पश्चिमी यूपी में बारिश का कहर, मेरठ में 15 साल का रिकॉर्ड टूटा; कई जिलों में बाढ़ जैसे हालात

HIGHLIGHTS
- पश्चिमी यूपी में लगातार बारिश से हालात बिगड़े, मेरठ में जुलाई की बारिश ने 15 साल का रिकॉर्ड तोड़ा।
- सहारनपुर, मुजफ्फरनगर और बिजनौर समेत कई जिलों में जलभराव, सड़क क्षति और बाढ़ जैसे हालात बने।
- भारी बारिश के चलते यातायात प्रभावित, कई इलाकों में बिजली आपूर्ति बाधित और प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की।
पश्चिमी उत्तर प्रदेश में मानसून पूरी तरह सक्रिय हो गया है। लगातार दूसरे दिन हुई मूसलाधार बारिश ने कई जिलों में हालात बिगाड़ दिए हैं। भारी बारिश के कारण जहां कई जगह जलभराव की स्थिति बन गई है, वहीं कुछ जिलों में पुराने रिकॉर्ड भी टूट गए हैं। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटे के लिए कई क्षेत्रों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।
मेरठ में जुलाई की बारिश ने तोड़ा 15 साल का रिकॉर्ड
मेरठ में लगातार बारिश का दौर गुरुवार को भी जारी रहा। सुबह से लेकर शाम तक रुक-रुककर हुई तेज बारिश से शहर के कई हिस्सों में पानी भर गया और यातायात प्रभावित हुआ।
मौसम विभाग के अनुसार, जुलाई के शुरुआती नौ दिनों में मेरठ में 201.2 मिमी बारिश दर्ज की गई है, जो पिछले 15 वर्षों में सबसे अधिक है। वहीं, करीब 33 घंटे के दौरान 201.2 मिमी बारिश दर्ज की गई। गुरुवार को दिनभर हुई बारिश से अधिकतम तापमान गिरकर 26.1 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया।
घने बादलों के कारण दिन में भी दृश्यता कम रही। दिल्ली-देहरादून हाईवे पर वाहन चालकों को हेडलाइट जलाकर चलना पड़ा। सड़कों पर जलभराव के कारण कई जगह जाम की स्थिति बनी रही। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, अगले 24 घंटे में पश्चिमी यूपी में भारी बारिश की संभावना बनी हुई है।
सहारनपुर में बाढ़ जैसे हालात, कई गांवों का संपर्क प्रभावित
सहारनपुर में एक दिन में 126 मिमी बारिश दर्ज की गई, जो पिछले पांच वर्षों में सबसे अधिक है। लगातार बारिश से कई इलाकों में जलभराव हो गया।
शाकंभरी देवी क्षेत्र में जलस्तर बढ़ने से बाढ़ जैसे हालात बन गए। शाकंभरी, मिर्जापुर और बिहारीगढ़ क्षेत्रों में बरसाती नदियां उफान पर आ गईं, जिससे कई गांवों का संपर्क प्रभावित हुआ। मिर्जापुर क्षेत्र में नदी के तेज बहाव में बहे दो बाइक सवारों को ग्रामीणों ने सुरक्षित बचा लिया।
शामली में हादसा, एक की मौत; कई लोग घायल
शामली में बारिश ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। जिले में 84 मिमी बारिश दर्ज की गई। थानाभवन में आरा मशीन की दीवार और टीन शेड गिरने से संचालक शाहिद (49) की मौत हो गई, जबकि उनके दो बेटे घायल हो गए।
इसके अलावा कैराना में एक मकान की कच्ची छत गिर गई, जबकि लिसाढ़ गांव में बिजली के खंभे में करंट आने से एक मवेशी की मौत हो गई।
बागपत में मकान और सड़कें क्षतिग्रस्त
बागपत में तीन दिनों से जारी बारिश से जनजीवन प्रभावित हुआ है। कई गांवों में मकानों की छतें गिरने से लोग घायल हुए हैं। भाजपा कार्यालय की दीवार और पूठड़ गांव के प्राथमिक विद्यालय की दीवार भी क्षतिग्रस्त हो गई।
चमरावल-धौली प्याऊ मार्ग का एक हिस्सा बह जाने से यातायात प्रभावित हुआ। जिले में 24 घंटे के दौरान 54 मिमी बारिश दर्ज की गई।
मुजफ्फरनगर में पांच साल का रिकॉर्ड टूटा
मुजफ्फरनगर में बारिश ने पिछले करीब पांच वर्षों का रिकॉर्ड तोड़ दिया। जिले में अब तक 182.8 मिमी बारिश दर्ज की गई है।
पौड़ी हाईवे पर जलभराव से यातायात प्रभावित हुआ और बिजनौर बॉर्डर पर जाम लग गया। सोलानी नदी में पानी बढ़ने से पुरकाजी खादर क्षेत्र में जलभराव की स्थिति बनने लगी। मंसूरपुर के पास एक मार्ग का हिस्सा पानी में बह गया।
प्रशासन ने स्थिति को देखते हुए कक्षा 12 तक के स्कूलों में शुक्रवार को अवकाश घोषित कर दिया है।
बिजनौर में 175 मिमी से ज्यादा बारिश, कई रास्ते बंद
बिजनौर में भी भारी बारिश से हालात खराब हो गए हैं। जिले में 175.6 मिमी बारिश दर्ज की गई। कई सड़कों पर पानी भर गया और नदियां उफान पर आ गईं।
मालन नदी के तेज बहाव में बरमपुर-पुंडरीकला के बीच बना अस्थायी पुल बह गया। बैराज से मीरापुर क्षेत्र में जलभराव के कारण बिजनौर का मेरठ और मुजफ्फरनगर से सीधा संपर्क प्रभावित हुआ है।
प्रशासन ने यातायात को वैकल्पिक मार्गों से डायवर्ट किया है। कई बिजलीघरों में पानी भरने से बिजली आपूर्ति भी बाधित हुई। अधिकारियों ने लोगों से सतर्क रहने और अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है।
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