केंद्रीय कैबिनेट का किसानों के लिए बड़ा फैसला, गेहूं का MSP बढ़कर 2,610 रुपये हुआ

HIGHLIGHTS
- केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कैबिनेट के फैसलों की जानकारी दी।
- रबी विपणन सीजन 2027-28 के लिए गेहूं का नया MSP तय किया गया है।
- गेहूं की अनुमानित उत्पादन लागत 1,264 रुपये प्रति क्विंटल बताई गई है।
केंद्रीय कैबिनेट ने किसानों और देश के विकास से जुड़े कई अहम फैसलों को मंजूरी दी है। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि गेहूं के न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) में 25 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी की गई है। इसके अलावा तीन प्रमुख योजनाओं के लिए कुल 2,79,157 करोड़ रुपये से अधिक की राशि स्वीकृत की गई है।
रबी विपणन सीजन 2027-28 के लिए गेहूं का MSP अब 2,610 रुपये प्रति क्विंटल कर दिया गया है। सरकार के इस फैसले के तहत किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य मिल सकेगा। कैबिनेट ने रबी फसलों की मूल्य नीति के लिए 90,962 करोड़ रुपये की मंजूरी दी है। यह राशि रबी विपणन सीजन 2027-28 के लिए निर्धारित की गई है।
केंद्रीय मंत्री के मुताबिक, कृषि लागत एवं मूल्य आयोग (CACP) ने छह प्रमुख रबी फसलों के लिए MSP की सिफारिश की है।
- गेहूं: गेहूं की अनुमानित उत्पादन लागत 1,264 रुपये प्रति क्विंटल है। इसके लिए CACP ने 2,610 रुपये प्रति क्विंटल MSP की सिफारिश की है। इस दर पर किसानों को उत्पादन लागत पर 106 प्रतिशत का सबसे अधिक शुद्ध मुनाफा मार्जिन मिलेगा।
- सरसों/रेपसीड: सरसों की अनुमानित उत्पादन लागत 3,367 रुपये प्रति क्विंटल है। इसका अनुशंसित MSP 6,613 रुपये प्रति क्विंटल रखा गया है। इससे लागत पर 96 प्रतिशत का मार्जिन मिलेगा।
- मसूर: मसूर की उत्पादन लागत 3,854 रुपये प्रति क्विंटल आंकी गई है, जबकि इसका अनुशंसित MSP 7,390 रुपये प्रति क्विंटल है। इससे किसानों को 92 प्रतिशत का मुनाफा मिलेगा।
- चना: चने की अनुमानित उत्पादन लागत 3,751 रुपये प्रति क्विंटल है। इसके लिए 5,958 रुपये प्रति क्विंटल MSP की सिफारिश की गई है, जो लागत पर 59 प्रतिशत का मार्जिन सुनिश्चित करता है।
- जौ: जौ की उत्पादन लागत 1,447 रुपये प्रति क्विंटल है और इसका अनुशंसित MSP 2,286 रुपये प्रति क्विंटल तय किया गया है। इससे 58 प्रतिशत का मुनाफा मार्जिन मिलेगा।
- कुसुम: कुसुम की अनुमानित उत्पादन लागत 4,810 रुपये प्रति क्विंटल है। इसके मुकाबले 7,215 रुपये प्रति क्विंटल MSP की सिफारिश की गई है, जिससे 50 प्रतिशत का मुनाफा मार्जिन मिलेगा।
पीएम धारा योजना के लिए 1,86,405 करोड़ रुपये मंजूर
कैबिनेट ने एक अन्य महत्वपूर्ण फैसले के तहत पीएम धारा (डेवलपिंग हार्मोनाइज्ड एंड एक्सलरेटेड रिन्यूएबल एनर्जी एक्सेस) योजना के लिए 1,86,405 करोड़ रुपये की मंजूरी दी है। यह योजना नवीकरणीय ऊर्जा तक पहुंच बढ़ाने पर केंद्रित है।
इसके साथ ही बैटरी ऊर्जा भंडारण प्रणालियों के साथ इंटर स्टेट ट्रांसमिशन सिस्टम के विकास के लिए ग्रीन एनर्जी कॉरिडोर चरण-III योजना को भी मंजूरी दी गई है। यह योजना 2035 तक 900 गीगावाट गैर-जीवाश्म ईंधन क्षमता स्थापित करने के लक्ष्य को हासिल करने में मदद करेगी।
दिल्ली में ITMS के लिए 1,790 करोड़ रुपये
राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली में इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (ITMS) को भी कैबिनेट की मंजूरी मिली है। इस सिस्टम के लिए 1,790 करोड़ रुपये की राशि आवंटित की गई है। इससे दिल्ली में यातायात प्रबंधन को आधुनिक बनाने में मदद मिलेगी।
किसानों को क्या लाभ मिलेगा?
रबी विपणन सीजन 2027-28 के लिए गेहूं के MSP में 25 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी की गई है। अब गेहूं का MSP 2,610 रुपये प्रति क्विंटल हो गया है। इससे किसानों को उनकी फसल का उचित मूल्य मिलने में मदद मिलेगी।
सरकार ने रबी फसलों की मूल्य नीति के लिए 90,962 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। इससे कृषि क्षेत्र में स्थिरता और किसानों की आय में सुधार की उम्मीद है।
अन्य प्रमुख फैसले
कैबिनेट ने पीएम धारा योजना के लिए 1,86,405 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की है। योजना का उद्देश्य नवीकरणीय ऊर्जा की पहुंच को सुसंगत और तेज करना है।
इसके अलावा ग्रीन एनर्जी कॉरिडोर चरण-III के तहत बैटरी ऊर्जा भंडारण प्रणालियों के साथ इंटर स्टेट ट्रांसमिशन सिस्टम विकसित किया जाएगा। वहीं, दिल्ली में ITMS के लिए 1,790 करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा।
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