श्रीरामपुर में ममता की सभा से पहले हंगामा, कुणाल घोष की कार पर फेंके गए अंडे

HIGHLIGHTS
- उत्तरपाड़ा में घटना होने की रिपोर्ट सामने आई।
- कुणाल घोष ने पुलिस की मौजूदगी पर सवाल उठाया।
- ममता बनर्जी ने कार्यकर्ताओं से शांति बनाए रखने की अपील की।
पश्चिम बंगाल के हुगली जिले के श्रीरामपुर में पूर्व मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी की रैली से पहले राजनीतिक तनाव की स्थिति बन गई। शनिवार को रैली में शामिल होने जा रहे टीएमसी विधायक कुणाल घोष की कार पर अंडे फेंके जाने की खबर सामने आई। रिपोर्टों के अनुसार, यह घटना उत्तरपाड़ा इलाके में हुई। इस दौरान कुछ लोगों ने पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के खिलाफ काले झंडे दिखाए और नारेबाजी की।
कुणाल घोष ने घटना को लेकर क्या कहा?
घटना पर कुणाल घोष ने आरोप लगाया कि उनकी कार को रास्ते में रोका गया और उस पर अंडे फेंके गए। उनका कहना है कि घटना के समय मौके पर पुलिसकर्मी मौजूद नहीं थे। घोष ने मामले में शिकायत दर्ज कराने की बात कही है। वहीं, टीएमसी नेताओं ने आरोप लगाया कि इस घटना के पीछे भाजपा का हाथ है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
ममता बनर्जी ने भी लगाए आरोप
टीएमसी विधायक कुणाल घोष पर कथित हमले को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने लोगों से बंगाल में शांति बनाए रखने और किसी तरह की परेशानी खड़ी नहीं करने की अपील की। ममता बनर्जी ने कहा कि कोर्ट के आदेश के तहत श्रीरामपुर में सभा आयोजित की जा रही है, लेकिन रास्ते में टीएमसी कार्यकर्ताओं को रोका जा रहा है और उनके साथ मारपीट की जा रही है।
ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि भाजपा से जुड़े लोगों ने टीएमसी कार्यकर्ताओं पर हमला किया और कई लोगों को घेर लिया। उनके मुताबिक, कुछ वाहनों में तोड़फोड़ भी की गई। उन्होंने कहा कि कुणाल घोष भी घायल हुए हैं। ममता बनर्जी ने बताया कि वह खुद मौके पर जा रही हैं और वहां की स्थिति का जायजा लेंगी।
वैकल्पिक रास्ते से श्रीरामपुर के लिए रवाना हुईं ममता
श्रीरामपुर जाने के लिए ममता बनर्जी ने उत्तरपाड़ा के रास्ते के बजाय डानकुनी और दिल्ली रोड का रास्ता चुना। उनके काफिले के साथ पुलिस का एक वाहन भी देखा गया। ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि रैली स्थल तक पहुंचने वाले रास्ते पर भाजपा समर्थकों ने कब्जा कर रखा है और वहां पर्याप्त संख्या में पुलिस बल मौजूद नहीं है। उन्होंने पुलिस और प्रशासन की भूमिका पर भी सवाल उठाए।
भाजपा ने आरोपों को किया खारिज
ममता बनर्जी की ओर से लगाए गए आरोपों को पश्चिम बंगाल भाजपा ने खारिज कर दिया। भाजपा प्रवक्ता देबजीत सरकार ने कहा कि कुणाल घोष पर कथित हमले में पार्टी कार्यकर्ताओं की कोई भूमिका नहीं है। उन्होंने ममता बनर्जी और टीएमसी की ओर से लगाए गए आरोपों को निराधार बताया।
इससे पहले रैली से एक दिन पहले टीएमसी ने दावा किया था कि उसके कई कार्यकर्ताओं को पुलिस ने हिरासत में लिया है। इसी दौरान पुलिस ने दो टीएमसी कार्यकर्ताओं को कथित जबरन वसूली के मामलों में गिरफ्तार किया था। दोनों पक्षों की ओर से लगाए जा रहे आरोपों के बीच श्रीरामपुर में रैली और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर तनाव बना हुआ है।
श्रीरामपुर में आज ममता बनर्जी की रैली
ममता बनर्जी शनिवार को हुगली के श्रीरामपुर कोर्ट मैदान में सार्वजनिक सभा को संबोधित करने वाली हैं। कलकत्ता हाईकोर्ट ने कुछ शर्तों के साथ इस सभा की अनुमति दी है। अदालत के आदेश के मुताबिक, सभा शाम 4 बजे से 6 बजे तक आयोजित की जा सकती है और इसमें अधिकतम 1,000 लोगों के शामिल होने की सीमा तय की गई है।
पुलिस कार्रवाई को लेकर भी विवाद
रैली से एक दिन पहले टीएमसी ने दावा किया था कि पुलिस ने जिले में पार्टी के 150 से अधिक कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया है। पार्टी ने हिरासत में लिए गए लोगों में महिलाओं के शामिल होने का भी दावा किया। टीएमसी सांसद कल्याण बनर्जी ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए।
वहीं, पुलिस ने दो टीएमसी कार्यकर्ताओं को कथित जबरन वसूली के मामलों में गिरफ्तार किया था। टीएमसी नेताओं ने पुलिस पर रैली में बाधा डालने का आरोप लगाया, जबकि स्थानीय भाजपा विधायक और मंत्री भास्कर भट्टाचार्य ने इन दावों को खारिज कर दिया।
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