 से संबंधित मतदाता सेवाएं और सूची उपलब्ध हैं।
नाम हटाने पर कारण और अपील का अधिकार मांगा
खरगे ने कहा कि यदि किसी मतदाता का नाम मतदाता सूची से हटाया जाता है तो यह सार्वजनिक किया जाना चाहिए कि किसका नाम हटाया गया और उसे हटाने की वजह क्या रही।
उन्होंने मांग की कि किसी वास्तविक मतदाता का नाम हटाने से पहले उसे उचित सूचना दी जाए, नाम हटाने का कारण बताया जाए और प्रभावी अपील की व्यवस्था उपलब्ध कराई जाए।
मुख्य चुनाव आयुक्त की भूमिका पर भी सवाल
खरगे ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की भूमिका को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने दावा किया कि चुनाव आयोग के दो अन्य सदस्यों ने पिछले 10 महीनों में 14 बार आपत्तियां दर्ज कराई हैं।
खरगे ने इसे आयोग के कामकाज और नेतृत्व की निष्पक्षता से जोड़ते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त को पद से हटाने की मांग की। यह मुद्दा इंडिया गठबंधन की बैठक के एजेंडे में भी प्रमुखता से शामिल है। विपक्षी दल SIR, चुनाव आयोग के कामकाज और मुख्य चुनाव आयुक्त को लेकर अपनी साझा रणनीति पर चर्चा कर रहे हैं।
खरगे ने 2023 में पारित चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति से जुड़े कानून का भी उल्लेख किया। उन्होंने आरोप लगाया कि इस व्यवस्था में मुख्य न्यायाधीश को चयन पैनल से हटाकर उनकी जगह एक केंद्रीय मंत्री को शामिल किया गया।
उन्होंने सुप्रीम कोर्ट की उस टिप्पणी का भी जिक्र किया, जिसमें चुनाव आयोग की स्वतंत्रता के साथ-साथ उसकी स्वतंत्र दिखाई देने वाली कार्यप्रणाली के महत्व पर जोर दिया गया था।
पहली बार वोट देने वाले युवाओं का मुद्दा उठाया
कांग्रेस अध्यक्ष ने पहली बार मतदान करने वाले युवाओं से जुड़े मुद्दे को भी उठाया। उन्होंने कहा कि भारत में हर साल बड़ी संख्या में युवा मतदान के योग्य होते हैं और उनके लिए मतदाता पंजीकरण की प्रक्रिया सरल होनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि पहली बार वोट देने वालों के लिए ऐसी प्रक्रियात्मक शर्तें नहीं होनी चाहिए, जो उनके सामने अनावश्यक बाधा खड़ी करें। उनका कहना था कि युवाओं की लोकतांत्रिक भागीदारी बढ़ाने के लिए पंजीकरण प्रक्रिया को आसान बनाया जाना चाहिए।
EVM की जगह बैलेट पेपर की मांग
EVM को लेकर खरगे ने कहा कि विपक्ष का रुख स्पष्ट है। उन्होंने चुनाव में दोबारा बैलेट पेपर के इस्तेमाल की मांग की।
खरगे ने कहा कि इससे चुनाव प्रक्रिया को लेकर लोगों के बीच विश्वास और भरोसा मजबूत करने में मदद मिलेगी।



























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