तेलंगाना में NIMS डॉक्टर के ठिकानों पर ACB की कार्रवाई, 200 करोड़ से ज्यादा की संपत्ति का दावा

HIGHLIGHTS
- तेलंगाना ACB ने डॉ. नोरी लक्ष्मी भास्कर के खिलाफ जांच तेज की है।
- डॉ. लक्ष्मी भास्कर NIMS में एडिशनल मेडिकल सुपरिंटेंडेंट और प्रोफेसर हैं।
- अदालत से सर्च वारंट मिलने के बाद पांच ठिकानों पर तलाशी ली गई।
हैदराबाद। तेलंगाना एंटी-करप्शन ब्यूरो (ACB) ने निजाम इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (NIMS) के एडिशनल मेडिकल सुपरिंटेंडेंट और प्रोफेसर डॉ. नोरी लक्ष्मी भास्कर के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति के मामले में जांच तेज कर दी है।
ताजा छापों में क्या-क्या मिला?
अदालत से सर्च वारंट मिलने के बाद ACB की टीमों ने हैदराबाद और आसपास के इलाकों में कुल 5 ठिकानों पर छापेमारी की। इस दौरान NIMS सरकारी अस्पताल में काम करने वाले एक नाई के घर से 4.94 लाख रुपये नकद बरामद हुए। अब ACB यह पता लगाने में जुटी है कि डॉक्टर के साथ उस नाई के वित्तीय संबंध क्या हैं।
जांच के दौरान महेश्वरम में तीन कृषि भूमि से जुड़े दस्तावेज भी मिले हैं। इनकी अनुमानित बाजार कीमत करीब 57 लाख रुपये बताई गई है। इसके अलावा हैदराबाद के पॉश इलाके बंजारा हिल्स की 'MLA कॉलोनी' में एक खुला प्लॉट भी मिला है। इसकी बुक वैल्यू करीब 2.7 करोड़ रुपये है, जबकि बाजार में इसकी कीमत इससे कई गुना अधिक बताई जा रही है। यह प्लॉट आउटसोर्सिंग कर्मचारी डी. गणेश और अन्य सहयोगियों से जुड़ा बताया गया है।
इसके अलावा 20 लाख रुपये के दो निवेश पोर्टफोलियो और 3 लाख रुपये के हैंड-लोन की रसीदें भी मिली हैं। ACB अधिकारियों के अनुसार, इन नई संपत्तियों के सामने आने के बाद गिरफ्तार किए गए NIMS डॉक्टर की कुल संपत्ति का बाजार मूल्य 200 करोड़ रुपये से अधिक पहुंच सकता है।
पहले की छापेमारी में भी मिली थीं कई संपत्तियां
इससे पहले 22 सितंबर को ACB ने एर्रागड्डा स्थित डॉक्टर के आवास के साथ उनके रिश्तेदारों और सहयोगियों के ठिकानों पर छापेमारी की थी। उस कार्रवाई में भी कई संपत्तियों का खुलासा हुआ था।
जानकारी के मुताबिक, पिछली छापेमारी में 8 रिहायशी फ्लैट और यादद्री, नंदीगामा, शमीरपेट तथा विशाखापत्तनम में चार खुले प्लॉट मिले थे। इसके अलावा बैंक में 41 लाख रुपये, पोस्ट ऑफिस में 12 लाख रुपये, प्राइवेट फाइनेंस में 35 लाख रुपये और म्यूचुअल फंड में 29.55 लाख रुपये पाए गए थे।
छापेमारी के दौरान करीब 517.8 ग्राम सोना, तीन लग्जरी गाड़ियां- जैगुआर, ऑडी और टाटा नेक्सन- चार दोपहिया वाहन तथा 5 लाख रुपये के इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स भी मिले थे।
एसीबी किन बिंदुओं की जांच कर रही है?
डॉ. लक्ष्मी भास्कर के खिलाफ यह मामला 21 सितंबर को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 13(1)(b) और 13(2) के तहत दर्ज किया गया था। ACB अब बरामद दस्तावेजों की गहन जांच कर रही है। एजेंसी यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि सामने आई संपत्तियों को किन-किन बेनामी लोगों के नाम पर छिपाकर रखा गया था।
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